कोरोना संकट के बीच अलीगढ़ की जेल में बंदियों ने बना डाले आठ हजार मास्क Aligarh news

कोरोना संकट के बीच जेल में फिर से बंदियों के हुनर ने सुरक्षा का बीड़ा उठा लिया है।

कोरोना संकट के बीच जेल में फिर से बंदियों के हुनर ने सुरक्षा का बीड़ा उठा लिया है। सिलाई में कुशल 15 बंदी मास्क बनाने में जुट गए हैं। सूती कपड़े का डबल लेयर मास्क बनाया जा रहा है जो री-यूजेबल है। रोजाना औसतन 500 मास्क बनाए जाते हैं।

Anil KushwahaSat, 24 Apr 2021 11:05 AM (IST)

सुमित शर्मा, अलीगढ़ । कोरोना संकट के बीच जेल में फिर से बंदियों के हुनर ने सुरक्षा का बीड़ा उठा लिया है। सिलाई में कुशल 15 बंदी मास्क बनाने में जुट गए हैं। सूती कपड़े का डबल लेयर मास्क बनाया जा रहा है, जो री-यूजेबल है। रोजाना औसतन 500 मास्क बनाए जाते हैं। इनमें हर बंदी को दो-दो मास्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। करीब आठ हजार मास्क बनकर तैयार हो चुके हैं।

बंदियों ने बनाए मास्‍क

इस समय जेल में करीब 3600 कैदी-बंदी हैं। यहां के बंदियों ने पेंटिंग, रंगोली मेकिंग, ड्राइविंग जैसे रचनात्मक कार्यों में प्रदेश में नाम चमकाया है। पिछले साल कोरोना काल में बंदियों ने मास्क बनाए थे, जो शहर के थानों, कोर्ट व अन्य सामाजिक संस्थाओं में बांटे गए। अब फिर से वही घड़ी आ गई है। कोरोना का संकट तेजी से बढ़ रहा है। बंदियों के लिए बाजार से मास्क खरीदे जाएं तो कीमत ज्यादा होती है। बंदियों ने फिर से मास्क बनाना शुरू कर दिया है। इस काम में 15 बंदी जुटे हैं, जो सुबह आठ से शाम पांच बजे तक लगे रहते हैं। इनके लिए 12 पावर मशीन उपलब्ध कराई गई हैं। जेल में मास्क की गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। सूती के कपड़े से बने डबल लेयर मास्क को दोबारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

अब तक बनाए गए 50 हजार मास्क

डिप्टी जेलर संजय शाही की देखरेख में इस साल बंदी करीब आठ हजार मास्क बना चुके हैं। पिछले कोरोना काल से अब तक 50 हजार से ज्यादा मास्क बनाए गए हैं। 

पांच से 10 रुपये कीमत

मास्क में जिस सफेद कपड़े का इस्तेमाल होता है, वो बाजार से 50 रुपये मीटर मिलता है। बंदियों की मेहनत भी शामिल होती है। ऐसे में मास्क बनाने में लागत पांच से 10 रुपये आ जाती है। पिछले साल जेल प्रशासन ने पांच रुपये की कीमत से मास्क बांटे थे।

इनका कहना है

कोरोना को देखते हुए जेल में पूरी सावधानी बरती जा रही है। बंदियों ने मास्क बनाना शुरू कर दिया है। 15 बंदी इस काम में लगे हैं। करीब आठ हजार मास्क बन गए हैं। फिलहाल बंदियों की जरूरत से हिसाब से मास्क बनाए गए हैं। बाहर से कोई आर्डर मिलता तो मास्क उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

विपिन कुमार मिश्रा, वरिष्ठ जेल अधीक्षक

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