कोरोना काल में वाटर टैैंक प्लांट शुरू कर बरसाए रोजगार Aligarh news

कोरोना काल में जहां एक ओर रोजगार छिन रहे थे और फैक्ट्रियां बंद हो रहीं थी वहीं अलीगढ़ में एक बड़ा प्लांट स्थापित कर बेरोजगार हुए लोगों को रोजी-रोटी का साधन उपलब्ध कराया गया। कोनार्क ग्रुप ने आपदा को अवसर में बदला है।

Anil KushwahaMon, 14 Jun 2021 11:02 AM (IST)
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला फुली स्वदेशी प्लास्टिक वाटर हैड टैंक का प्लांट शुरू किया है।

अलीगढ़, जेएनएन।  कोरोना काल में जहां एक ओर रोजगार छिन रहे थे और फैक्ट्रियां बंद हो रहीं थी, वहीं अलीगढ़ में एक बड़ा प्लांट स्थापित कर बेरोजगार हुए लोगों को रोजी-रोटी का साधन उपलब्ध कराया गया। कोनार्क ग्रुप ने आपदा को अवसर में बदला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला फुली स्वदेशी प्लास्टिक वाटर हैड टैंक का प्लांट शुरू किया है, जिसमें प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब पांच सौ लोगों को रोजगार मिला है। साथ पीएम नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल की मुहिम को धार दी है।

पचपेड़ा गांव के निकट प्‍लांट 

यह प्लांट दिल्ली रोड पर पचपेड़ा गांव के निकट स्थापित किया गया है, जिस पर करीब पांच करोड़ रुपये का निवेश किया है। हालांकि, ग्रुप का प्लास्टिक पाइप्स एंड फिटिंग्स के क्षेत्र में अलग नाम है। इसकी दो फैक्ट्री जिले में हैैं, जिनका एक हजार करोड़ रुपये सालाना कारोबार है। इन दोनों फैक्ट्रियों से एक हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। पिछले साल कोरोना संक्रमण के चलते लाकडाउन लगा था। अन्य जिलों में फैक्ट्री बंद होने पर अनेक लोग अपने जिले में आ गए। कोनार्क ग्रुप ऐसे लोगों को लेकर चिंतित हुआ। इस बीच ग्रुप ने वाटर टैैंक प्लांट की योजना बना डाली। इसका निर्माण अक्टूबर में शुरू हुआ, जो कि जनवरी में पूरा हो गया। अप्रैल में ट्रायल कराया गया और अब इसे शुरू कर दिया गया है।

पांच करोड़ की लागत से तैयार प्‍लांट

पांच करोड़ रुपये की लागत से नौ बीघा जमीन पर तैयार प्लांट स्थापित किया गया है। इसमें 90 लोगों को नौकरी दी गई है। चार राज्यों में डिस्ट्रीब्यूटर बनाए गए हैैं। इस प्लांट में 150 लाख लीटर पानी के टैंक हर रोज तैयार करने की क्षमता है। फैक्ट्री में पांच सौ, सात सौ, एक हजार व दो हजार व पांच हजार लीटर की पानी की टंकियां तैयार की जा रही हैं।

इनका कहना है

ग्रुप की दो कंपनियां प्लास्टिक के पाइप व फिटिंग्स के उत्पादन पहले से तैयार करती हैं। इन कंपनियों की सफलता के बाद हमने प्लास्टिक वाटर ओवर हेड टैंक बनाने की योजना बनाई। दिल्ली व एनसीआर से तमाम कुशल कारीगर बेरोजगार हो गए थे। हमने इस महामारी के बीच इस योजना को परवान चढ़ाया है। प्रोडक्ट की क्वालिटी पर जोर दिया है। अब क्षेत्र के युवाओं को दूसरे शहरों में रोजगार के लिए नहीं जाना होगा।

अनमोल रतन, चेयरमैन, कोनार्क ग्रुप

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