यूपी महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी के बयान पर बवाल, विपक्ष ने रुढ़िवादी मानसिकता से ग्रसित बताया Aligarh News

उप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी के लड़कियों के मोबाइल देने को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद वह चहुंतरफा घिर गईं हैं। विपक्ष उनपर हमलावर हो गया है। उनसे कह रहा है कि भाजपा रुढि़वादी मानसिकता को बढ़ावा दे रही है।

Sandeep Kumar SaxenaFri, 11 Jun 2021 09:03 AM (IST)
उप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी ने दिया विवादित बयान।

अलीगढ़, जेएनएन। उप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी के लड़कियों के मोबाइल देने को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद वह चहुंतरफा घिर गईं हैं। विपक्ष उनपर हमलावर हो गया है। उनसे कह रहा है कि भाजपा रुढि़वादी मानसिकता को बढ़ावा दे रही है। तकनीकी युग में जहां लड़कियां मोबाइल कंप्यूटर के माध्यम से आगे बढ़ रहीं हैं, वहीं मीना कुमारी मोबाइल देने से मना कर रही हैं।

महिलाओं के प्रति इनमें कोई सम्मान नहीं

एएमयू के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम अंसारी ने कहा कि टेक्नोलाजी के फायदे और नुकसान दोनों होते है, जो लोग मोबाइल से लड़कियों का भागना बता रहे हैं, वो पहले अपनी मानसिक स्थिति ठीक करें। मौजूदा सरकार के लोग हमेशा ऐसे बयान देते रहते है जिससे वो सुर्खियों में रहे, वास्तव में ऐसे मुद्दों पर बोलने वाले लोगो के बारे में चर्चा ही नहीं करना चाहिए, जो लोग नकाब, तीन तलाक पर बोलते थे, वो अब अपने घर की बहन, बेटियों को मोबाइल पर बातें भी नहीं करने देते हैं। इससे पता चलता है कि महिलाओं के प्रति इनमें कोई सम्मान नहीं है।

रुढि़वादी मानसिकता को मिलेगा बढ़ावा

सवा नेत्री लक्ष्मी धनगर ने कहा कि उप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी का बयान अशोभनीय एवं ङ्क्षनदनीय है। आज मोबाइल व कप्यूटर लड़कियों की सुरक्षा व विकास के लिए आवश्यक पहलू है। राज्य महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा दिलाने में असफल रहा हैं। महिला आयोग संवैधानिक संस्था है, ऐसे बयानों से उसकी गरिमा प्रभावित होती है। पुरुषों और महिलाओं में गैर बराबरी की रूढि़वादी पुरातन सोच को बढ़ावा मिलेगा। लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा एवं आत्म सम्मान प्रभावित होगा।

संस्कार पर ध्यान देने की जरूरत

विष्णुपुरी निवासी समाजसेवी अर्चना रंजन ने कहा कि यदि घर के संस्कार ठीक होंगे तो लड़के-लड़कियों को मोबाइल देने से कोई दिक्कत नहीं होगी। समय के अनुसार तमाम चीजें बदल रही हैं। मोबाइल और कप्यूटर बच्चों को आगे बढऩे में मदद करते हैं। इसलिए यह कहना कि उससे वह बिगड़ रहे हैं गलत है। हम बच्चों पर ध्यान दें, उन्हें संस्कार से जोड़ें यह बेहतर होगा न कि यह कहें कि लड़कियों को मोबाइल नहीं देना चाहिए।

मीना कुमारी ने यह दिया बयान

लड़कियों के मोबाइल फोन उपयोग पर उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी के विवादित बयान का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें कहा है कि मोबाइल पर बात करते-करते कई बार लड़कियां भाग जाती हैं और शादी कर लेती हैं। उनके पास कई मामले ऐसे आए हैं। इसलिए कम उम्र में बच्चियों को मोबाइल न दें। वीडियो वायरल होने पर मीना कुमारी ने सफाई दी है। कहा कि उनका बयान तोड़मरोड़कर पेश किया गया है। ये वीडियो बुधवार का बताया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में महिलाओं की समस्याएं सुनने के बाद दुष्कर्म के बढ़ते मामलों को लेकर उनसे सवाल किया गया था, जिस पर उन्होंने कहा कि सख्ती तो खूब हो रही है। इस तरह के केस रुक नहीं रहे। समाज को भी इसमें पैरवी करनी पड़ेगी। बेटियों को भी देखना पड़ेगा, कहा जा रही हैैं। किस लड़कों के साथ उठती-बैठती हैं, इसपर हमें ध्यान देना पड़ेगा। लड़कियां घंटों मोबाइल पर बात करतीं हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की वजह से भी महिलाओं के प्रति अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी ने कहा कि लड़कियों के मोबाइल भी चेक नहीं किये जाते। उन्होंने अपील की है कि कम उम्र की बच्चियों को मोबाइल न दें। यदि मोबाइल दिया जाता है तो उस पर पूरी तरह से नजर रखी जाए। यदि आज बेटियां बिगड़ गई हैं तो उसके लिए उनकी माताएं भी जिम्मेदार हैं।

यह दी सफाई

मीना कुमारी अलीगढ़ की अवंतिका में रहती हैैं। उन्होंने गुरुवार को अपने बयान पर सफाई दी। कहा, उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने मोबाइल के लिए मना नहीं किया। बल्कि यह कहा कि बच्चियों को मोबाइल देते समय ध्यान भी रखना चाहिए। क्योंकि आजकल इंटरनेट मीडिया खोलते हुए वह कहीं और भी चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि लड़कियों को मोबाइल देने व न देने की जिम्मेदारी उनके अभिभावक की है। उसे वह तय करेंगे, इसमें वह कोई हस्तक्षेप नहीं करतीं।

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