झांसी और नोएडा में अस्थायी कनेक्शन में घोटाले पर नहीं लिया सबक, जानिए मामला Hathras News

झांसी और नोएडा में बिजली विभाग की ओर से दिए गए अस्थायी कनेक्शन में करोड़ों का चूना लगाने के बाद यहां के अभियंता सबक नहीं ले रहे हैं। बिजली विभाग के पास अभी तक यह जानकारी नहीं कि जनपद में कितने अस्थायी कनेक्शन चल रहे हैं।

Anil KushwahaSun, 26 Sep 2021 05:29 PM (IST)
बिजली विभाग के पास अभी तक यह जानकारी नहीं कि जनपद में कितने अस्थायी कनेक्शन चल रहे हैं।

हाथरस, जागरण संवाददाता।  झांसी और नोएडा में बिजली विभाग की ओर से दिए गए अस्थायी कनेक्शन में करोड़ों का चूना लगाने के बाद यहां के अभियंता सबक नहीं ले रहे हैं। बिजली विभाग के पास अभी तक यह जानकारी नहीं कि जनपद में कितने अस्थायी कनेक्शन चल रहे हैं। अस्थायी कनेक्शन चलने से रोजाना लाखों का नुकसान हो रहा है। अधीक्षण अभियंता का कहना है कि अभी तक एक ही डिवीजन के आंकड़े मिले हैं। इस डिवीजन में कितने कनेक्शन यह भी अफसर बताने में कतरा रहे हैं।

यह हैं हालात

पिछले दिनों कंस्ट्र्क्शन कंपनियों और अन्य के द्वारा नोएडा में अस्थायी कनेक्शन चलवाने के कारण करोड़ों रुपये का विभाग को चूना लगवा चुके हैं। इस मामले में कई अभियंताओं को हटाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी तरह का मामला झांसी में भी पकड़ा जा चुका है। इसके बाद लखनऊ स्थित शक्ति भवन से प्रदेश के सभी जिलों से अस्थायी कनेक्शनों का आंकड़ा मांगा गया था लेकिन अभी तक यह आंकड़े उपलब्ध नहीं हो सके हैं।

इनकी है जिम्मेदारी

जनपद में चार डिवीजन हैं। सासनी- सिकंदराराऊ मिलाकर एक डिवीजन, सादाबाद, हाथरस देहात और हाथरस शहर अलग डिवीजन है। इन डिवीजन का जिम्मा अलग-अलग अधिशासी अभियंताओं पर है। इन सबके ऊपर अधीक्षण अभियंता है। इसके अलावा सभी डिवीजन में दो से तीन एसडीओ के अलावा अवर अभियंता और टीजी टू कर्मचारी के अलावा संविदा कर्मी है। अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंताओं को जनपद में अस्थायी कनेक्शन का पता हो न हो लेकिन एसडीओ और जेई के अलावा टीजी टू कर्मचारी व संंविदा कर्मियों को पता है। इतने बड़े नेटवर्क के बावजूद अभी तक विभाग के पास अस्थायी कनेक्शन का पता नहीं है।

नहीं रोक पा रहे लाइन लास

जनपद में इतने बड़े अफसरों और कर्मचारियों के होते हुए बिजली की चोरी नहीं रुक पा रही है। लाइन लास के आंकड़े बड़े है। शहर और देहात क्षेत्र में 40 फीसद तक चोरी हो रही है। सूत्र बताते हैं कि बिजली चोरी लगातार बढ़ रही है। अब तक जनपद में लगभग 13000 बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं।

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