गांव रूपनगर के ग्रामीणों का सवाल : सरकार बताओ, प्रधान चुने या चैयरमैन Aligarh News

सरकारी रिकार्ड में ग्राम पंचायत और नगर पंचायत दोनों ही है।

यह सुनने में भले ही अटपटा लगे लेकिन है सच। जिले में चंडौस ब्लाक का रूपनगर इकलौता एक ऐसा गांव है जो सरकारी रिकार्ड में ग्राम पंचायत और नगर पंचायत दोनों ही है। अब यहां के मतदाता असमंजस में हैं कि वह ग्राम प्रधान चुनेंगे या चेयरमैन।

Sandeep kumar SaxenaFri, 26 Feb 2021 09:31 AM (IST)

अलीगढ़, जेएनएन। यह सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन है सच। जिले में चंडौस ब्लाक का रूपनगर इकलौता एक ऐसा गांव है, जो सरकारी रिकार्ड में ग्राम पंचायत और नगर पंचायत दोनों ही है। अब यहां के मतदाता असमंजस में हैं कि वह ग्राम प्रधान चुनेंगे या चेयरमैन। प्रशासन भी शासन के आदेशों का इंतजार कर रहा है। हालांकि, पंचायती राज विभाग आगमी दिनों में यहां प्रधानी के चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। वहीं, नगर पंचायत पिसावा अपने प्रस्तावित कार्यों को इसमें शामिल कर रहा है। 

यह है मामला 

रूपनगर ग्राम पंचायत दो हजार से अधिक की आबादी वाला गांव है। यह पिसावा से सटा हुआ है। पिछले साल जिला प्रशासन ने रूपनगर व पिसावा को मिलाकर नई नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। पिछले दिनों शासन स्तर से सूबे में दो दर्जन के करीब नई नगर पंचायत बनाई गईं। इनमें एक पिसावा भी शामिल थी, लेकिन शासन स्तर से अधिसूचना में एक चूक हो गई। इसमें केवल पिसावा का ही नाम ही शामिल किया। वहां से अफसर रूपनगर का नाम लिखना ही भूल गए।

संशोधित प्रस्ताव

 अब पिछले दिनों जिला प्रशासन की ओर से एक संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है। एेसे में फिर से पिसावा के साथ रूप नगर का शामिल किया गया। ऐसे में अब 29 जनवरी को शासन से संशोधित अधिसूचना जारी हुई। इसमें फिर से पिसावा व रूपनगर को शामिल करते हुए नई नगर पंचायत घोषित की गई। 

विभाग की अलग तैयारी

 इधर पंचायत राज विभाग भी पंचायत चुनावी की तैयारी में लगा था। इसमें परिसीमन को लेकर शासन स्तर से एक आदेश जारी हुआ। इसमें 25 दिसंबर तक नगर पंचायतों में शामिल हुए गांव को चुनाव से बाहर रखा गया। बाकी पंचायत को चुनाव में शामिल कर लिया। इसमें रूपनगर भी शामिल था। क्योंकि, इसका नगर पंचायत में शामिल होने का संशोधित आदेश 29 जनवरी को हुआ है। 

दोनों विभाग कर रहे

 अब नगर पंचायत व पंचायती राज विभाग दोनों ही असमंजस में है। दोनों ही अपने स्तर से तैयारी कर रहे हैं। नगर पंचायत जहां संशोधित आदेश के आधार पर यहां विकास कार्य कराने की तैयारी कर रहा है। वहीं, पंचायत राज विभाग 25 दिसंबर के आदेश के आधार पर चुनाव कराने की। ऐसे में दोनों विभाग की तरफ से दावा करने पर ग्रामीण भी असमंजस में हैं। 

रूपनगर के बिना नगर पंचायत नहीं

किसी भी ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने के लिए कम से कम 20 हजार की आबादी होना अनिवार्य है। पिसावा की आबादी इस मानक से कम है। ऐसे में रूपनगर की आबादी को मिलाकर ही यहां की 20 हजार आबादी होती है। ऐसे में इसके बिना नगर पंचायत संभव ही नहीं हैं। 

शासन स्तर से 25 दिसंबर से पहले नगर पंचायतों में शामिल हुए गांव को ही चुनाव से बाहर करने का फैसला लिया है। रूप नगर इस आदेश तक ग्राम पंचायत ही था। ऐसे में यहां पर क्षेत्र पंचायत व प्रधानी के चुनाव की पूरी तैयारी है। शासन स्तर से भी सुझाव मांगा गया है। 

पारुल सिसौदिया, डीपीआरओ 

पिछले दिनों शासन स्तर से पिसावा नगर पंचायत का संशोधित आदेश हुआ है। इसमें रूप नगर भी शामिल है। रूप नगर की आबादी को शामिल किए बिना पिसावा नगर पंचायत का गठन ही संभव नहीं है। 

प्रवीण यादव, प्रशासक पिसावा नगर पंचायत व एसडीएम गभाना

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