जिन्होंने छुड़ाए दुश्मनों के पसीने, अब बनेंगे नैतिक शिक्षा व स्वदेशी अभियान के नगीने Aligarh news

समाज के हर युवा में नैतिक शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने का काम पूर्व सैनिक करेंगे।

देश के लिए मर मिटने का जज्बा हर किसी के अंदर नहीं होता है भारत मां के कुछ सच्चे सपूत ही तिरंगे की आन के लिए अपनी जान तक न्योछावर करने से पीछे नहीं हटते। यही भाव उन्‍हें देश के लिए कुछ करते रहने की प्रेरणा देता है।

Anil KushwahaMon, 19 Apr 2021 04:04 PM (IST)

अलीगढ़, जेएनएन । कहते हैं देश के लिए मर मिटने का जज्बा हर किसी के अंदर नहीं होता है, भारत मां के कुछ सच्चे सपूत ही तिरंगे की आन के लिए अपनी जान तक न्योछावर करने से पीछे नहीं हटते। यही भाव उनको जीवन भर अपना 100 फीसद देने व देश के लिए कुछ करते रहने की प्रेरणा देता है। शायद इसीलिए इनको जवान शब्द से संबोधित किया जाता है। सेवानिवृत्त हो जाएं या कितने ही बुजुर्ग क्यों न हो जाएं, इनमें देश के लिए कुछ नया व नायाब करने का जज्बा हमेशा रहता है जो इनको कभी बूढ़ा नहीं होने देता। इसीलिए जवान शब्द से इनको नवाजा गया है। ये हैं हमारे देश के सैनिक।

शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने का काम करेंगे पूर्व सैनिक

अब विद्यार्थियों में ही नहीं बल्कि समाज के हर युवा में नैतिक शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने का काम पूर्व सैनिक करेंगे। इसके अलावा युवाओं से लेकर हर वर्ग को स्वदेशी अपनाओ अभियान के तहत अपने देश की बनी चीजों को अपनाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। खेलकूद व सांस्कृति कार्यक्रमों के जरिए भारतीय सेना के पूर्व सैनिक समाजसेवा के लिए अपनी सेवाएं मुफ्त में देंगे। स्वदेशी अपनाओ, भ्रष्टाचार मिटाओ का संकल्प हर युवा को दिलाएंगे। इसके लिए पूर्व सैनिकों की टोली गांव-गांव जाकर अभियान चलाएगी। साथ में सैनिक परिवारों के बच्चों को भी इस काम मेें जोड़ेगी। इसके लिए ही सैनिक सेना अलीगढ़ का गठन भी किया गया है। सैनिक स्कूल-कालेजों व विभिन्न खेल अकादमी में जाकर युवाओं को जागरूक करेंगे। पुलिस व सेना में भर्ती के लिए अगर किसी प्रतिभा को प्रशिक्षण की जरूरत होगी तो सैनिक सेना मुफ्त में उस प्रतिभा की मदद करेंगेे, उसको प्रशिक्षण देंगे।

दो दर्जन से अधिक सैनिकों की टीम का गठन

वरिष्ठ सैनिक राजेंद्र सिंह (सूबेदार मेजर) ने बताया कि दो दर्जन से ज्यादा सैनिकों की टीम का गठन भी कर लिया गया है। ये टीम जागरूकता अभियान में शामिल होगी। इसके अलावा गांव व शहरी क्षेत्र में बनीं महापुरुषों व शहीदों की मूर्तियां व स्मारकों को भी पूर्व सैनिक साफ करेंगे। इसको स्टेच्यू क्लीन अभियान नाम दिया गया है। समाज के विद्यार्थियों व युवाओं को जीवन में नैतिक शिक्षा के महत्व को बताने का काम भी किया जाएगा। समाज के प्रति नैतिक जिम्मेदारी होती हैं उनके बारे में अवगत कराया जाएगा।

 

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