अफसरों के कंधों पर आया जिले के करीब 30 हजार विद्यार्थियों का भविष्य, जानिए पूरा मामला Aligarh news

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते विद्यार्थियों की आनलाइन व आफलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई पर ब्रेक लग गया। सीबीएसई आइसीएसई हो या यूपी बोर्ड हर बोर्ड को प्रमोट करने की प्रक्रिया के साथ हाईस्कूल व इंटरमीडिएट जैसी महत्वपूर्ण कक्षाओं की परीक्षाएं तक निरस्त करनी पड़ीं।

Anil KushwahaSun, 20 Jun 2021 11:26 AM (IST)
संस्थागत विद्यार्थियों के परिणाम छमाही व प्री-बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों के आधार पर जारी करने की योजना बनाई गई।

अलीगढ़, जेएनएन।  कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते विद्यार्थियों की आनलाइन व आफलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई पर ब्रेक लग गया। सीबीएसई, आइसीएसई हो या यूपी बोर्ड हर बोर्ड को प्रमोट करने की प्रक्रिया के साथ हाईस्कूल व इंटरमीडिएट जैसी महत्वपूर्ण कक्षाओं की परीक्षाएं तक निरस्त करनी पड़ीं। ऐसे में सीबीएसई की तर्ज पर ही यूपी बोर्ड ने भी विद्यार्थियों को छमाही परीक्षा, प्री-बोर्ड परीक्षा व इंटरनल असेसमेंट के अंकों के आधार पर प्रमोट करने की प्रक्रिया अपनाने का फैसला किया। ये स्थिति तो उन विद्यार्थियों के साथ है जो संस्थागत तौर पर पंजीकृत होकर परीक्षा देने के लिए तैयारी कर रहे थे। जिले में तमाम विद्यार्थी ऐसे भी हैं जो व्यक्तिगत तौर पर पंजीकृत होकर परीक्षा देते हैं। वार्षिक के अलावा छमाही, प्री-बोर्ड या इंटरनल असेसमेंट आदि परीक्षाएं इनकी नहीं होती हैं। ऐसे में इनके परिणाम जारी करने के लिए पेंच भी आ गया है।

विद्यार्थियों को अंक देने के लिए प्रधानाचार्यों से किया जा रहा संपर्क

यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के व्यक्तिगत (प्राइवेट) फार्म भरकर परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के परिणाम जारी होने पर संशय की स्थिति बन गई थी। यूपी बोर्ड की ओर से संस्थागत विद्यार्थियों के परिणाम छमाही व प्री-बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों के आधार पर जारी करने की योजना बनाई गई। साथ ही 10वीं के विद्यार्थियों के नौवीं कक्षा के अंक और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के 11वीं कक्षा के अंक भी बोर्ड की ओर से मांग गए थे। इसके आधार पर ही उनके परीक्षा परिणाम को जारी करने का खाका तैयार किया गया है। मगर अब प्राइवेट विद्यार्थियों के परिणाम जारी करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है। इनको अंक देने की जिम्मेदारी जिले के शिक्षाधिकारी को सौंपी गई है। बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत डीआइओएस की ओर से इन विद्यार्थियों को परीक्षण व पड़ताल करने के बाद अंक दिए जाएंगे। इसी के आधार पर इनके परीक्षा परिणाम भी तैयार किए जाएंगे। डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि प्राइवेट फार्म भरने वाले विद्यार्थियों को अंक देने के संबंध में विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से भी संपर्क किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों का परिणाम जल्द से जल्द तैयार कराकर बोर्ड को इसकी सूचना दी जाएगी।

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