अलीगढ़ के निजी अस्पताल में इलाज के खर्चे को लेकर मारपीट, पुलिस ने डाक्टर को पीटा Aligarh news

शहर के निजी अस्पताल में मारपीट के बाद पहुंची पुलिस, जिस पर डाक्टर से मारपीट का आरोप है

घटना की जानकारी होते ही आइएमए पदाधिकारी थाना क्वार्सी पहुंच गए। माहौल भांप पुलिस ने डाक्टर सागर वाष्र्णेय को छोड़ दिया। आइएमए थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी रही। अपने-अपने अस्पताल में ओपीडी सेवा ठप कर दी। शनिवार को आइएमए ने बैठक बुलाई है।

Mukesh ChaturvediSat, 27 Feb 2021 12:39 AM (IST)

जागरण संवाददाता, अलीगढ़: इलाज में खर्चे को लेकर शुक्रवार शाम तीमारदार और अस्पताल स्टाफ में मारपीट हो गई। अस्पताल संचालक के डाक्टर पुत्र सहित दोनों पक्षों के पांच लोगों को पुलिस पकड़कर ले गई। आरोप है कि पुलिस ने डाक्टर की पिटाई की। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के आक्रोश पर पुलिस ने डाक्टर को छोड़ दिया। थानेदार के खिलाफ पर अड़े निजी चिकित्सकों ने शाम से ही ओपीडी सेवा बंद कर दी। आइएमए ने शनिवार को बैठक बुलाई है। इस मामले में एसएसपी मुनिराज ने एक सिपाही व एक होमगार्ड को निलंबित कर दिया है।

यह था मामला 

ये मामला रामघाट रोड स्थित के के हास्पिटल का है। लोधा थाना क्षेत्र के गांव करसुआ निवासी नरेंद्र तोमर की शिक्षिका पत्नी रजनी को प्रसव पीड़ा होने पर 20 फरवरी को यहां भर्ती कराया गया था। अगले दिन रजनी ने दो बच्चों को जन्म दिया। नरेंद्र का आरोप है कि डाक्टर ने 35 हजार रुपये का खर्चा बताया था। जबकि डेढ़ लाख रुपये की दवा मंगा ली। 65 हजार रुपये जमा करा लिए। शुक्रवार को रजनी की छुट्टी होनी थी। डाक्टर ने 21 हजार रुपये की मांग फिर कर दी। विरोध किया तो डाक्टर सागर वाष्र्णेय व उनके स्टाफ ने अभद्रता कर दी। बाउंसरों ने पिस्टल तान दी। कुछ ही देर में पुलिस पहुंच गई। डा. सागर, स्टाफ और तीमारदारों पक्ष के पांच लोगों को धकियाते हुए जीप में डालकर थाने ले गई।

लामबंद हुए निजी चिकित्सक

घटना की जानकारी होते ही आइएमए पदाधिकारी थाना क्वार्सी पहुंच गए। माहौल भांप पुलिस ने डाक्टर सागर वाष्र्णेय को छोड़ दिया। आइएमए थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी रही। अपने-अपने अस्पताल में ओपीडी सेवा ठप कर दी। शनिवार को आइएमए ने बैठक बुलाई है। डाक्टर ने इनके खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

अमित, सुमित निवासी करसुआ, दीपक निवासी मुरलीनगर, अजय निवासी ईशनपुर, खुर्जा समेत सात-आठ लोग। सीओ अनिल समानिया का कहना है कि डाक्टर से मारपीट का आरोप गलत है। धक्का-मुक्की हुई है। डाक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। नामजद चारों आरोपित हिरासत में हैं।

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