political party Active in Aligarh : छोटे दलों की भी होगी बड़ी भूमिका, खड़ी कर सकते हैं मुश्किलें

विधानसभा चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछाने का काम तेज हो गया है। क्षेत्रीय छोटे दल राष्ट्रीय पार्टियों का गणित बिगाड़ने के फेर में हैं। जातीयता की वैतरणी पर राजनीति की नैय्या पार लगाने के फेर में हैं।

Sandeep Kumar SaxenaSat, 27 Nov 2021 02:58 PM (IST)
जिसकी जितनी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी के आधार पर सियासी हक देने का भरोसा दिया।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। विधानसभा चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछाने का काम तेज हो गया है। क्षेत्रीय छोटे दल राष्ट्रीय पार्टियों का गणित बिगाड़ने के फेर में हैं। जातीयता की वैतरणी पर राजनीति की नैय्या पार लगाने के फेर में हैं। 23 नवंबर को जन अधिकार पार्टी का छर्रा विधानसभा के गंगीरी चौराहा स्थित शनि पैठ बाजार में पिछड़ा, अनुसूचित जाति व अल्पसंख्यक भाईचारा बनाओ सम्मेलन हुआ। पूर्व कैबिनेट मंत्री व पार्टी के संस्थापक बाबू सिंह कुशवाहा ने पिछड़ा कार्ड खेला। यहां जुटी एतिहासिक भीड़ से आयोजक गदगद थे। वक्ताओं ने जातीय आंकड़ों को फिट करने के लिए पार्टी को सबसे बड़ा राजनीतिक पैरोकार बनाए। कुशवाह ने राजनीतिक आंकड़ों के दम पर यह पार्टी भाजपा, बसपा व सपा की मुश्किलें बढ़ा सकती है। ऐसे में इस बार विधानसभा चुनाव में छोटे दलों की भूमिका भी कम नहीं होगी। वह बड़े दलों के सामने मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

पिछड़ी जातियों को सियासी हक दिलाने को संघर्ष

बाबू सिंह कुशवाहा ने प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने का एलान किया है। उन्होंने नारा भी दिया है कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी के आधार पर सियासी हक देने का भरोसा दिया। इस पार्टी का दावा है कि किसी ने पिछेड़, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक समाज के लोगों को सियासी हिस्सेदारी नहीं दी है। मंडल प्रभारी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी गौरव सैनी ने अपने ज्ञान सरोवर स्थित आवास पर समीक्षा बैठक में कहा कि उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पाल, कश्यप, सैनी,प्रजापति, कुशवाह व अन्य पिछड़ी जातियों को सियासी हक दिलाने के लिए प्रदेशभर में संघर्ष कर रहे हैं। उनके मूल मंत्र को इस वर्ग तक पहुंचाने के लिए बैठकों का दौर चल रहा है। इस वर्ग को अबतक सभी राजनीतिक दलों ठगा है, इनका वोट तो लिया, मगर आबादी के हिसाब से राजनीतिक हिस्सेदारी अभी तक नहीं दी। उनकी पार्टी दबे, कुचले व पिछड़ों को न्याय दिलाने के लिए काम कर रही है। दावा भी किया है कि अब लोगों ने भी मन बना लिया है वह बिजली, राशन, सड़क पर वोट ना देकर अपने हिस्से की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने अपने बूते पर प्रदेश की सभी विधानसभा सीट पर प्रत्याशी उतारने का एलान किया।

पार्टी की लोक प्रियता बढ़ना का दावा

जिला अध्यक्ष ऋषि पाल कुशवाहा ने बताया कि जन अधिकार पार्टी की लोकप्रियता बढ रही है। इससे सभी राजनीतिक दलों के अंदर हलचल तेज हो गई है। हम पार्टी की रीति निती के साथ विचार धारा को जनता के बीच पहुंचा रहे हैं। प्रदेश में सरकारी विफलताओं के बारे में अवगत कराया जा रहा है। चरमराई शिक्षा व्यवस्था, जर्जर ग्रामीणअंचल की सड़क, बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से अभी भी लोग बंचित हैं। महामारी में चिकित्सा सुविधा की पोल खुल चुकी है। इससे लाखों लोग बेरोजगार हुए। आज भी यह वर्ग रोजगार के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। सरकार युवाओं को रोजगार देने के स्थान पर पांच किलो राशन देकर जनता को गुमराह कर रही है। जिला महासचिव गीता कुशवाहा ने कहा कि पार्टी मजबूती के साथ काम करेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए हर वर्ग साथ है। भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस पार्टी की बढ़ती हुई लोकप्रियता से घबरा रहे हैं। हमें हर वर्ग का साथ मिल रहा है। गरीब, मजदूर, किसान इन सरकारों में खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

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