प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर अलीगढ़ में लाखों की ठगी, पीड़ितों ने एसएसपी से लगाई गुहार

सासनीगेट थाना क्षेत्र के एक युवक ने कई लोगों से प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर करीब चार लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपित अब फरार है। किराए के मकान पर ताला लगा है। गुरुवार को पीड़ित लोगों ने एसएसपी कार्यालय में आकर शिकायत दी है।

Anil KushwahaPublish:Thu, 25 Nov 2021 05:51 PM (IST) Updated:Thu, 25 Nov 2021 05:51 PM (IST)
प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर अलीगढ़ में लाखों की ठगी, पीड़ितों ने एसएसपी से लगाई गुहार
प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर अलीगढ़ में लाखों की ठगी, पीड़ितों ने एसएसपी से लगाई गुहार

अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  सासनीगेट थाना क्षेत्र के एक युवक ने कई लोगों से प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर करीब चार लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपित अब फरार है। किराए के मकान पर ताला लगा है। गुरुवार को पीड़ित लोगों ने एसएसपी कार्यालय में आकर शिकायत दी है। एसपी क्राइम ने लोगों को जांच का भरोसा दिलाया है।

किराए के मकान में रहता था ठग

सासनीगेट थाना क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लक्ष्मीनारायण, मुकेश कुमार, मनोज, मनीष, सुनील, संजय सक्सेना, रेनू, ममता देवी आदि लोग गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे। एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में लोगों ने बताया कि सासनीगेट क्षेत्र की आवास विकास कालोनी में एक युवक किराए पर रहता था। युवक खुद को मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव का बहनोई बताता था। इसी एवज में युवक ने प्रधानमंत्री आवास व नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से लाखों रुपये ले लिए। अब रुपये लेकर फरार हो गया है। मकान पर ताला लगा हुआ है। ठगी की रकम में लक्ष्मीनारायण के 35 हजार रुपये, मुकेश कुमार के 50 हजार, मनोज गुप्ता के 50 हजार, मनीष के 50 हजार, सुनील कुमार के 30 हजार, मनोज कुमार के 20 हजार, संजय सक्सेना के 50 हजार, रेनू व ममता देवी के 50-50 हजार रुपये शामिल हैं। संजय सक्सेना ने बताया कि पहले भी एसएसपी कार्यालय में शिकायत दी थी। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि गुरुवार को भी लोगों की मुलाकात एसएसपी से नहीं हो सकी। एसपी क्राइम रजनी ने सासनीगेट थाना पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए हैं।

मुरादाबाद का है युवक

लोगों का कहना है कि युवक मुरादाबाद का रहने वाला है। आरोपित गरीब लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता है। सासनीगेट क्षेत्र के जिन लोगों को उसने ठगा, उनमें पंक्चर की दुकान चलाने वाले, ई-रिक्शा चलाने वाले लोग शामिल हैं।