बेटियां मजबूत होंगी तो प्रदेश तरक्की करेगा Aligarh news

आज बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने की आवश्यकता है।

आए दिन हम समाचार पत्रों व चैनलों के माध्यम से देखते हैं कि महिलाओं व बालिकाओं के साथ समाज के असामाजिक तत्व घटनाएं कर देते हैं। बालिकाओं के अभिभावक उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में आज बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने की आवश्यकता है।

Publish Date:Sat, 05 Dec 2020 10:35 AM (IST) Author: Anil Kushwaha

अलीगढ़, जेएनएन : आए दिन हम समाचार पत्रों व चैनलों के माध्यम से देखते हैं कि महिलाओं व बालिकाओं के साथ समाज के असामाजिक तत्व घटनाएं कर देते हैं। बालिकाओं के अभिभावक उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में आज बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने की आवश्यकता है। क्योंकि बालिकाएं शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत होंगी तो असामाजिक तत्वों को जवाब दे सकेंगी। ग्रामीण क्षेत्र में भी बालिकाओं के आत्मबल बढ़ाने की पहल शुरू हो गई है, इस पहल में बालिकाएं भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।

निश्‍शुल्‍क शिविर का आयोजन

क्षेत्र के गांव तोछीगढ़ में परोपकार सामाजिक सेवा संस्था द्वारा बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए निश्शुल्क शिविर का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर में बालिकाएं आत्म रक्षा के गुर सीखने के लिए नियमित आ रही हैं और उनकी संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। प्रदेशस्तरीय ट्रेनर अभय कुमार द्वारा बालिकाओं को आत्म रक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं। वह बताते हैं कि बालिकाओं को दुश्मन के शरीर के कमजोर पॉइंट पर हमला करके आत्मरक्षा कैसे की जाए इसकी जानकारी प्रमुखता से दे रहे हैं।

कई विधियां बताई गयी

वहीं ताइक्वांडों, कराटे, बॉक्सिंग आदि विभिन्न विधाओं के माध्यम से आत्मरक्षा के गुण सिखाए रहे हैं। उनका मानना है कि यदि बेटियां मजबूत होंगी तो प्रदेश तरक्की करेगा। संस्था के अध्यक्ष जतन चौधरी ने बताया कि बालिकाओं और महिलाओं पर हो रहे शोषण और हमले के बचाव के लिए बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुणों से लैश होने की आवश्यकता है। प्रशिक्षण शिविर में आकस्मिक परिस्थितियों में हमलावरों पर प्रहार के विभिन्न तरीकों के विषय में जानकारी दी जा रही है। जिससे बालिकाएं अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें। शिविर में उन्नति, साधना, रमा, उमा, खुशबू वाष्णेय, सुगंधा उपाध्याय, चंचल रावत, दीया, कुकू, खुशी, दीपिका, मौना आदि प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

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