Ambulance Drivers Arbitrariness : तय दरों पर ही चलेंगी एंबुलेंस, अधिक वसूली पर लगेगी रासुका Aligarh News

कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की एवज में एंबुलेंस चालकों ने खूब मनमानी की। नोएडा गाजियाबाद व दिल्ली तक का 20-25 हजार रुपये तक किराया वसूलने की शिकायतें आईं। शहर में ही दो से तीन किलोमीटर के लिए दो से पांच हजार रुपये तक वसूल लिए।

Sandeep Kumar SaxenaThu, 05 Aug 2021 07:30 AM (IST)
शहर में ही दो से तीन किलोमीटर के लिए दो से पांच हजार रुपये तक वसूल लिए।

अलीगढ़, जेएनएन। कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की एवज में एंबुलेंस चालकों ने खूब मनमानी की। नोएडा, गाजियाबाद व दिल्ली तक का 20-25 हजार रुपये तक किराया वसूलने की शिकायतें आईं। शहर में ही दो से तीन किलोमीटर के लिए दो से पांच हजार रुपये तक वसूल लिए। लेकिन, संभावित तीसरी लहर में मरीजों का उत्पीड़न नहीं हो पाएगा। ऐसा करने वाले एंबुलेंस चालकों को खुद जेल की यात्रा करनी पड़ सकती है वह भी मुफ्त। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन ने एंबुलेंस चालकों पर शिकंजा कसने के लिए अभी से तैयारी कर ली है, जिसके अंतर्गत प्रशासन ही नहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी छापेमारी करेंगी। अधिक वसूलों पर मुकदमा दर्ज होगा।

चालकों ने उठाया था मजबूरी का फायदा

दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण काफी घातक रहा। पहली लहर में जहां 80 फीसद मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल जाने तक की जरूरत नहीं पड़ी। वहीं, दूसरी लहर में हर तीसरे-चौथे मरीज की सांसों पर संकट आ गया। हालात ये हो गए कि मरीजों को सरकारी ही नहीं, निजी कोविड अस्पतालों में भी बेड, आक्सीजन, वेंटीलेटर व आइसीयू की सुविधा नहीं मिल पाई। ऐसे में स्वजन मरीजों को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटते रहे। उन्हें मरीज को आनन-फानन आगरा, नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, मेरठ व गुरुग्राम (हरियाणा) तक ले जाना पड़ा। लोगों की इसी मजबूरी का फायदा एंबुलेंस चालकों ने मरीजों से 10-15 गुना अधिक किराया वसूलकर उठाया, वह भी इस शर्त पर कि, जिस अस्पताल में जा रहे हैं, वहां पर पहले से बुकिंग हो। ताकि, मरीज को छोड़कर तुरंत लौटा जा सके, अगली शिप्ट के लिए। फर्जी एंबुलेंस की तो बाढ़ आ गई। कदम-कदम पर एंबुलेंस खड़ी हुई दिखाई दीं। ऐसे में प्रशासन को हस्तक्षेप करते हुए किराए की दरें निर्धारित करनी पड़ी। इसके बाद ही चालकों की मनमानी कुछ बंद हुई, हालांकि यह सख्ती देरी से बरती गई।

अब बख्शे नहीं जाएंगे आरोपित एंबुलेंस चालक

अगस्त के अंत में तीसरी लहर की आशंका है। सरकारी कोविड सेंटरों के अलावा निजी अस्पताल संचालकों को अलर्ट कर दिया गया। दूसरी लहर में अपनी करतूत से इंसानियत को शर्मशार करने वाले एंबुलेंस चालकों को जल्द ही तलब कर समझा दिया जाएगा कि इस बार मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी। जब तक नहीं दरें निर्धारित नहीं हो जातीं, पूर्व की तय दरों पर ही मरीजों को गंतव्य पर पहुंचाएंगे। सीएमअो कार्यालय में निगरानी सेल बनेगा, उसमें एंबुलेंस से संबंधित शिकायतें भी दर्ज होंगी। अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज कराया जा सकता है। प्रशासन ने भी उत्तर प्रदेश कोरोना आपदा अधिनियम व आवश्यक सेवा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की चेतावनी जारी कर दी है। रासुका तक लगाने की तैयारी है। सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह ने कहा कि संक्रमित मरीजों व उनके परिवार का आर्थिक उत्पीड़न करने वाले एंबुलेंस चालकों को बख्शा नहीं जाएगा।

संभावित तीसरी लहर में संक्रमित मरीजों को अधिक से अधिक सुविधा देने का प्रयास होगा। एंबुलेंस चालकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि कि वे पूर्व में तय दरों से अधिक वसूली नहीं करेंगे। पुलिस व परिवहन विभाग को पत्र लिखा जाएगा, ताकि मानक के विपरीत अवैध ढंग से संचालित एंबुलेंसों को सड़क पर उतरने से रोका जा सके।

- डा. आनंद उपाध्याय, सीएमओ

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.