खराब लोन के बोझ तले शाखाओं को बंद कर रहीं राष्ट्रीयकृत बैंक, जानिए मामला Aligarh news

महामारी के बाद देश की अर्थ व्यवस्था डोल रही है। खराब लोन (एनपीए) को बोझ तेल लदी शाखाओं को राष्ट्रीयकृत बैंक बंद कर रही हैं। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया ने कर्ज में डूबी अपनी 50 शाखाओं को इस वित्तीय वर्ष की शुरूआत से बंद करना शुरू कर दिया है।

Anil KushwahaMon, 02 Aug 2021 05:00 PM (IST)
महामारी के बाद देश की अर्थ व्यवस्था डोल रही है।

अलीगढ़, जेएनएन । महामारी के बाद देश की अर्थ व्यवस्था डोल रही है। खराब लोन (एनपीए) को बोझ तेल लदी शाखाओं को राष्ट्रीयकृत बैंक बंद कर रही हैं। देश में सेंट्रल बैंक आफ इंडिया ने कर्ज में डूबी अपनी 50 शाखाओं को इस वित्तीय वर्ष की शुरूआत से बंद करना शुरू कर दिया है। अलीगढ़ में रेलवे रोड शाखा को बंद कर बारहद्वारी शाखा में मर्ज कर दिया है। बैंक के बोर्ड ने खर्चा कटौती के लिए अन्य कदम उठाए हैं। इनमें बारहद्वारी शाखा को फोर स्केल से बदलकर थ्री स्केल कर दिया है। अब गांधी आश्रम शाखा फोर स्केल होगी। शाखाओं में स्टाफ आधा भी नहीं रहा है। 

महाराष्‍ट्र के सहकारी बैंक का लाइसेंस कैंसिल

इसके अलावा आरबीआई ने एक माह में दो बैंकों को करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इनमें महाराष्ट्र के सहकारी बैंक का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है।. इसमें महाराष्ट्र के शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द किया है। इससे पहले तीन दिन पहले मडगांव कॉपरेटिव सहकारी बैंक भी बंद कर दिया गया। आरबीआई ने यह कदम खराब वित्तीय हालत को देखते हुए लिया है। यूको बैंक के सेवा निवृत्त अधिकारी व उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष सतीश माहेश्वरी ने कहा कि देश में अर्थ व्यवस्था बुरी तरह डोल गई है। महाराष्ट्र में जिन दो बैंकों को बंद कर आरबीआई ने लाइसेंस रद किए हैं, उसका असर प्रदेश में भी आ सकता है।

बैंकों की दिनों दिन खराब होती हालत व गड़बड़ाई अर्थ व्यवस्था को लेकर व्यापार मंडल की बैठक हुई। इसमें आरबीआई व वित्तमंत्रालय के उस निर्णय पर हैरानी व्यक्त की गई, कि कर्ज के चलते अगर कोई बैंक डूबती है, तो खाता धारक की जमा पूंजी में से आरबीआई पांच लाख रुपये तक वापसी की गारंटी लेगी। समर्पण कांप्लेक्स स्थित व्यापार मंडल कार्यालय में हुई इस बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ है कि व्यापार मंडल जमा की गई पूरी पूंजी की आरबीआई गारंटी ले। अध्यक्षता कर रहे सतीश माहेश्वरी ने इस पर अपनी सहमति जताई है।

खाताधारक पांच लाख तक का क्‍लेम ही कर सकेगा

उन्होंने कहा कि बैंक के दिवालिया होने या बंद होने की दिशा में खाता धारक का चाहे कितना भी पैसा जमा हो, पर वह क्लेम पांच लाख तक कर सकेंगे। यह उपभोक्ता के साथ बेमानी है। महामंत्री दिनेश अग्रवाल ने बताया कि व्यापार मंडल पिछले कई सालों से बैंक में जमा पैसा की गारंटी की मांग कर रहा था, मगर हमारी आंशिक मांग को मानते हुए केवल पांच लाख तक की ही गारंटी हुई। इससे सेवानिर्वत कर्मचारियों, बुजर्गो के ऊपर भी छुरी चलाई गई है। ओपी राठी चेयरमैन ने बताया कि व्यापार मंडल पुनः प्रधानमंत्री व वित्तमंत्री को मांग पत्र भेजकर जनता के पूरे पैसे की गारंटी की मांग कर रहा है। श्रीकिशन गुप्ता ने कहा कि कल फिर एक ओर बैंक मडगाओ कोऑपरेटिव बैंक का लाइसेन्स रिज़र्व बैंक ने कैंसल कर दिया है और उसके जमाकर्ता फिर संकट में हैं।

बैठक में ये लोग रहे उपस्‍थित

बैठक में जिला चेयरमैन बाईएम झा, जिलाध्यक्ष कमल गुप्ता, महामंत्री दिनेश अग्रवाल, अशोक कुमार गुप्ता, विवेक शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल आरको, विकास मंगलम, वीरी सिंह, संदीप मित्तल, रितेश माहेश्वरी, कपिल वार्ष्णेय, आदि मौजूद थे।

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