जिला पंचायत का आज होगा कार्यकाल पूरा,125 करोड़ से हुए अहम विकास कार्य Aligarh News

जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू का कार्यकाल बुधवार रात 12 बजे पूरा हो जाएगा। 1

जिले के सबसे युवा जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू का कार्यकाल बुधवार रात 12 बजे पूरा हो जाएगा। 14 जनवरी को 2016 में इन्होंने इस पद पर शपथ ली थी। पांच साल के कार्यकाल में जिला पंचायत की तरफ से करीब 125 करोड़ की धनराशि खर्च की गई।

Publish Date:Wed, 13 Jan 2021 10:34 AM (IST) Author: Sandeep kumar Saxena

अलीगढ़, जेएनएन। जिले के सबसे युवा जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू का कार्यकाल बुधवार रात 12 बजे पूरा हो जाएगा। 14 जनवरी को 2016 में इन्होंने इस पद पर शपथ ली थी। पांच साल के कार्यकाल में जिला पंचायत की तरफ से करीब 125 करोड़ की धनराशि खर्च की गई। इसमें विकास कार्य एवं कर्मचारियों के वेतन एवं पेंशन भी शामिल हैं। जिले भर में करीब 300 किमी सड़क बनवाई गईं। इनमें इंटरलॉकिंग, अारसीसी व अन्य सड़कें शामिल हैं। दर्जनों नई सड़कों का भी निर्माण कराया गया। ब्रिटिश काल की एतिहासिक जिला पंचायत परिसर का जीर्णोद्वार सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

पहली बार अविश्वास

उपेंद्र सिंह नीटू ने 14 जनवरी 2016 काे जिला पंचायत अध्यक्ष के पद की शपथ ली। इसके बाद तीन महीने बाद पहली बार जिला पंचायत की बैठक बुलाई। इसमें ही करीब 40 करोड़ के प्रस्ताव पास हुए। इसके बाद इनके कार्यकाल में करीब छह बैठकें हो चुकी हैं। अब बुधवार रात 12 बजे से इनका कार्यकाल पूरा हो जाएगा। इनके कार्यकाल में काफी उतार चढ़ाव आए। उपेंद्र सिंह नीटू का कार्यकाल काफी ऐतिहासिक रहा। जहां पहली बार जिले 39 साल की उम्र वाला सबसे युवा अध्यक्ष मिला। वहीं, 2017 में पहली बार अविश्वास प्रस्ताव भी इन्हीं के कार्यकाल में आया। हालांकि, विरोधी इनके आगे चारों खाने चित गए। अविश्वास में शामिल एक भी जिला पंचायत सदस्य ने इनके खिलाफ एक भी वोट नहीं डाला। 

जिला पंचायत का जीर्णोद्वार 

 ब्रिटिश काल की जिला पंचायत का करीब डेढ़ करोड़ की लागत से जीर्णोद्वार किया गया। यह पांच साल के कार्यकाल में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट था। इसमें जहां पूरे परिसर की सूरत बदल गई। वहीं, किसान नेता चौधरी चरण सिंह व स्वतंत्रता सैनानी मलिखान सिंह की मूर्तियां स्थापित की गईं। इसके साथ ही पूर्व सांसद नवाब सिंह चौहान व श्रीनिवास शर्मा के नाम से स्वागत द्वार बनाए गए। इसमें खास बात यह है कि उपेंद्र सिहं नीटू ने खुद ही इस जीर्णोद्वार व मरम्मतीकरण कार्य की डिजाइन तैयार की। 

पीआरओ से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष का सफर 

उपेंद्र सिंह नीटू ने पूर्व कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह के कार्यकाल के दौरान 2007 में पीआरओ के तौर पर अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। इसी पत्र पर रहते हुए वह जवां में ब्लॉक प्रमुख बने। इसके बाद 2015 में पहली बार वार्ड नंबर 14 से जिला पंचायत सदस्य के पद पर भाग्य अजमाया। इसमें बंपर जीत दर्ज की थी। इसके बाद बसपा से ही 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर चुनाव लड़ा। इनके सामने प्रदेश की सत्ता में काबिज सपा विधायक ठाकुर राकेश सिंह की पत्नी डॉ. नीतू सिंह थी। चुनाव के दौरान 52 मतों में से 42 वोट इनके पक्ष में पड़े। वहीं, डॉ. नीतू सिंह को महज नौ वोट ही मिले। इस पर उपेंद्र सिंह ने बंपर वोटों से जीत दर्ज की। 

बसपा से लड़े चुनाव, भाजपा से बचाया अविश्वास 

उपेंद्र सिंह नीटू 2016 में बसपा के प्रत्याशी के तौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़े थे, लेकिन 2017 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद इनके खिलाफ अविश्वास की मांग उठने लगी। ऐसे में यह अपने चाचा पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह भाजपा में शामिल हो गए। इस दौरान एमएलसी जयवीर सिहं ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, भाजपा में शामिल होने के बाद उपेंद्र सिंह नीटू के अविश्वास में एक भी विपक्षी वोट डालने नहीं आया। इसके बाद जयवीर सिंह को भाजपा ने दोबारा से एमएलसी बना दिया। 

जनता की हर उम्मीद को किया पूरा : उपेंद्र सिंह 

जिला पंचाायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू का दावा है कि वह अपने पांच साल के कार्यकाल में जनता की उम्मीदों पर सौ फीसद खरा उतरे। जिले के सभी क्षेत्रों में बिना भेदभाव काम किए गए। सभी वर्गों व धर्म के लोगों को जिला पंचायत का लाभ पहुंचाया गया। 300 किमी से अधिक की लंबाई की सड़कों का निर्माण हुआ। इसमें अधिकतर सड़कें ऐसी थीं, जिनका आजादी के बाद पहली बार निर्माण कराया गया। गांव से गांव को जोड़ने वाली सड़कों का भी बड़ी संख्या में निर्माण कार्य कराया गया। सभी विकास कार्य गुणवत्ता परख तरीके से पूर्ण कराए गए।

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