कोरोना काल में भी टीबी का प्रकोप, बचता है तो मास्‍क जरूर पहनें Aligarh news

जिला क्षय रोग‌ अधिकारी डा. अनुपम भास्कर ने बताया कि कोरोना वायरस कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अपना शिकार बना रहा है। इसलिए टीबी मरीजों में संक्रमण का खतरा अन्य मरीजों से कई गुना ज्यादा होता है ।

Anil KushwahaMon, 26 Jul 2021 05:01 PM (IST)
कोरोना काल में टीबी ने हजारों लोगों को अपने शिकंजे में लिया।

अलीगढ़, जेएनएन।  कोरोना काल में भले ही दूसरी बीमारियों का ज्यादा प्रकोप सामने नहीं आया हो, लेकिन टीबी ने हजारों लोगों को अपने शिकंजे में लिया। स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अभियानों व सरकार से अधिकृत प्राइवेट संस्था के सहयोग से एक जनवरी से 25 जुलाई 2021 तक सात हजार तीन टीबी के मरीज सामने आए हैं। सभी को उपचार पर ले लिया गया है। क्योंकि, कोरोना की तरह टीबी का बैक्टीरिया भी खांसने व छींकने आदि के फलस्वरूप हवा में फैले ड्रापलेट के रूप में संपर्क में आए व्यक्ति को सांस के जरिए संक्रमित कर देता है। इसलिए मास्क का प्रयोग कोरोना के साथ  ही टीबी से भी बचाएगा।

कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों का ज्यादा खतरा

जिला क्षय रोग‌ अधिकारी डा. अनुपम भास्कर ने बताया कि कोरोना वायरस कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अपना शिकार बना रहा है। इसलिए टीबी मरीजों में संक्रमण का खतरा अन्य मरीजों से कई गुना ज्यादा होता है । जरूरी है कि मरीज बहुत आवश्यक हो, तभी घर से बाहर निकले ‌। मास्क और शारीरिक दूरी का पालन करें ‌। टीबी का मरीज एक बार खांसने पर लगभग 30 हजार टीबी बैक्टीरिया हवा में छोड़ता है। यदि, वह कोरोना संक्रमित हो गया तो संक्रमण बड़े स्तर पर फैल सकता है ।

बस्तियों में रहने वालों को खतरा

डा. भास्कर ने बताया कि टीबी का खतरा फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों व स्लम एरिया में रहने वाले लोगों को अधिक होता है। कोरोना के खिलाफ चले स्क्रीनिंग अभियान के दौरान लक्षणों के आधार पर टीबी के संदिग्ध रोगियों की जांच कराई गई। सरकारी क्षेत्र से 4190 मरीज जनवरी से अब तक मिले। इनमें 12 जुलाई से 25 जुलाई तक चले दस्तक अभियान के दौरान पाए गए 107 टीबी के नए मरीज भी शामिल हैं। निजी क्षेत्र से 2813 मरीज चिह्नित किए गए। सभी को उपचार पर ले लिया गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि कोरोना के साथ टीबी जैसी अन्य बीमारियों को भी गंभीरता से लेना है।

टीबी और कोरोना से बचाव करेगा मास्क

पुनरीक्षित क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के जिला समन्वयक सतेंद्र कुमार ने बताया कि खांसने और सीखने से संपर्क में आने से टीबी और कोरोना के फैलने का खतरा है । इसलिए हम अगर मास्क लगाते हैं तो वह दोनों से हमारी रक्षा करता है ।

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