प्रदूषण केंद्र व मोटरसाइकिल वर्कशाप के निरीक्षण में नहीं मिली गड़बड़ी, वाहन चालकों को किया जागरूक Aligarh news

प्रदेश में होने वाले सड़क हादसों की रोकथाम को जिले भर में परिवहन विभाग द्वितीय सड़क सुरक्षा एवं जागरुकता सप्ताह मना रहा है। चौथे दिन सोमवार को शहर भर के प्रदूषण केंद्रों व मोटरसाइकिल वर्कशाप का एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र व आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने संयुक्त निरीक्षण किया।

Anil KushwahaMon, 27 Sep 2021 04:29 PM (IST)
मोटरसाइकिल वर्कशाप का एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र व आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने संयुक्त निरीक्षण किया।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। प्रदेश में होने वाले सड़क हादसों की रोकथाम को जिले भर में परिवहन विभाग द्वितीय सड़क सुरक्षा एवं जागरुकता सप्ताह मना रहा है। चौथे दिन सोमवार को शहर भर के प्रदूषण केंद्रों व मोटरसाइकिल वर्कशाप का एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र व आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने संयुक्त निरीक्षण किया।

आरआई ने प्रदूषण जांच केंद्रों व मशीनों का किया निरीक्षण

वर्कशाप संचालकों ने बताया कि पूर्व में प्राप्त नोटिसों के बाद किसी भी प्रकार के माडीफाइड साइलेंसर की न तो बिक्री की जा रही है और न ही मोटर साइकिलों में लगााया जा रहा है। आरआई संतोष कुमार ने प्रदूषण जांच केंद्रों व मशीनों का निरीक्षण किया गया। प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरुक भी किया गया। निर्देशित किया गया कि वाहनों के प्रदूषण स्तर की जांच एप के माध्यम से की जाए। वाहन को मानक के अनुरूप मिलने पर ही प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करें। टीआइ केपी गैाड़, यात्री कर अधिकारी सीमा गोयल ने जिले भर में 225 से अधिक वाहनों को चेक किया गया।

नशे में नहीं मिला कोई वाहन चालक

चेकिंग के दौरान 21 वाहनों पर प्रदूषण फैलाने का अभियोग पंजीकृत कराने के साथ ही छह वाहनों के बकाया कर के अभियोग में चालान किए गए। इस दौरान कोई भी चालक शराब के नशे में वाहन चलाता हुआ नहीं मिला। अभियान में प्रवीन मान, मुकेश कुमार, राजा, गणेश कुमार, यशवीर सिंह, अफजाल मोहम्मद आदि शामिल रहे।

डीबीटी का काम आपरेटर से कराने की मांग

अलीगढ़ । राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला इकाई ने शिक्षकों से डीबीटी का कार्य कराए जाने के विरोध में रविवार को एमएलसी डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष डा. राजेश चौहान व संजय भारद्वाज ने बताया कि डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना के तहत विद्यार्थियों व अभिभावकों की डिटेल फीडिंग का काम शिक्षकों से कराया जा रहा है। तमाम अध्यापक-अध्यापिका कंप्यूटर आपरेट करने में दक्ष नहीं हैं। शिक्षक अपनी कक्षाओं का संचालन तक नहीं कर पा रहे हैं। मांग की कि बीआरसी स्तर पर कंप्यूटर में दक्ष आपरेटर के जरिए ये काम कराया जाए।

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