रातोरात बनी पांच लाख की सड़क 10 दिन में ही उखड़ी, जानिए वजह Aligarh news

रामघाट रोड पर पीएसी के पास पांच लाख रुपये की लागत से बनी सड़क 10 दिन भी नहीं चल पाई और सड़क उखड़ गई। सड़क पहले की स्थिति में पहुंच गई है सड़क पर गिट्टियां नजर आने लगी हैं। देवसैनी गांव की ओर पानी भरा रहता है।

Anil KushwahaMon, 27 Sep 2021 05:42 AM (IST)
पीएसी के पास पांच लाख रुपये की लागत से बनी सड़क 10 दिन भी नहीं चल पाई।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। रामघाट रोड पर पीएसी के पास पांच लाख रुपये की लागत से बनी सड़क 10 दिन भी नहीं चल पाई और सड़क उखड़ गई। सड़क पहले की स्थिति में पहुंच गई है, सड़क पर गिट्टियां नजर आने लगी हैं। देवसैनी गांव की ओर पानी भरा रहता है। फिर पानी निकासी का कोई रास्ता नहीं निकाला जा रहा है, ऐसे में सड़क तालाब बन जाएगी। डेढ़ साल से जैसे लोग मुश्किलें झेल रहे हैं, उसी प्रकार से फिर उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। खस्ताहाल सड़क के चलते दोपहर में कई बार जाम भी लग जाता है।

पीएसी के पास डेढ़ साल से खराब थी सड़क

रामघाट रोड पर पीएसी के पास डेढ़ साल से सड़क टूटी पड़ी थी। सड़क किनारे रह रहे लोगों के मकानों का खारिज पानी आने से हमेशा जलभराव रहता था, जिससे सड़क पर बडे़-बड़े पत्थर नजर आने लगे थे। डेढ़ साल से यहां की जनता और राहगीर आवाज उठा रहे थे, कमिश्नर से लेकर जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा तक से शिकातय की थी। तमाम लोग घिरकर घायल भी हो चुके थे। मगर, पीडब्ल्यूडी और प्रशासन किसी ने भी सड़क निर्माण की सुधि नहीं ली। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का 21 अगस्त को निधन होने पर एकाएक वीआइपी का काफिला आ गया। सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिनों तक अलीगढ़ रहे थे। सड़क मार्ग से वह अतरौली भी पहुंचे थे।

रातों-रात बन गई थी सड़क

जो सड़क पिछले डेढ़ साल से खस्ताहाल थी वो सीएम के दौरे को देखते हुए रातों-रात बना दी गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का 23 सितंबर को अंतिम यात्रा इसी मार्ग से निकली थी। इसलिए देशभर से वीआईपी और दिग्गज नेताओं के आने का तांता लगा हुआ था, जिसे देखते हुए प्रशासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने रातों-रात सड़क का निर्माण कर दिया। जो लोग दूसरे दिन सुबह इस मार्ग से निकले उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि यह मार्ग इतना दुर्गम भरा रहा था।

लापरवाही का नतीजा

सड़क का निर्माण इतना घटिया कराया गया था कि वह 10 दिन भी नहीं चल पाई। सड़क निर्माण के दो-तीन दिन बाद ही वह उखड़ने लगी थी। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे नजर आने लगे थे। अब पत्थर उभरने लगे हैं। सवाल उठ रहा है कि जिस मार्ग से सीएम समेत तमाम वीआईपी निकले उसके निर्माण में भी इतनी लापरवाही बरती जा रही है तो अन्य मार्गाें की क्या स्थिति होगी।

इनका कहना है

यहां हर समय जलभराव रहता है, इसलिए तारकोल की सड़क नहीं चल सकती है। वीआइपी के चलते इसे फौरी तौर पर बनवा दिया गया था। अब सीसी रोड पास हो गया है। जल्द ही इसका निर्माण कराया जाएगा। साथ ही नाला भी बनवाया जाएगा, जिससे पानी की निकासी हो सके।

अनिल कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी

राहगीरों की पीड़ा

रातों-रात सड़क जब बनी तो मुझे आश्चर्य लगने लगा, ऐसे लगा कि मानों कोई जादू हो गया हो, मगर दो-तीन दिन बाद फिर सड़क उखड़ने लगी। अब तो फिर उसी स्थिति पर पहुंच गई है। मार्ग से निकलने में काफी परेशानी हो रही है।

संजय सिंह, सासनीगेट

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प्रतिदिन इस मार्ग से निकलना होता है। पीएसी आते ही दिमाग में आ जाता है कि गड्ढों से होकर निकलना होगा। डेढ़ साल पहले जो दुश्वारियां झेल रहे थे, वो आज भी हैं।

नीटू वर्मा, 100 फुटा

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काफी समय बाद सड़क बनी थी, जिससे लगा कि गड्ढों से निजात मिलेगी मगर फिर वही स्थिति पर सड़क पहुंच गई है। ये तो सरकारी पैसों की बर्बादी है।

मोतीलाल वाष्र्णेय, कारोबारी

अक्सर शहर जाना होता है, मगर पीएसी पहुंचते ही डर लगने लगता है। दो महीने पहले तो सड़क तालाब की तरह थी, इससे निकलने में भी डर लगता था।

निखिल शर्मा, बरौठा

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