गरज के साथ हुई बारिश, ओले भी गिरे, कुछ देर की बारिश से सड़कें हुईं जलमग्‍न Aligarh news

पिछले दिनों बारिश में हुए नुकसान से किसान उबर भी नहीं पाए थे कि रविवार रात जोरदार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दीं। गरज के साथ बारिश हुई हवा भी तेज थी। शहरी क्षेत्र में बारिश का असर अधिक था।

Anil KushwahaMon, 25 Oct 2021 05:09 AM (IST)
रविवार की देर शाम बारिश से अलीगढ़ की सड़कों पर भरा पानी।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  पिछले दिनों बारिश में हुए नुकसान से किसान उबर भी नहीं पाए थे कि रविवार रात जोरदार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दीं। गरज के साथ बारिश हुई, हवा भी तेज थी। शहरी क्षेत्र में बारिश का असर अधिक था। सड़कों पर पानी भर गया, निचले इलाकों में जलभराव के हालात थे। बादल गरजने और लगातार बिजली कड़कने से लोग घरों में ही रहे। देररात तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहा।

जोरदार बारिश और ओलावृष्‍टि ने बढ़ायी किसानों की धड़कनें

ठीक एक हफ्ते पहले रविवार को ही बारिश हुई थी, जो अगले दिन रात तक जारी रही। दो दिन हुई बारिश ने जिलेभर में 9125.99 हेक्टेअर धान की फसल बर्बाद कर दी थी। सबसे अधिक नुकसान खैर व कोल तहसील में हुआ। प्रशासन ने सर्वे कर 29142 किसानों को 12.36 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रस्तावित किया था। अब मौसम ने फिर करवट ली है। सुबह तो मौसम साफ था, दोपहर तक बारिश के कोई आसार नहीं थे। लेकिन शाम छह बजे के बाद ही आसमान में बादल घिरने लगे। हवा भी तेज हो गई। रात नाै बजे हल्की बूंदाबांदी हुई, फिर तेज बौछार पड़ने लगीं। इस बीच ओलावृष्टि भी हुई। आधा घंटे बाद ही सड़कें जलमग्न हो गईं। निचले इलाकों में पानी भर गया। तेज बारिश होती देख नगर निगम की टीम हरकत में आ गई। पंपिंग स्टेशन चालू कर दिए गए। उधर, देहात क्षेत्र में 10:30 बजे के साथ बारिश शुरू हुई। इससे पहले तेज हवा चल रही थी। कई किसानों का धान अब भी खेत में पड़ा है। बारिश के चलते इसके खराब होने पूरी संभावना है। आलू, सरसों के लिए तैयार किए खेत में पानी भरने से बीज नष्ट हो जाएगा। पिछली बारिश में भी कई किसानों का बीज खराब हुआ था। किसान पुन: बोआई के लिए खेत तैयार कर रहे थे कि मौसम फिर बिगड़ गया।

33 फीसद से अधिक नुकसान पर मुआवजा

33 फीसद से अधिक नुकसान वाले किसान ही मुआवजे की श्रेणी में शामिल हैं। 13,500 रुपये प्रति हेक्टेअर के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। अधिकतम दो हेक्टेअर में बर्बाद हुई धान की फसल का मुआवजा मिलेगा। मुआवजे की राशि सीधे खाते में पहुंचेगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी लाभ मिलेगा। पिछले दिनों हुई बारिश से इगलास में 2410 हेक्टेअर धान की फसल बर्बाद हुई थी। 7590 किसान प्रभावित हुए हैं। इनके लिए 3,25,35000 रुपये मुआवजा प्रस्तावित किया गया। वहीं, खैर में 7358 किसानों की 2337 हेक्टेअर फसल बर्बाद हुई थी। इनके लिए 3.15 करोड़ रुपये मुआवजा प्रस्तावित है।

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