शासन से नामित अधिकारी परखेंगे एमडीएम व स्वच्छता की हकीकत

बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर हर साल करोड़ों रुपये का बजट सरकार द्वारा खर्च किया जाता है। ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भी शासन की प्राथमिक में शामिल रहते हैं।

Anil KushwahaSun, 05 Dec 2021 01:10 PM (IST)
पांच प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों, दो कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निरीक्षण 9-10 दिसंबर को किया जाएगा।

हाथरस, जागरण संवाददाता। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अब शासन से नामित अधिकारी आकर हकीकत देखेंगे। इसके लिए शासन स्तर से जिम्मेदारी तय कर दी है।

हर साल आता है करोड़ों का बजट

बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर हर साल करोड़ों रुपये का बजट सरकार द्वारा खर्च किया जाता है। ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भी शासन की प्राथमिक में शामिल रहते हैं। जिले में छह कस्तूरबा विद्यालय संचालित है। इसके साथ ही 1205 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित है। परिषदीय विद्यालयों में मिड डे मील व कस्तूरबा विद्यालयों में भोजन वितरण की गुणवत्ता व स्वच्छता के स्थलीय निरीक्षण हेतु जनपदवार निरीक्षणकर्ताओं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में स्वच्छता न होने तथा एमडीएम के नाम पर भी खानापूर्ति किए जाने की शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंचती है। अब विद्यालयों में एमडीएम सहित अन्य योजनाओं का किस तरह क्रियान्वयन कराया जा रहा है। इसकी जांच पड़ताल के लिए नोडल अधिकारी तय किए गए हैं।

कस्‍तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का भी होगा निरीक्षण

परिषदीय विद्यालयों में मिड डे मील व कस्तूरबा विद्यालयों में भोजन वितरण की गुणवत्ता व स्वच्छता के स्थलीय निरीक्षण हेतु जनपदवार निरीक्षणकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंप दी है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान हापुड के प्राचार्य डा. दिनेश सिंह को हाथरस जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पांच प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अलावा दो कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निरीक्षण 9-10 दिसंबर को किया जाएगा। जिन विद्यालयों में निरीक्षण होगा,वहां एमडीएम की क्वालिटी के अलावा डीबीटी कार्य की प्रगृति निरीक्षण करने वाले अधिकारी को करनी होगी। निरीक्षण के बाद मिलने वाली खामियों की पूरी आंख्या रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अशोक चौधरी ने बताया कि निरीक्षण करने के लिए शासन ने अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप दी है। औचक निरीक्षण पांच विद्यालयों का किया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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