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Guru Purnima:गुरु पूर्णिमा पर अलीगढ़ के एसएसपी बोले, पिता का सपना था, मेरा बेटा बहुत आगे जाए...

अलीगढ़ [सुमित शर्मा]: गुरु पूर्णिमा  के  अवसर पर एसएसपी मुनिराज जी ने अपनी सफलता के बारे में दैनिक जागरण से विस्‍तार से चर्चा की और बताया कि ''मेरे पिता किसान थे। अनपढ़ थे, मगर नहीं चाहते थे कि मैं खेतीबाड़ी करूं। उनका सपना था कि मेरा बेटा बहुत आगे जाए। पढ़ाई में समझौता नहीं करने देते थे। स्कूल में टॉपर था। अगर रैंक कम हो जाती थी तो पिता पिटाई लगा देते थे। सही मायने में पिता ही गुरु थे। घर का अनुशासन ही स्कूल में भी प्रेरणा बना। शिक्षक भी मुझ पर ध्यान देते थे। कक्षा एक से पांच तक शिक्षक रमणी ने सामान्य ज्ञान बढ़ाने में काफी मदद की।

आइपीएस बनने में सभी का सहयोग

एसएसपी मुनिराज  नेे बताया कि छह से 10वीं तक दो शिक्षक मिले। एक भूगोल, दूसरे लाइब्रेरी में थे। दोनों मेरी गलतियां सुधारकर मुझे सही रास्ता बताते थे। फिर तमिलनाडु के कोयंबतूर में एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से मैंने ग्र्रेजुएशन किया। इसके बाद इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च से स्कॉलरशिप के जरिये एग्रीकल्चर से एमएससी की। कॉलेज में मेरे सीनियर शंकर ने सिविल सर्विसेज की तैयारी में खूब मदद की। शंकर का सलेक्शन नहीं हो सका था, फिर भी मुझे भूगोल व अर्थशास्त्र पढ़ाया। सिविल सर्विसेज की तैयारी के दौरान बुआ और चाचा ने ख्याल रखा। मेरे आइपीएस बनने के पीछे इन सभी का सहयोग रहा है।

वरिष्ठ अफसरों से हर वक्त मिलती है सीख

सभी मेरे लिए गुरु हैं। मैं रिटायर्ड आइपीएस विजय कुमार को प्रेरणा मानता हूं, जिन्होंने उत्तर भारत के कुख्यात अपराधी वीरप्पन का एनकाउंटर किया था।उनसे बहुुुत सीखने को मिला। आइपीएस बनने के बाद तमाम अनुभव मिले हैं। वरिष्ठ अफसरों से हर वक्त सीखने को मिलता है। अब स्कूल और कॉलेज के साथियों से बातें तो कम ही होती हैं, मगर सभी संपर्क में हैं। शादी में सभी शिक्षक व दोस्त आए थे। बहुत अच्छा लगा था।

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