मंडलभर की प्रतिभाएं प्रोत्साहन से अछूती, जानिए मामला Aligarh news

खेल निदेशालय के प्रयास के बावजूद जिला व मंडलस्तर पर खेल अफसरों की अनदेखी के चलते मंडलभर की खेल प्रतिभाएं अभी भी प्रोत्साहन से अछूती ही हैं। करीब एक साल पहले जिला खेल प्रोत्साहन समिति को बदलकर उत्तरप्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति नियमावली 2020 लागू कर दी गई।

Anil KushwahaSun, 25 Jul 2021 10:45 AM (IST)
जिले व मंडलभर की जरूरतमंद खेल प्रतिभाओं को आर्थिक मदद कर आगे बढ़ाने की योजना भी बनाई गई।

गौरव दुबे, अलीगढ़। खेल निदेशालय के प्रयास के बावजूद जिला व मंडलस्तर पर खेल अफसरों की अनदेखी के चलते मंडलभर की खेल प्रतिभाएं अभी भी ''''प्रोत्साहन'''' से अछूती ही हैं। करीब एक साल पहले जिला खेल प्रोत्साहन समिति को बदलकर उत्तरप्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति नियमावली 2020 लागू कर दी गई। मगर ये योजना सिर्फ कागजोें मेें ही सिमट कर रह गई है। जिले व मंडल में जमीनीस्तर पर इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है।

प्रतिभाओं को मिलेगी आर्थिक मदद

नई नियमावली के तहत जिले व मंडलभर की जरूरतमंद खेल प्रतिभाओं को आर्थिक मदद कर आगे बढ़ाने की योजना भी बनाई गई। ये आर्थिक मदद जिले व मंडल में संचालित स्विमिंग पूल, जिम संचालकों आदि से निश्चित राशि वसूलकर करनी थी, जो कागजोें से बाहर नहीं निकल सकी। अफसरों का कहना है कि जिला व मंडलस्तर पर समिति गठित कर दी है। मगर कई खेल संघों के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। समिति की बैठक भी नहीं की जा सकी हैं, जिसको खेल अफसर भी मान रहे हैं। इस समिति में ओलंपिक एसोसिएशन के सदस्यों को भी शामिल करना था जो कि नहीं किया गया। जिला ओलंपिक एसोसिएशन के पदाधिकारी खुद इसके गवाह हैं।

जानकारी ही नहीं

जिला वॉलीबॉल एसोसिएशन के सचिव प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि नई नियमावली के बारे में जानकारी तो हुई थी। मगर जिले में समिति बनने के बारे में काई जानकारी नहीं। न ही इसके बारे में सूचना दी गई।

न प्रतियोगिता न लाभ

कुश्ती के खिलाड़ी निखिल चौधरी ने बताया कि उनको कुश्ती की प्रैक्टिस के लिए किट व उचित डाइट की जरूरत रहती है। मगर इस नियमावली में जो प्राविधान था उसका कोई लाभ नहीं मिल सका। अभी भी वे बिना किट के ही प्रैक्टिस करते हैं। वहीं ब्लाक व जिलास्तर पर भी प्रतियोगिताएं नहीं कराई गईं।

शासन के आदेश भी दरकिनार

नई नियमावली में व्यवस्था की गई है कि जिला व मंडल स्तर पर समिति बनाने में ओलंपिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। मगर जिला ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष मजहर उल कमर ने बताया कि इस नियमावली की जानकारी तो हुई लेकिन ओलंपिक से समिति में किसी को शामिल करने की जानकारी नहीं है।

स्टेडियम में हों जिम्मेदारों के नंबर

अध्यक्ष मजहर ने कहा कि स्टेडियम में बोर्ड पर समिति के जिम्मेदार पदाधिकारियों के नाम व माेबाइल नंबर भी अंकित होने चाहिए। जिससे खिलाड़ी की अगर समस्या है? तो उसे मालूम रहे कि आखिर किससे बात करनी है? जानकारी के अभाव में खिलाड़ी भटकते रहते हैं।

इनका कहना है

जिम व स्विमिंग पूल संचालकों से राशि वसूलने का कोई मानक तय न हाेने से व्यवस्था अटकी थी। समिति गठित की थी, कोरोना संक्रमण के चलते बैठक व प्रतियोगिताएं नहीं कराई गई थी।

अनिल कुमार, पूर्व क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी

अभी जिले में चार्ज संभाला है, पूर्व में क्या हुआ? उसकी जानकारी नहीं है। मगर नई नियमावली के तहत जो कार्य होने हैं उनको जल्द कराया जाएगा। खिलाड़ियों को भी लाभ दिलाने के कदम उठाएंगे।

रानी प्रकाश, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी

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