पवन जैन ने तीर्थ धाम मंगलायतन से अलीगढ़ को अलग पहचान दिलाई, प्रेरणा से मेरठ में हो रहा चिदायतन तीर्थधाम का निर्माण

कुछ लोग बड़ी पहचान के लिए जीवनभर मेहनत करते हैं। ताकि युगों-युगों तक उन्हें याद रख सके। पवन जैन उन्हीं में से एक थे। उद्योग जगत में एक मुकाम हासिल किया तो आध्यात्म के क्षेत्र में भी पीछे नहीं रहे। तीर्थ धाम मंगलायतन से अलीगढ़ को अलग पहचान दिलाई।

Sandeep Kumar SaxenaSat, 04 Dec 2021 07:52 AM (IST)
तीर्थ धाम मंगलायतन से अलीगढ़ को अलग पहचान दिलाई।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। कुछ लोग बड़ी पहचान के लिए जीवनभर मेहनत करते हैं। ताकि युगों-युगों तक उन्हें याद रख सके। पवन जैन उन्हीं में से एक थे। उद्योग जगत में एक मुकाम हासिल किया तो आध्यात्म के क्षेत्र में भी पीछे नहीं रहे। तीर्थ धाम मंगलायतन से अलीगढ़ को अलग पहचान दिलाई। इस तीर्थ स्थल पर दुनियाभर से जैन समाज के लोग आते हैं। इसी तरह का एक और तीर्थधाम चिदायतन मेरठ जिले के हस्तिनापुर में बनाया जा रहा है। इसके निर्माण की पूरी योजना पवन जैन तैयार कर गए हैं। इसमें जैन समाज के अध्यात्म दर्शन के साथ रमणीक स्थल विकसित किया जाना है। अस्पताल और कालेज भी इसी परिसर में होगा। वे नहीं हैं, पर उनके द्वारा स्थापित जैन धर्मस्थलों में उनकी यादें हमेशा रहेंगी। उनके गुजर जाने का मलाल लोगों को ताउम्र रहेगा।

पावना ग्र्रुप के संस्थापक पवन जैन ने अपने पिता कैलाश चंद्र जैन से बचपन से ही धार्मिक संस्कार लिए। इन संस्कारों के चलते वर्ष 2003 में आगरा रोड पर तीर्थधाम मंगलायतन की स्थापना कराई गई। उद्घाटन समारोह में तत्कालीन उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी व केंद्रीय मानव संसाधन विकासमंत्री डा. मुरली मनोहर जोशी के अलावा राजनीतिक बड़ी हस्तियों ने भाग लिया था। साथ ही अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपना लोहा मनवाने वाले खिलाड़ी, अध्यात्मिक गुरु व शिक्षा जगत से जुड़ी कई शख्सियत भी समारोह में शामिल हुईं। तीर्थधाम मंगलायतन द्वारा संचालित भगवान श्रीआदिनाथ विद्यानिकेतन में पढऩे वाले छात्र आज कला, विज्ञान, प्रशासन, पत्रकारिता आदि के क्षेत्र में कीतर्मान स्थापित कर रहे हैं। यह सब दिवंगत जैन की प्रेरणा का ही फल है। मंगलायतन तीर्थधाम पर आचार्य कुंदकुंद रिसर्च इंस्टीट्यूट, श्रीआदिनाथ विद्या निकेतन, भगवान महावीर धर्मार्थ औषधालय हैं। वे यूएस में जैन सेंटर आफ ग्रेटर फोनिक्स, कनाडा में एसएस जैन फाउंडेशन से भी जुड़े हुए थे।

शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी रही उपलब्धियां

ग्र्रुप आफ पावन के संस्थापक पवन जैन ने अलीगढ़ के विकास में अपनी अग्रणी भूमिका निभाई। पावना जैदी सिक्योरिटी सिस्टम फ्लेगशिप कंपनी के जरिये इन्होंने उद्योग जगत में कदम रखा। इसके बाद श्री केके जैन एजुकेशनल ट्रस्ट की स्थापना की। जूनियर डीपीएस बिंग का निर्माण किया। उस दौर में अलीगढ़ के आसपास के क्षेत्र में इस तरह का दूसरा कोई विद्यालय नहीं था। आगरा रोड पर ही सीनियर बिंग की स्थापना की। इस प्रांगण में वर्ष 2004 में आशा किरण का केंद्र शुरू किया, जिसमें दिव्यांग बच्चों को शिक्षा दी जाती है। सिविल लाइंंस डीपीएस की स्थापना की। मंगलायतन विश्व विद्यालय की स्थापना कर छात्र-छात्राओं को दिल्ली, पुणे व मुंबई स्तर का अकादमिक माहौल उपलब्ध कराया।

