शहर में रथ पर घूमे गोविंद भगवान, भक्ति में डूबे श्रद्घालु

हाथरस (जेएनएन)। गोविंद  भगवान की 107वीं रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। समाज के लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा। गोविंद व प्रियाजी के दर्शन के लिए पूरे रास्ते श्रद्धालु उमड़ते रहे। बिजली की रोशनी से जगमगाता विशाल रथ आकर्षण का केंद्र था, जिसे सैकड़ों भक्तों ने खींचकर पुण्य अर्जित किया।

रथ यात्रा में झूमे भक्त
यह रथयात्रा धुलैंडी के दूसरे दिन दूज पर निकलता है। शुक्रवार को सुबह से ही मंदिर पर लोगों का जमघट दिखा। गोङ्क्षवद भगवन का अभिषेक कर नवीन वस्त्र धारण कराए गए। गोङ्क्षवद जी व प्रियाजी को बिजली की रोशनी से सजाए गए रथ में विराजमान कराया गया। इसके बाद विशाल रथयात्रा का उद्घाटन धन्नालाल वाष्र्णेय ने किया। विशिष्ट अतिथि संजीव वाष्र्णेय, गिरधर वाष्र्णेय, दुर्गेश वाष्र्णेय, विपिन वाष्र्णेय थे। जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय भी पहुंचे। आयोजकों ने सभी का स्वागत किया। संयोजक अनूप वाष्र्णेय ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंट किए। इस दौरान पूरा परिसर गोविंद के जयकारों से गूंजता रहा। फिर बैंडबाजों की मधुर धुन के साथ रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। इसमें गणेश, राधा-कृष्ण, शंकर, काली समेत विभिन्न देवी देवताओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र थीं। बैंडबाजों की धुन पर लोग थिरकते चल रहे थे। जगह-जगह गोङ्क्षवद भगवान की आरती उतारकर प्रसाद का वितरण किया गया। बाजारों में भी रथयात्रा को लेकर काफी सजावट की गई थी। सुरक्षा के भी व्यापक बंदोबस्त थे।

रथयात्रा में यह रहे शामिल
रथयात्रा में मंदिर अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, शेखर वाष्र्णेय, अमित वाष्र्णेय, सौरभ वाष्र्णेय, आलोक गुप्ता, विशाल गुप्ता, विवेक वाष्र्णेय, ललित सर्राफ, सतीश चंद्र गुप्ता, अतुल आधीवाल एडवोकेट, अनिल वाष्र्णेय,  आशीष वाष्र्णेय, प्रफुल्ल वाष्र्णेय, अंकित वाष्र्णेय, मनोज वार्णेय, मनीष वाष्र्णेय, रवि वाष्र्णेय, कृष्णा वाष्र्णेय, मुकेश वाष्र्णेय, प्रियांक वाष्र्णेय आदि मौजूद रहे।

बैरियर पर मंथन : इस रथयात्रा को लेकर पहले अक्रूर इंटर कालेज में सुरक्षा को लेकर अड़ंगा पैदा हुआ। यह समस्या दूर हुई तो सासनी गेट पर बड़े वाहनों को बागला कालेज मार्ग पर जाने से रोकने के लिए लगाया गया बैरियर भी व्यवधान रहा। कैसे रथ जाए, इसे लेकर समाचार लिखे जाने तक मंथन चल रहा था।

सासनी में काली मेले की धूम
सासनी के गांव छौड़ा गढ़ौआ में शुक्रवार को काली मेला निकाला गया। स्वरूपों का पूजन पूर्व प्रधान जवाहर लाल पाठक ने किया। जगह-जगह काली के स्वरूपों की आरती उतार कर पूजा अर्चना की गई। आयोजन में श्रीदेव पाठक, श्रीप्रसाद पाठक, रमेश चंद्र पाठक, शंकर लाल शर्मा, जितेन्द्र पाठक, राजाराम पाठक, नत्थीलाल, सत्यप्रकाश आदि शामिल थे।

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