जिला पंचायत सदस्य का कौन उठा रहा खर्च, विपक्ष हमलावर Aligarh news

चुनाव से पहले जनता की तन-मन-धन से सेवा करने का दंभ भरने वाले जिला पंचायत सदस्यों के हसीन वादियों में सैर से सवाल उठने लगा है। आखिर इतना महंगा सैर-सपाटा का खर्च कौन उठा रहा है? भाजपा नेताओं के साथ उनके फोटो वायरल हो रहे हैं।

Anil KushwahaThu, 24 Jun 2021 06:17 AM (IST)
जिला पंचायत सदस्यों के हसीन वादियों में सैर से सवाल उठने लगा है।

अलीगढ़, जेएनएन । चुनाव से पहले जनता की तन-मन-धन से सेवा करने का दंभ भरने वाले जिला पंचायत सदस्यों के हसीन वादियों में सैर से सवाल उठने लगा है। आखिर इतना महंगा सैर-सपाटा का खर्च कौन उठा रहा है? भाजपा नेताओं के साथ उनके फोटो वायरल हो रहे हैं। इसपर विपक्ष भी हमलावर हो गया है। वो भाजपा पर जिला पंचायत सदस्यों के खरीद-फरोख्त तक के आरोप लगा रहा है। विपक्ष कह रहा है कि शुचिता की बात करने बाले लोगों का असली चेहरा सामने आ गया है।

कुर्सी को लेकर शुरु से ही राजनीति गरमाई

जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर शुरुआत से ही राजनीति गरमाई थी। चौधरी सुधीर सिंह के रालाेद में जाने से भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी हो गई थी। मगर, एक ही बार में बाजी पटली और सुधीर सिंह भाजपा के पाले में आकर खड़े हो गए। उसके बाद भाजपा ने दावा किया कि उसके पास 40 सदस्य हैं। हालांकि बहुमत के लिए 24 सदस्यों की जरूरत है। ये सभी सदस्य 10 दिनों से अधिक समय से उत्तराखंड में बताए गए हैं। सदस्यों की रामनगर स्थित जिम कार्वेट नेशनल पार्क में सैर-सपाटे की फोटो खूब चर्चाओं में है। बच्चे भी फोटो में खेलते हुए देखे जा रहे हैं। जानकारो की मानें तो इतने लोगों के रहने, खाने व टहलने का एक दिन का खर्च ही लाखों में बैठेगा। ये कौन वहन कर रहा है? ये बड़ा सवाल है। चुनाव के समय जनता की ईमानदारी से सेवा करने का वायदा करने वाले सदस्यों पर भी तंज कसे जा रहे हैं।

जमकर हो रही है खातिरदारी

जिला पंचायत सदस्यों की हसीन वादियों में जमकर खातिरदारी हो रही है। बताया जाता है कि सदस्यों के अनुसार ही प्रतिदिन का मीनू तय होता है। सदस्यों के परिवार की महिलाओं और बच्चों ने मीनू में कुछ अलग मांग की तो उसे भी पूरा किया जाता है। चर्चा है कि सुबह चाय, नौ बजे नाश्ता, दोपहर का लंच, शाम को फिर नाश्ता और रात में डिनर सब तय समय पर मिलता है। जिस होटल में ठहरे हैं वहां पार्टी जैसा माहौल है। पूरी वीआइपी व्यवस्था है। जिन स्थानों पर घूमने-फिरने को कह देते हैं, वहां तुरंत ले जाने की भी व्यवस्था की जाती है। कुल मिलाकर किसी भी तरह से सदस्यों को नाखुश नहीं होने दिया जाता है।

दो की शाम को आने की संभावना

जिला पंचायत सदस्यों के दो की शाम को आने की संभावना है। तीन को चुनाव है और उसी दिन मतगणना है, इसलिए संभावना जताई जा रही है कि वह दो की शाम को आ जाएंगे। तीन को मतदान करेंगे। मतदान के दिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी। यदि सदस्यों के इधर-उधर होने का तनिक भी अंदेशा रहेगा तो तीन की सुबह भी आ सकते हैं।

जिलाध्यक्षों के बोल

सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाने वाले पहले अपने को देखें। वो किस प्रकार से दंबगई से काम करते थे। भाजपा ने कभी सत्ता का दुरुपयोग नहीं किया है। हमारे पास बहुमत है, जिला पंचायत अध्यक्ष पार्टी का बनेगा। आरोप लगाने वालों को अपने पुराने दिन याद रखने चाहिए।

चौधरी ऋषिपाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष

जिला पंचायत सदस्यों के घूमने-फिरने और उनके खाने-पीने व रहने का खर्चा कौन उठा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए? क्योंकि इतने दिनों से जिला पंचायत सदस्य अपने घर और क्षेत्र में नहीं हैं तो यह विचारणीय प्रश्न है। सत्ता की हनक में लोकतंत्र की हत्या हो रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

गिरीश यादव, सपा जिलाध्यक्ष

सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है। सदस्यों को दवाब बनाकर उन्हें उठाया गया है। सरकारी मशीनरी से मनमर्जी तरीके से काम लिया जा रहा है। शुचिता की बात करने वाली भाजपा को अंर्तमन में झांकने की जरूरत है। सदस्य घरों पर नहीं हैं, उनका एक साथ एकत्र होना लोकतंत्रातिक व्यवस्था पर सवाल उठता है।

रतन दीप सिंह, जिलाध्यक्ष बसपा

जिला पंचायत चुनाव में सत्ता की हनक साफ दिख रही है। भाजपा ने सभी सदस्यों को किडनेप करके रखा है। वहीं, उनका खर्चा उठा रही है। पूरी तरह तानाशाही हावी है। किसानों की फसल मंडियों में पड़ी है, मगर भाजपाई उनकी च़िंता छोड़कर सदस्यों को खरीद़ते फिर रहे हैं।

- च़ौ. सुरेंद्र सिंह, कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष

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