आज गूंजेगी शहनाई, अलीगढ़ में जाम के हो सकते हैं हालात Aligarh news

आज तो शादियों का मेला है। जश्न का दिन है।

आज देवात्थान एकादशी। यह आस्था का दिन तो है ही शादियों का भी है। बंदिशें भले हैं पर शहनाई हर जगह बजेगी। कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के प्रति तो सभी को जागरुक रहना ही है। बाजार में निकलें तो जानकारी कर लें कहीं जाम के हालात तो नहीं।

Publish Date:Wed, 25 Nov 2020 07:05 AM (IST) Author: Anil Kushwaha

अलीगढ़, जेएनएन : आज देवाेत्थान एकादशी। यह आस्था का दिन तो है ही, शादियों का भी है। बंदिशें भले हैं, पर शहनाई हर जगह बजेगी। कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के प्रति तो सभी को जागरुक रहना ही है। तैयारियां जिले भर में हैं। बाजार में निकलें तो पहले जानकारी कर लें कहीं जाम के हालात तो नहीं है। दरअसल, अलीगढ़ के कई बाजार काफी सकरे हैंं। शहर के बीच से गुजरने वाला मुख्य रामघाट रोड पर सामान्य दिनों में ही जाम लगता रहता है। आज तो शादियों का मेला है। जश्न का दिन है। लंबे समय बाद शादी शुरू हो रही हैं। बरात और वाहनों का दवाब सड़कों पर रह सकता है। हालांकि, पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभालने के इंतजाम किए हैं, फिर भी सावधानी और जानकारी जरूरी होती ही ना। 

टाल दी गई थीं शादियां 

कोरोना संकट के चलते गर्मियों में शहनाई नहीं गूंज सकी, लॉकडाउन में शादी की तिथियां आगे टाल दी गईं। अब शादियों का सीजन फिर शुरू हुआ है, लेकिन शर्तों के साथ। तमाम परिवारों में शादियां हैं। कोरोना काल में नई गाइडलाइन के अनुसार आयोजन होने हैं। इसके लिए वर-वधू पक्ष के लोग अनुमति लेने के लिए आखिरी समय तक जूझते रहे। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों में लोगों की कतार लगी थी। शादियों के चलते सड़कों पर जाम का झाम भी होगा। इससे निपटना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। 

असूझ शादियोंं वाला दिन   

देवोत्थान एकादशी पर असूझ शादियां भी हो जाती है, इसलिए इस दिन को शुभ माना जाता है। शहर के सभी मंडप बुक हैं। खुले मैदान में भी आयोजन होंगे। नई गाइडलाइन के अनुसार बंद हॉल में 100 लोगों की अनुमति है, पहले 200 लोगों की थी। 200 के हिसाब से लोगों ने तैयारियां कर ली थीं, लेकिन नए आदेश ने परेशानी में डाल दिया है। बरात चढ़त भी नहीं हो सकेगी। पार्किंग को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। मैरिज होम मालिकों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे खुद नियमों का पालन कराएं। प्रशासन के सख्त रवैये को देखते हुए मैरिज होम मालिकों ने व्यवस्थाएं करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को तमाम मैरिज होम सैनिटाइज कराए गए। कुर्सी, सोफे की व्यवस्था शारीरिक दूरी को ध्यान में रखते हुए की गई। ट्रैफिक पुलिस ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ड्यूटी प्वॉइंट बनाकर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। यातायात निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है कि सड़क पर यातायात व्यवस्था देखेें। मैरिज होम पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के निर्देश हैं। 

करना पड़ा बदलाव

मैरिज होम या खुले में लोगों की क्षमता के 50 फीसद लोग ही शादी समारोह में शामिल हो सकते हैं। मैरिज होम में अगर 200 लोगों की क्षमता है तो 100 लोग ही आ सकेंगे। मैरिज होम संचालक भी इसी हिसाब से व्यवस्थाएं बदल रहे हैं। मेन्यु भी बदला जा रहा है। पहले उन्होंने 200 लोगों के लिए व्यवस्थाएं की थीं। 

सभी क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट रहेंगे सक्रिय

शादी समारोह में अधिकतम सौ लोगों के शामिल होने के आदेश के बाद तीन दिन में जिलेभर में करीब एक हजार से अधिक लोगों को अनुमति दी जा चुकी है। बुधवार से सहालग की शुरुआत हो जाएगी। प्रशासन की ओर से कोरोना के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। सभी क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट सक्रिय कर दिए गए है। शादी समारोह में थर्मल स्कैनर व सैनिटाइजर अनिवार्य किया गया है। गाइड लाइन के मुताबिक मैरिज होम में 100 व खुले स्थान पर होने वाले समारोह में क्षमता के 40 फीसद लोग ही शामिल होंगे। इनमें बुजुर्ग, बच्चे नहीं होंगे। रात दस बजे के बाद डीजे प्रतिबंधित रहेगा। शहर में सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम प्रथम व द्वितीय मैरिज होम की व्यवस्थाएं परखेंगे। देहात क्षेत्र में तहसीलदार व एसडीएम को यह जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी सक्रिय रह कर कोरोना की जांच करेंगी। अगर कहीं कोई संक्रमित मिलता है तो उसे भर्ती कराया जाएगा। इससे समारोह पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 

 कलक्ट्रेट में हुई जांच 

कलक्ट्रेट में शादी की अनुमति लेने वाले लोगों की भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार से यहां स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की जांच शुरू कर दी है। सभी मजिस्ट्रेटों के कार्यालयों के बाहर करीब 50 लोगों की जांच हुई। कोई संक्रमित नहीं मिला।

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