शोक जताने वालों का घर पर लगा रहा तांता

शोक जताने वालों का शुक्रवार को दिनभर पवन जैन के घर पर तांता लगा रहा। पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाह, एडीएम वित्त प्रधान जायसवाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार, ब्लाक प्रमुख अकराबाद राहुल सिंह आदि ने पवन जैन के पुत्र स्वप्निल जैन को ढांढस बंधाया। पूर्व महापौर शकुंतला भारती ने पवन जैन की पत्नी आशा जैन को सांत्वना दी। पवन जैन का निधन गुरुवार को हो गया था। शुक्रवार की सुबह से ही उनके घर पर शोक जताने वालों का सुबह से ही उनके घर पर आना शुरू हो गया था। उद्योगपति धनजीत वाड्रा, प्रदीप सिंघल, भिखारीदास गुप्ता, ग्र्रुप आफ कोनार्क के चेयरमैन अनमोल रतन, मोहम्मद खुर्रम, द अलीगढ़ क्लाथ मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, संजय अग्रवाल आदि ने जैन के निधन पर शोक व्यक्त किया है। भारतीय जैन मिलन के उपाध्यक्ष नरेश जैन, बनारसीदास जैन, सुरेश जैन, मुनेश जैन, बबुआ जैन, पुष्पेंद्र जैन ने पवन जैन के निधन से समाज के लिए बड़ी क्षति होना बताया है।

व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने दी श्रद्धांजलि

अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की ओर से शुक्रवार को महानगर समर्पण कांप्लेक्स में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इसमें पवन जैन द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की गई। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष सतीश माहेश्वरी, चेयरमैन ओपी राठी, कोषाध्यक्ष श्रीकिशन गुप्ता ने कहा कि पवन जैन ने उद्योग जगत के साथ आध्यात्मिक क्षेत्र में भी देश-दुनिया में अलीगढ़ का नाम रोशन किया। महामंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक गुप्ता, जिलाध्यक्ष कमल गुप्ता, विवेक शर्मा, ब्रज मोहन अग्रवाल, राकेश सिक्स संस सहित तमाम व्यापारियों ने शोक व्यक्त किया।

जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए मसीहा से कम न थे उद्योगपति पवन जैन

साधन संपन्न परिवारों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए डीपीएस व उच्च शिक्षा के लिए मंगलायतन यूनिवर्सिटी देने वाले पवन जैन जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए भी किसी मसीहा से कम नहीं थे। वे हर वर्ष मदरसा के छह से सात विद्यार्थियों को डीपीएस में मुफ्त में प्रवेश दिलाते थे। उन्होंने फिरदौस नगर में जमीन खरीदी और बच्चों के लिए स्कूल बनवाया। वहां ये बात पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी व मदरसा चाचा नेहरू की संस्थापक सलमा अंसारी ने कहीं। उन्होंने बताया कि पवन जैन गुरुर से मुक्त इंसानियत के पर्याय थे।

सलमा ने बताया कि पवन जैन इतनी शालीनता से जरूरतमंदों की मदद करते थे कि किसी को पता भी नहीं चलता था। पवन जैन ने मदरसा चाचा नेहरू में 'पवन जैन पुस्तकालयÓ खुलवाया था। शहंशाहबाद मौलाना आजाद नगर के स्लम एरिया में ऐसी जगह स्कूल था, जहां बच्चे व शिक्षक जा नहीं सकते थे। वहां पढऩे वाले बच्चों को कीचड़, गोबर जैसी गंदगी से निजात दिलाने के लिए स्कूल का निर्माण कराया। वहीं पर उन बच्चों का शिक्षण कार्य शुरू हुआ। इसका जिक्र भी उन्होंने किसी से नहीं किया। किसी भी विद्यार्थी से एक रुपया तक नहीं लिया। अब उन्हीं बच्चों में से 92 फीसद अंक लाने वाले मेधावी निकल रहे हैं।

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