अलीगढ़ में मृदा परीक्षण घोटाले में निजी फर्म की लैब सील

अलीगढ़ (जेएनएन)। करोड़ों रुपये के मृदा परीक्षण घोटाले में आरोपित बरेली की फर्म एस सॉल्यूशंस की ओर से चलाई जा रही लैब को सील कर दिया गया है। इसमें लगा एसी व जांच मशीन हटा दी गई है। फर्म ने 70 हजार मिट्टी के नमूनों की जांच के एवज में 85 लाख रुपये लिए थे। अब इसकी रिकवरी होगी। इस घोटाले में संयुक्त निदेशक (कृषि) जेएस राठौर व उपनिदेशक (शोध) श्रीदेव शर्मा चार दिन पहले ही निलंबित किए गए थे।

यह था मामला

क्वार्सी फॉर्म में उप निदेशक शोध श्रीदेव शर्मा के कार्यालय के पास मिïट्टी के नमूनों की जांच के लिए एस सॉल्यूशंस ने लैब स्थापित की थी। मशीन के साथ एक एसी भी लगाया था। दोनों वहां नहीं हैैं। घोटाला खुलने के बाद कमरा सील कर दिया गया है। बताते हैैं कि इस कंपनी ने यहां के 70 हजार नमूनों की जांच की है। उसे 122 रुपये प्रति नमूना का अनुबंध था। इसके एवज में 85 लाख रुपये भुगतान किया गया। इसकी वसूली की जाएगी।

जेडीए आगरा को दिया चार्ज

कृषि निदेशक श्योराज सिंह ने संयुक्त निदेशक (कृषि) का अतिरिक्त चार्ज आगरा के संयुक्त निदेशक टीपी चौधरी को दिया है। उप निदेशक कृषि अनिल  कुमार का कहना है कि मशीन को लैब से हटाकर अलग रख दिया गया है। जेडी का चार्ज के संबंध में अभी कोई आदेश नहीं मिला है।

 आग लगने की एफआइआर नहीं की

निलंबित जेडीए जेएस राठौर के स्थापना लिपिक के कार्यालय में गुरुवार शाम लगी आग की रिपोर्ट लिखाने के निर्देश प्रमुख सचिव ने दिए थे, पर यह शनिवार शाम तक कराई ही नहीं गई। दैनिक जागरण के सवाल पर कृषि उपनिदेशक अनिल कुमार ने स्वीकार किया कि प्रमुख सचिव ने रिपोर्ट लिखाने के निर्देश दिए थे। इसी आधार पर अधीनस्थों को कहा था, मगर रिपोर्ट कराई नहीं गई है। वहीं, अपर निदेशक (कृषि रक्षा) रामचंद्र ने आग लगने के कारणों की शनिवार को जांच शुरू कर दी। स्टाफ के बयान भी लिए। प्रारंभिक जांच में इसकी वजह शॉर्ट सर्किट का होना नहीं है। वे निदेशक को इसकी जांच रिपोर्ट देंगे।

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