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रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी का ट्वीट, प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त Aligarh News

रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी का ट्वीट, प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त Aligarh News
Publish Date:Wed, 12 Aug 2020 10:50 PM (IST) Author: Sandeep Saxena

अलीगढ़ जेएनएन : इगलास के भाजपा विधायक राजकुमार सहयोगी और गौंडा थाना प्रभारी में हुई मारपीट मामले को राष्ट्रीय लोकदल ने योगी सरकार की विफलता करार दिया है। रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने ट््वीट कर कहा कि इगलास की चमचम खाने को मिलती तो आज थाने में ये सब ना होता। जनप्रतिनिधि की कार्यशैली से विधायक पद की गरिमा पर चोट पहुंची है और ठोकने वाली उत्तर प्रदेश की पुलिस का नाम और $खराब हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रशासनिक कमजोरी के कारण अधिकारियों की कोई जवाबदेही नहीं दिख रही । पूरे प्रदेश में भय का माहौल है। हापुड़ में बच्ची के साथ दुष्कर्म हो,  बुलंदशहर की होनहार बालिका की छेड़छाड के चलते मौत हो या बागपत में लगातार राजनीतिक हत्याओं का सिलसिला, सब कुछ यह स्पष्ट दर्शा रहा है कि गुंडे सरकार के अंदर बैठे हैं, जिन्हें भाजपा द्वाराप्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त: जयंत चौधरी

पुलिस को अपमानित किया 

ये क्षेत्रीय विधायक की तानाशाही और अमर्यादा की पराकाष्ठा है। कोई जनप्रतिनिधि किसी प्रशाशनिक अधिकारी पर हाथ नहीं उठा सकता। सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधि थानों पर राजनैतिक दबाब बनाना चाहते हैं। कानपुर और बिकरु की घटनाओं में भी पुलिस को अपमानित किया गया था। घटना की निष्पक्षव जांच की जाए। जिससे पुलिस का मनोबल न गिरे और जनप्रतिनिधि अपने पदों की गरिमा को न तोड़ सकें।

चौ. विजेंद्र सिंह पूर्व कांग्रेस सांसद

निदंनीय घटना है। जवां में एक इमाम के साथ दारोगा में मारपीट की, हमने प्रशासन को अवगत कराया। लेकिन कुछ हुआ नहीं। अब सत्ताधारी विधायक के साथ थाने में मारपीट हुई तो प्रशासन की आंख खुल गईं। थानाध्यक्ष और एसपीआरए तक पर कार्रवाई हो गई। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए।

जमीर उल्लाह खान, पूर्व सपा विधायक

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निदंनीय है, जवां में एक घटना इमाम साहब को मारा था। प्रशासन को बताया ािा तग आाख खुली विधायक की पिार्टा  राष्ब्,हपकम शाासन ज्रना 

थाने में एक जनप्रतिनिधि के पुलिस कपड़े फाड़ दे तो अंदाजा लगा सकते है कि आम जनता के साथ पुलिस कैसा व्यवहार करती होगी। भाजपा शासन में नौकरशाह बेलगाम हैं। जब सरकार में बैठे लोग ही सुरक्षित नही है तो जनता का किया होगा। सड़क से लेकर थानों तक अराजकता का माहौल है।

रुबीना खानम, सपा नेता

इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी के साथ गौंडा पुलिस द्वारा किया गया दुव्र्यवहार अशोभनीय एवं ङ्क्षनदनीय है। एक सम्मानित जनप्रतिनिधि के साथ पुलिस का ऐसा व्यवहार अंग्रेजों के जुल्म की याद दिला रहा है। घटना से नेतृत्व को अवगत करा दिया है। नेतृत्व के निर्देश का इंतजार है। किसी भी हद तक जाना पड़ेगा हम जाएंगे, लेकिन सम्मान के साथ समझौता नहीं करेंगे।

मानव महाजन, महानगर उपाध्यक्ष भाजपा

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भाजपा विधायक द्वारा एसओ पर रिश्वत लेने का झूठा आरोप लगाते हुए जमकर गाली-गलौज की गई। हाथापाई से भी पीछे नहीं हटे। ङ्क्षनदनीय घटना है।प्रदेश में जंगल राज कायम हो चुका है। जब प्रदेश में पुलिस ही सुरक्षित नहीं है तब आम जनता कैसे सुरक्षित हो सकती है।

राजेश सैनी, सपा नेता 

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पुलिस प्रशासन जनप्रतिनिधि को जनप्रतिनिधि ही नहीं समझ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा युवा मोर्चा का प्रत्येक कार्यकर्ता विधायक के साथ है और अब कार्यकर्ता शांत नहीं बैठेगा। जब विधायक के साथ इस प्रकार की घटना हो सकती है तो भाजपा कार्यकर्ता या अन्य किसी सामान्य व्यक्ति के साथ कैसा व्यवहार होगा। कुछ सरकारी नुमाइंदे सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। 

निखिल माहेश्वरी महानगर अध्यक्ष, भाजयुमो

शर्मनाक घटना है। इगलास विधायक को नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। कानून व्यवस्सा सुधारने में कानून व्यवस्था फेल है।

अभय कुमार बंटी, बसपा नेता

गौंडा प्रकरण में सांसद सतीश गौतम एवं अन्य विधायकों पर कोविड-19 महामारी अधिनियम के तहत एवं शारीरिक दूरी का पालन न करने का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। पूर्व में भाजपा नेताओं के इशारे पर कांग्रेसियों पर फर्जी मुकदमें दर्ज कराए जा चुके हैं। भाजपाइयों ने गौंडा थाने में भाषणबाजी की। खूब भीड़ जुटी। यह मनमानी नहीं तो क्या है?

- कुंवर गौरांग देव चौहान, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव

भाजपा सरकार में जनप्रतिनिधि अपनी बात मनवाने के लिए दबंगई पर उतारू हैं। इगलास विधायक ने थानाध्यक्ष से हाथापाई की। इससे पुलिस का मनोबल गिरेगा। सरकार को तुरंत अपने विधायक पर कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे तो आम जनता भी न्याय के लिए थाने जाना छोड़ देगी।

- परवेज अहमद, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष।

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सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधयों को जिले के विकास से कोई सरोकार नहीं हैं। केवल अपने निजी कार्यों के लिए पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि को मर्यादा में रहना चाहिए। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

- चौ. सुरेंद्र ङ्क्षसह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस। 

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