Shakti Roopen Sanstha : ऋषि विश्‍वामित्र ने यज्ञ कुंड की पूर्व दिशा में की थी सर्वमंगला माता की स्‍थापना Aligarh news

अलीगढ़ जिला मुख्यालय से 34 किमी दूर अलीगढ़-मथुरा रोड स्थित कस्बा बेसवां के समीप सर्वमंगला माता (पूठा वाली मैया) विराजमान हैं। अलीगढ़ व मथुरा से यहां सीधे बस से पहुंचा जा सकता है। प्राचीन इतिहास को समेटे इस मंदिर में लोगों की अपार आस्था है।

Anil KushwahaThu, 14 Oct 2021 03:16 PM (IST)
जिला मुख्यालय से 34 किमी दूर अलीगढ़-मथुरा रोड स्थित कस्बा बेसवां के समीप सर्वमंगला माता (पूठा वाली मैया) विराजमान हैं।

अलीगढ़, योगेश कौशिक। अलीगढ़ जिला मुख्यालय से 34 किमी दूर अलीगढ़-मथुरा रोड स्थित कस्बा बेसवां के समीप सर्वमंगला माता (पूठा वाली मैया) विराजमान हैं। अलीगढ़ व मथुरा से यहां सीधे बस से पहुंचा जा सकता है। प्राचीन इतिहास को समेटे इस मंदिर में लोगों की अपार आस्था है। नवरात्र में यहां मेला लगता है। माता की कृपा पूरे क्षेत्र पर रहती है, इसलिए घर-परिवार में कोई भी मंगल कार्य बिना मैया के आशीर्वाद के प्रारंभ नहीं होता।

मंंदिर का इतिहास

बताया जाता है कि यह मंदिर त्रेतायुग का है। संसार के कल्याण के लिए ऋषि विश्वामित्र ने यज्ञ किया था। उस समय यहां तारिकासुर व कालभीत नामक राक्षस का आतंक था। यज्ञ से पहले विश्वामित्र ने यज्ञ कुंड (धरणीधर सरोवर) के पूर्व दिशा में सर्वमंगला माता की स्थापना की थी। इस स्थान पर पूठा होने के कारण बाद में सर्वमंगला माता का नाम पूठा वाली मैया पड़ गया। पहले यहां मंदिर के स्थान पर कच्चा मठ था, बाद में श्रद्धालुओं ने यहां चबूतरा बना दिया। महंत महेश गिरि ने 1985 के आसपास श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर बनवाया। मंदिर पर प्रत्येक सोमवार को मेला लगता है और भंडारा होता है।

मंदिर की विशेषता

मंदिर के पास ही पीरबाबा की मजार है। इस मजार पर हिंदू-मुस्लिम सभी आते हैं। नवरात्र में मथुरा, आगरा, दिल्ली, हाथरस, राजस्थान, हरियाणा आदि प्रांतों से भी लोग दर्शन करने आते हैं। नवरात्रि में नौ दिन तक मंदिर में विशेष पूजा अर्चना होती है। मनोकामना पूर्ण होने पर लोग पीतल का घंटा चढ़ाते हैं। द्वार पर ही घंटों की बड़ी श्रृंखला दिखाई देती है। पूरे मंदिर को गेरुआ रंग से रंगा गया है। बाहर विशाल द्वारा बना हुआ है।

हर दिन भजन कीर्तन

नवरात्रि के लिए मंदिर पर विशेष तैयारियां की जाती है। प्रत्येक दिन सायं को भजन कीर्तन किया जाता है। मंदिर पर पूठा वाली मैया के साथ हनुमान जी, शिव परिवार, शनिदेव, संतोषी मैया के भी दर्शन होते हैं।

इनका कहना है 

पूठा वाली मैया अपने भक्तों की सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी करती हैं। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु पीतल का घंटा चढ़ाते हैं। सभी भक्तों पर मैया की असीम कृपा होती है।

- बाबा सोमगिरि, महंत

सर्वमंगला पूठावाली मैया की ख्याति दूर-दराज तक फैली हुई है। मैया मांगी गई मुराद अवश्य पूरी करती हैं। नवरात्रि में यहां लाइन में लगकर दर्शन करने पड़ते हैं।

- मीरा देवी, भक्त

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.