Community Toilet in Aligarh : सामुदायिक शौचालयों के संचालन पर जोर दे रहे अफसर, विस्‍तार से जानिए मामलाAligarh News

Community toilet in Aligarh सामुदायिक शौचालयों की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए अफसर जुट गए हैं। सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने ब्लाक स्तर पर इसके लिए जांच टीमें गठित कर दी हैं। यह टीमें गांव-गांव जाकर पड़ताल कर रही हैं।

Sandeep Kumar SaxenaTue, 21 Sep 2021 03:00 PM (IST)
सामुदायिक शौचालयों के संचालन पर जोर दिया जा रहा है।

अलीगढ़, जागरण संवाददता। सामुदायिक शौचालयों की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए अफसर जुट गए हैं। सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने ब्लाक स्तर पर इसके लिए जांच टीमें गठित कर दी हैं। यह टीमें गांव-गांव जाकर पड़ताल कर रही हैं। इसमें सामुदायिक शौचालयों के संचालन पर जोर दिया जा रहा है। खामियों को दुरुस्त किया जा रहा है। हर शौचालय में बिजली व पानी की व्यवस्था की जा रही है। समूहों को निरतंर निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी जा रही है।

अव्वल रहा था जिला

जिले में कुल 867 ग्राम पंचायत हैं। पिछले दिनों स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालय बनाने का फैसला लिया है। जिले भर में प्रति पंचायत एक शौचालय के हिसाब से 863 शौचालय बनाए गए। चार पंचायतों में जगह न मिलने के कारण शौचालय नहीं बन सके। एक शौचालय पर चार से आठ लाख तक खर्च किए गए। अलीगढ़ देश भर में शौचालय निर्माण में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद शौचालय निर्माण पर शासन स्तर से महिला समूहों का इनके संचालन की जिम्मेदारी दी गई। जिले में हर शौचालय के लिए एक महिला समूह की नियुक्ति कर दी गई। नौ हजार रुपये महीने के हिसाब से इस महिला समूह को धनराशि मिल रही है, लेकिन अधिकतर महिलाओं के नाम महज कागजों में ही दर्ज हुए। इसी के चलते शौचालयों की देखभाल नहीं हो पा रही है। जिले के अधिकांश शौचालय बदहाल पड़े है। कई तो ऐसे हैं, जिनके तक तक नहीं खुले हैं।

जांच को टीमें गठित

 अब जिले भर से सीडीओ अंकित खंडेलवाल को काफी समय से इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसे में अब उनहोंने जिले भर में जांच के आदेश कर दिए हैं। बीडीओ व एडीओ के साथ ही सचिवों को भी इसमें लगाया गया है। इसमें सभी शौचालयों के निरंतर संचालन के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अगर कहीं खामी है तो उसे भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

इस तरह होता है भुगतान

सभी सामुदायिक शौचालयों के लिए ग्राम निधि से भुगतान होता है। इसमें छह हजार महीने के हिसाब से 18 हजार का मानदेय व तीन हजार प्रति माह के हिसाब से नौ हजार साबुन, तेल व अन्य सामग्री के शामिल हैं।

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