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अलीगढ़ के संवेदनशील इलाकों में सद्भाव का संदेश देंगे धर्मगुरु Aligarh News

अलीगढ़ [जेएनएन]: कुछ असामाजिक तत्व शहर का माहौल बिगाडऩे की साजिश रच रहे हैं। लोगों को गुमराह भी कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को समझाने व सचेत करने के लिए सभी धर्मों के गुरु एक मंच पर आ गए हैं। धर्मगुरु संवेदनशील इलाकों में जाकर शांति व सद्भाव का संदेश देंगे। गुरुवार को ऊपरकोट पर हुई धर्मगुरुओं की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया।

भाईचारे की मिसाल पेश करेंगे

सर्वधर्म शांति समिति की प्रेसवार्ता में शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने लोगों से शहर में भाईचारा व आपसी मेल मिलाप पर जोर दिया। कहा, हमें गंगा-जमुनी तहजीब को कायम रखते हुए भाईचारे की मिसाल पेश करनी है।

हिंसा से हमारी क्षति हुई

आचार्य स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने कहा कि भारत में विभिन्न धर्म, संस्कृति व समुदाय के लोग रहते हैं। सभी अपने धर्म को श्रेष्ठ मानते हैं, मगर दूसरों की निंदा नहीं करते। पूरे विश्व को शांति का संदेश यही से जाता है। ङ्क्षहसा से हुई क्षति सरकार या नेता की नहीं, हमारी हो रही है।

शांति बनाए रखना जरूरी

फादर जॉनथन लाल ने-'मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना...' से बात शुरू की। कहा, सरकार आएंगी और चली जाएंगी। कुछ नियम नए बनेंगे और कुछ खत्म हो जाएंगे। मगर, हमें शांति बनाए रखनी है।

बहकावे में न आएं लोग

सिख धर्म प्रचारक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि किसी के बहकावे में न आएं। हम गंगा-जमुनी तहजीब में जीने वाले लोग हैं। अमन और शांति बनाए रखें।

सरहद पार कहलाएंगे भारतीय

समाजसेवी निधि शर्मा ने कहा कि यहां धर्म के नाम पर भले ही हम लड़ें, मगर सरहद के पार भारतीय ही कहलाएंगे। प्रगति चौहान व परवेज नाज ने विचार रखे। संयोजक गुलजार अहमद ने बताया कि जल्द ही मिश्रित आबादी व संवेदनशील इलाकों में सर्वधर्म सद्भाव सम्मेलन आयोजित होंगे। इनमें सभी धर्मों के गुरु लोगों को शांति का संदेश देंगे। इस मौके पर गौरव शास्त्री, सौरभ पंडित, मुईन अंसारी, अब्दुल हाफिज अंसारी, अजहर अहमद मौजूद रहे।

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