डेंगू से बचाव का मुख्य हथियार सोर्स रिडक्सन, जानें पूरा मामला Aligarh news

अलीगढ़ जागरण संवाददाता। मच्छरों का प्रजनन (पनपना) रोकना- इसके लिए पहले आपको यह जानना होगा कि डेंगू व अन्य मच्छर कहां पनपते है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मच्छर आपके आस-पास की और आपके घर की चीजों में ही पनपते है।

Anil KushwahaThu, 21 Oct 2021 08:14 AM (IST)
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मच्छर आपके आस-पास की और आपके घर की चीजों में ही पनपते है।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। मच्छरों का प्रजनन (पनपना) रोकना- इसके लिए पहले आपको यह जानना होगा कि डेंगू व अन्य मच्छर कहां पनपते है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मच्छर आपके आस-पास की और आपके घर की चीजों में ही पनपते है। जैसे-आपके कूलर के पानी में, फ्रिज की पीछे वाली ट्रे में, फ्रिजर के नीचे वाली ट्रे मे, आपके छत पर पुराने टायर, गमले व कहीं भी तीन दिन से अधिक अन्य पानी से भरे हुए स्थानों पर। साथ ही आपके आसपास इकट्ठा गंदगी, झाड़ियों व नालियों में। यह कहना है स्वास्थ्य विभाग के पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डा. रोहित गोयल का। डा. गोयल ने लोगों को डेंगू, मलेरिया व अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए टिप्स दिए हैं, जिन्हें दैनिक जीवन में अपनाकर रोग मुक्त रहा जा सकता है। आइए, उन टिप्स के बारे में जानें-

क्या करें

डा. रोहित ने बताया कि अपने घर में और उसके आस-पास पानी एकत्र न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भर दें। रूकी हुई नालियों को साफ कर दें। रूम कुलरों तथा फूलदानों का सारा पानी सप्ताह में एक बार पूरी तरह खाली कर दें, उन्हें सुखाएं तथा फिर से भरें। खाली व टूटे-फूटे टायरों, डिब्बों तथा बोतलों आदि का अचित विसर्जन करें। घर के आस-पास सफाई रखें। पानी की टंकियों तथा बर्तनों को सही तरीके से ढक कर रखें, ताकि मच्छर उसमें प्रवेश न कर सके और प्रजनन न कर पाएं। यदि रूम कूलरों व पानी की टंकियों को परी तरह खाली करना संभव नही है तो यह सलाह दी जाती है कि उनमें सप्ताह में एक बार पेट्रोल व मिट्टी का तेल डाल दें। प्रति 1000 लीटर पानी के लिए 30 मिलीलीटर पेट्रोल या मिट्टी का तेल पर्याप्त है। ऐसे करने से मच्छर का पनपना रूक जाएगा।

मछलियां खाएंगी लार्वा

पानी के श्रोतों में आप कुछ छोटी किस्म की मछलियां (जैसे कि गैंबुसिया,लेबिस्टर) भी डाल सकते है। ये मछलियां पानी में पनप रहें मच्छरों व उनके अंडो को खा जाती है। इन मछलियों को स्थानिय प्रशासनिक कार्यालयों (जैसे की बीडीओ कार्यालय) से प्राप्त किया जा सकता है।

ये भी रखें ध्यान

- आपने घरों में रखे फ्रिज की पीछे वाली ट्रे में, फ्रिजर के नीचे वाली ट्रे को सप्ताह में दो दिन अवश्य साफ करें। स्वास्थ्य विभाग के सर्वें में अधिक मच्छर का लार्वा इन्हीं में पाया जा रहा है। - मच्छरों को भगाने व मारने के लिए मच्छरनाशक क्रीम, स्प्रे, मैट्स, कॉइल्स आदि का प्रयोग करें। गगूल के धुएं से मच्छर भगाना एक अच्छा देशी उपाय है। रात में मच्छरदानी के प्रयोग से भी मच्छरों के काटने से बचा जा सकता है। सेनोट्रोला तेल भी मच्छरोें को भगाने में काफी असरदार है। - ऐसे कपड़े पहने जिससें कि शरीर का अधिक से अधिक भाग ढका रहे। यह सावधानी बचचों के लिये अति आवश्यक है। बच्चों को मलेरिया सीजन (जुलाई से अक्टूबर तक) में निक्कर व टी-शर्ट न पहनाये तो अच्छा है। - मच्छर-नाशक दवाई छिड़कने वाले कर्मचारी जब भी यह कार्य करने के लिये आयें तो उन्हें मना मत कीजिए। घर में दवाई छिड़कवाना आपके हित में ही है।

मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए दवा

टैमीफोस: यह एक एंटीलार्वल दवा है, जिसे 10लीटर पानी में 2.5 एमएल. मिलाकर बनाया जा सकता है। इसका छिड़काव मच्छरों के प्रजनन वाले स्थानों पर जैसे- नालियों इत्यादि पर किया जा सकता है।

मैलाथियान टेक्नीकल: यह फागिंग के लिए प्रयोग होता है। इसे 19लीटर डीजल में एक लीटर सोल्यूसन मिलाकर बनाया जा सकता है।

पायरेथ्रम

यह घरों के अंदर मच्छरों के प्रजनन को रोकने कि लिए व मच्छरों को मारने के लिए किया जाता है। इसे एक लीटर मिट्टी के तेल में 50 एमएल मिलाकर, मिट्टी के तेल में 50 मीटर एमएल मिलाकर बनाया जा सकता है।

हर सप्ताह घर में छिड़काव करें

घर के अंदर सभी क्षेत्र में सप्ताह में एक बार मच्छरनाशक दवा का छिड़काव अवश्य करें। यह दवाई फोटोफ्रेम, परदों, कलेंडरों आदि के पीछे तथा घर के स्टोर कक्ष व सभी कोनों में अवश्य छिड़कें। दवा छिड़कते समय अपने मुंह व नाक पर कोई कपड़ा अवश्य बांध लें। खाने पीने की सभी वस्तुओं को ढक कर रखें।

मच्छरों के काटने से बचाव

- मच्छरों के काटने से बचाव के लिए मच्छरनाशक क्रीम, स्प्रे, मैट्स, क्वाइल आदि का प्रयोग करें। - सेनोट्रोला तेल भी मच्छरोें को भगाने में काफी असरदार है। - घर के दरवाजे व खिड़कियों में जालियां लगवाएं। - ऐसे कपड़े पहने जिससें कि शरीर का अधिक से अधिक भाग ढका रहे।

बुखार आने पर क्या करें

- कोई भी दर्द निवारक दवाई न लें। इससे प्लेटलेट कम हो सकती है। - बुखार आने पर पैरासिटामाल की गोली ले सकते है। - डाक्टर की सलाह से ही कोइ दवाई लें,अपने आप कोई दवा न लें। - झोलाछाप से इलाज न कराएं।

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