योग-व्यायाम व पोषक आहार से निरोगी रहेगा शरीर

सर्दी के मौसम में खांसी जुकाम बुखार व अन्य रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है।

JagranWed, 08 Dec 2021 07:43 PM (IST)
योग-व्यायाम व पोषक आहार से निरोगी रहेगा शरीर

जागरण संवाददाता, अलीगढ़: सर्दी के मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार व अन्य रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है। दरअसल, खानपान व रहन-सहन में परिवर्तन न होने से इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। वहीं, सांस, बीपी, शुगर व हड्डी रोगियों को भी परेशानी होने लगती है। यदि नित्य जीवन में योग-व्यायाम व पोषक आहार को शामिल करें तो हमेशा निरोगी रहेंगे। सर्दी के मौसम में भी योग-व्यायाम बहुत जरूरी है। बुजुर्गों को अधिक ठंड में घर में ही रहना चाहिए। यह सलाह क्षेत्रीय आयुर्वेदिक-यूनानी अधिकारी डा. नरेंद्र कुमार सिंह ने दी है। वह बुधवार को दैनिक जागरण के 'हेलो डाक्टर' कार्यक्रम में पाठकों के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए आमंत्रित किए गए। लोगों ने बढ़-चढ़कर उनसे हर रोग से बचाव व उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की।

सर्दी शुरू होते ही सांस फूलने लगी है। कुछ खाने के बाद सीने में जलन व हाथ-पैर शिथिल से महसूस होते हैं।

- मो. अफसर, भुजपुरा।

सर्दी में यह समस्या सामान्य है। आप यूकेलिप्टिस की पत्तियां पानी में डालकर भाप लें। चाय, मसालेदार व तैलीय व्यंजनों से परहेज करें। यदि लाभ न मिले तो विशेषज्ञ से संपर्क करें।

मुझे सांस की परेशानी है। हाथ-पैर व जोड़ों में भी दर्द है। कूल्हों में कंपन होता है।

- प्रमोद कुमार सिघल, मसूदाबाद।

महानारायण तेल की मालिश करके सिकाई करें। योगराज गुग्गुल की दो-दो गोली का सुबह-शाम सेवन करें। श्वास कुठार रस व शितोपलादी चूर्ण व च्यवनप्राश के सेवन से लाभ मिलेगा।

मुझे सर्दी में बार-बार जुकाम हो जाता है। कोई उपचार बताएं।

- गिरीश कुमार यादव, नौरंगाबाद।

ऐसा लगता है कि आप एलर्जिक होने के साथ आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर है। आप तुलसी, सोंठ, दालचीनी व गुड़ का काड़ा बनाकर सुबह-शाम पीएं, लाभ मिलेगा।

मेरी 15 वर्षीय बेटी को बहुत छींके आती हैं। जुकाम भी हो जाता है। पांच वर्ष से यह समस्या है।

- अतुल कौशिक, अतरौली।

चिता मत कीजिए। बेटी को तुलसी, अदरक, काली मिर्च व दालचीनी का काड़ा बनाकर सुबह-शाम पिलाएं। धूल-धुएं से बचाव करें। भाप दिलाएं।

मुझे हाई ब्लड प्रेशर की दवा व अस्थमा के लिए इन्हेलर लेना पड़ता है। क्या दवा व इन्हेलर से छुटकारा मिल सकता है। क्या करें, जिससे ज्यादा परेशानी न हो।

- राम प्रकाश शर्मा, आइटीआइ रोड।

यह सर्वविदित है कि प्राचीन काल में हर बीमारी का उपचार जड़ी-बूटी यानि देसी औषधि से होता था। यूकेलिप्टिस की पत्तियों को उबालकर भाप लें। नमक की मात्रा कम कर दें। योग-व्यायाम व संतुलित आहार लें।

मुझे तीन माह से थायराइड की समस्या है। रात को घबराहट होती है।

- राजवीर सिंह, कौड़ियागंज।

श्वांस कुठार, गोदंती भस्म, शितोप्लादी चूर्ण का शहद के साथ सेवन करें। कचनार गुग्गुल से भी लाभ मिलेगा। हमारे आयुर्वेदिक या यूनानी चिकित्सालयों में संपर्क कर सकते हैं।

मेरा पेट बढ़ गया है। बहुत परेशान हूं। सांस लेने में परेशानी है।

राजकुमार, विकास शील कालोनी।

रोजाना कम से कम 30 मिनट के लिए कपालभाती, अनुलोम-विलोम व सूर्य नमस्कार करें। दौड़ने के अलावा व्यायाम भी करें। चिकनाई खाना बंद कर दें।

मेरा पेट हमेशा खराब रहता है। खुलकर शौच नहीं आती। दवा से विशेष लाभ नहीं मिल पाता। काफी परेशान हूं।

- शीतल कुमार, स्वर्ण जयंती नगर।

सर्दी के मौसम में पानी का सेवन कम करने से गैस व कब्ज हो जाती है। इसलिए खूब पानी का सेवन करें, भले ही प्यास न लगे। भोजन में सलाद व फाइबर वाली अन्य चीजें शामिल करें। गर्म पानी पीजिए। त्रिफला को गरम पानी के साथ लें। लाभ मिलेगा।

इन्होंने भी लिया परामर्श

बिजौली से राजवीर सिंह, अतरौली से शशिकांत राघव, सहारनपुर मथुरा रोड से संजय कुमार उपाध्याय, रामबाग कालोनी से महेंद्र, कृष्णा नगर से प्रदीप कुमार, हरदुआगंज से विशाल गौड़, नरौना-12 से चंद्रपाल सिंह, राम नगर से उर्वशी, इगलास से सरोज देवी, जट्टारी से शंकर लाल शर्मा, हरनौट से जगन्नाथ पहलवान, कैमथल से रामनारायण, भावनीपुर से मुख्तयार, बरौली फत्तेखां से विनय आदि हैं।

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