पांच साल से वेतन नहीं, सेवा पुस्तिका भी नहीं, फिर भी ड्यूटी, जानिए मामला

करीब पांच साल पहले मुरादाबाद से अलीगढ़ ट्रांसफर होकर ब्लाक एजुकेशन आफिसर (बीईओ) पद पर आए केसी पांडेय लगातार अपनी सेवाएं उक्त पद पर दे रहे हैं। पांच साल से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी अभी तक इनका लास्ट पेमेंट सर्टिफिकेट (एलपीसी) भी अलीगढ़ नहीं भेजी गई है।

Anil KushwahaPublish:Sun, 28 Nov 2021 09:36 AM (IST) Updated:Sun, 28 Nov 2021 09:44 AM (IST)
पांच साल से वेतन नहीं, सेवा पुस्तिका भी नहीं, फिर भी ड्यूटी, जानिए मामला
पांच साल से वेतन नहीं, सेवा पुस्तिका भी नहीं, फिर भी ड्यूटी, जानिए मामला

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। करीब पांच साल पहले मुरादाबाद से अलीगढ़ ट्रांसफर होकर ब्लाक एजुकेशन आफिसर (बीईओ) पद पर आए कैलाश चंद्र (केसी) पांडेय लगातार अपनी सेवाएं उक्त पद पर दे रहे हैं। पांच साल से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी अभी तक इनका लास्ट पेमेंट सर्टिफिकेट (एलपीसी) भी अलीगढ़ नहीं भेजी गई है। सेवा पुस्तिका भी बीएसए कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। मगर वे अनवरत अपनी ड्यूटी विभाग में दे रहे हैं। अभी लोधा ब्लाक आवंटित है। ये शिकायत उत्तरप्रदेश चतुर्थश्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष विष्णु कुमार सिंह ने डीएम सेल्वा कुमारी जे. से की है।

कई गंभीर आरोप लगाए गए

विष्णु ने सवाल उठाते हुए कहा कि इतने समय से वेतन जारी क्यों नहीं हुआ? बीएसए दफ्तर में बीईओ की सेवा पुस्तिका न होने के बावजूद पांच साल से वे ड्यूटी कैसे कर रहे हैं? जांच होनी चाहिए। शासनादेश के अनुसार वरिष्ठता के क्रम में केसी पांडेय को बीईओ मुख्यालय होना चाहिए लेकिन इनको पांच साल से ब्लाक आंवंटित किए जा रहे हैं। इनके अलावा कई और गंभीर आरोप लगाए हैं।

आरोप गलत : बीईओ

बीईओ लोधा केसी पांडेय का कहना है कि वेतन जारी न विभाग व शासन स्तर का मामला है। इस संबंध में पत्राचार भी कर चुके हैं। लेनदेन कर चिकित्सा अवकाश देना व ड्यूटी में नाम देना आदि आरोप झूठे हैं, जो लोग नेतागीरी करते थे उन पर नकेल कस दी है जिससे वे मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। पिता जी पेंशनर हैं, उनके व भाई के सहयोग से जीवनयापन चल रहा है।

इनका कहना है

बीईओ को पांच साल से वेतन न मिलने, उनके दस्तावेज न होने व शिक्षकों से वसूली आदि की शिकायत आई है। प्रकरण की जांच कराएंगे।

राकेश पटेल, एडीएम सिटी

प्रकरण संज्ञान में आया है, इसकी जांच कराएंगे। पता किया जाएगा कि इनका वेतन जारी क्यों नहीं किया जा रहा? इनके दस्तावेज कहां हैं?

सतेंद्र कुमार ढाका, बीएसए