सब्जियों के राजा से मिल रहा झटका, खुदाई शुरू होते ही किसान निराश Aligarh News

आलू पिछले वर्ष सेब के भाव बिका। इस बार किसान को झटका दिया है।

कहते हैैं आलू का घाटा आलू ही पूरा करता है। यही सच भी है। कभी आलू का कोई मोल नहीं होता तो कभी किसान को रंक से राजा बना देता है। आलू पिछले वर्ष सेब के भाव बिका। इस बार राजा ने किसान को झटका दिया है।

Sandeep kumar SaxenaSat, 27 Feb 2021 10:52 AM (IST)

अलीगढ़,योगेश कौशिक। कहते हैैं आलू का घाटा आलू ही पूरा करता है। यही सच भी है। कभी आलू का कोई मोल नहीं होता तो कभी किसान को रंक से राजा बना देता है। आलू पिछले वर्ष सेब के भाव बिका। इस बार राजा ने किसान को झटका दिया है। मौसम की मार से पैदावार में कमी आई है तो वहीं मंडी में भाव नहीं मिल रहा। पिछले वर्ष खुदाई पर भाव 800 रुपये प्रति पैकिट (50किलो) था, इस बार 300 रुपये है।

नहीं मिल रहा भाव

अलीगढ़ जनपद में किसानों ने 27,000 हेक्टेयर में आलू की फसल की है। पांच वर्षों से किसान आलू में घाटा सह रहे हैं। सिर्फ पिछले वर्ष आलू का भाव अच्छा मिला था। किसानों को इस बार भी अच्छा भाव मिलने की उम्मीद थी। इस वर्ष किसानों की उम्मीद पर भाव के साथ मौसम ने पानी फेर दिया। एक बीघा में 45-50 पैकिट निकलने वाला आलू 35-40 पैकिट पर आ गया है। किसानों का मानना है कि दिसंबर-जनवरी में हुई बारिश व ओलावृष्टि के साथ गर्मी जल्दी आ जाने से पैदावार पर असर पड़ा है। पिछले वर्ष आलू का भाव खुदाई के समय 800 रुपये पैकिट था। बाद में भाव 1500 रुपये पैकिट तक पहुंच गया। आलू महंगा बिकने पर शीतगृह भी खाली रह गए थे। इस बार 300 रुपये पैकिट का भाव है। आलू के खरीददार भी नहीं हैं। किसान खुदाई के बाद आलू शीतगृह भेज रहे हैं। जिले में 15-20 फीसद खुदाई हो चुकी है। इस वर्ष कोल्ड का भाड़ा जूट 115 रुपये, शुगर फ्री 135 रुपये पैकिट है।

आम आदमी को नहीं राहत

आम आदमी को आलू का भाव कम होने का ज्यादा लाभ नहीं मिला रहा। बाजार में आलू आज भी 10 रुपये किलो है। वहीं मंडी में थोक में 400 रुपये पैकिट।

किसानों के बोल...

300 बीघा में आलू किए हैं। प्रतिबीघा 35-40 पैकिट पैदावार हुई है। पिछले वर्ष पैदावार भी अच्छी थी और भाव भी। इस समय 350 रुपये पैकिट का भाव मिल रहा है।

अमित उपाध्याय, श्यौरा

मौसम की मार से पैदावार कम हुई है। इस वर्ष भाव अच्छा मिलने की उम्मीद थी। वर्तमान में जो भाव मिल रहा है इससे तो लागत भी नहीं निकल पाएगी।

रवेंद्र दीक्षित, ताहरपुर

आलू की फसल में 10 हजार रु पये प्रतिबीघा की लागत आती है। अभी अच्छा भाव नहीं मिल रहा है। अच्छे भाव की उम्मीद से शीतगृह में आलू रखेंगे। श्रीनिवास, हस्तपुर

इस वर्ष आलू की पैदावर कम है। पिछले वर्ष भाव अच्छा मिला था। वर्तमान में आलू के खरीददार नहीं है। फुटकर में अभी भी आलू 10 रुपये किलो बिक रहा है।

निरोत्तम सिंह, बाजगढ़ी

वैसे तो आलू की पैदावार ठीक निकल रही है। जहां बारिश व ओलावृष्टि हुई है वहां पैदावार कम हुई है। अभी दूसरे प्रांत का आलू बाजार में है। आगे भाव अच्छा मिल सकता है। बीएल शर्मा, कृषि विशेषज्ञ

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.