भारी पड़ा पब्लिक से पंगा, अकेले रह गए प्रवर्तन दल प्रभारी Aligarh News

नगर आयुक्त ने ये आदेश प्रवर्तन दल के इन सदस्यों के कार्य व्यवहार और शिकायतों पर किए हैं।

नगर निगम के प्रवर्तन दल में तैनात सेवानिवृत्त दस फौजियों की नियुक्तियां नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह ने निरस्त कर दीं। नगर आयुक्त ने ये आदेश प्रवर्तन दल के इन सदस्यों के कार्य व्यवहार और शिकायतों पर किए हैं।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 10:59 AM (IST) Author: Sandeep kumar Saxena

अलीगढ़, जेएनएन। नगर निगम के प्रवर्तन दल में तैनात सेवानिवृत्त दस फौजियों की नियुक्तियां नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह ने निरस्त कर दीं। नगर आयुक्त ने ये आदेश प्रवर्तन दल के इन सदस्यों के कार्य व्यवहार और शिकायतों पर किए हैं। वहीं, प्रवर्तन प्रभारी के खिलाफ शासन को लिखा गया है। सदस्यों पर प्रतिमाह चार लाख रुपये खर्च हो रहा था।

यह है मामला

शहरों में अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होने से शासन ने प्रदेश के सभी नगर निगमों में सेना के रिटायर्ड अफसरों की तैनाती कर प्रवर्तन दल बनाने के निर्देश दिए थे। जनवरी, 2020 में यहां प्रवर्तन दल प्रभारी के रूप में रिटायर्ड कर्नल निशीथ सिंघल की तैनाती हुई। रिटायर्ड कर्नल की अगुवाई में अतिक्रमण के खिलाफ छह फरवरी को पहली कार्रवाई हुई थी। एक हफ्ते तक अभियान चला, फिर बंद हो गया। इसके बाद कोरोना संकट के चलते अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई ठप रही। बीच-बीच में प्रवर्तन दल ने कुछ स्थानों पर अतिक्रमण हटाया था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। एडीए वीसी प्रेम रंजन सिंह ने नगर आयुक्त की कुर्सी संभालने के बाद 26 नवंबर को सेवानिवृत्त दो टीम लीडर व आठ कमांडरों की नियुक्ति की थी। प्रवर्तन दल प्रभारी की अगुवाई में इस टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान छेड़ दिया। इस दौरान कई बार विवाद हुए। मारपीट, पथराव तक हुआ। इसको लेकर प्रवर्तन दल की कार्यशैली पर अंगुलियां उठने लगीं।

अभद्र व्‍यवहार की थींं शिकायतें 

 सेवानिवृत्त फौजियों के पब्लिक पर भड़कने, अभद्र व्यवहार की शिकायतें विधायक भी करने लगे। शहर विधायक ने तो लिखित शिकायत की थी। नगर आयुक्त ने जांच कराई। 13 जनवरी को जारी नगर आयुक्त के आदेश में कहा है कि विभागीय आख्या से स्पष्ट है कि प्रवर्तन दल द्वारा की गई कार्रवाई में दल के सदस्यों के कार्य व्यवहार से जनप्रतिनिधियों व जनमानस में रोष व्याप्त है। निगम के अधिकारी, कर्मचारी को अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण नगर निगम की छवि धूमिल हो रही है। ऐसी स्थिति में उप्र पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के माध्यम से दो लीडर व आठ स्क्वाड कमांडरों की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। इनके स्थान पर आवश्यकतानुसार होमगाड्र्स की तैनाती कर ली जाए। 

मैंने ही दो लीडर व आठ कमांडरों की नियुक्ति की थी। इनके खिलाफ तमाम शिकायतें थीं, इसीलिए नियुक्तियां निरस्त कर दीं। प्रभावी के खिलाफ शासन को लिखा है। प्रवर्तन दल में पूर्व की भांति होमगाड्र्स तैनात किए जाएंगे। 

प्रेम रंजन सिंह , नगर आयुक्त 

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