एक गांव में जिस वर्ग के दो परिवार, इन्हीं मे से एक परिवार का होगा प्रधान Aligarh news

शासन स्तर से सभी जिलों के लिए पिछले दिनों ही आरक्षण का शासनादेश जारी कर दिया गया है।

यह सुनने में भले ही थोड़ा अटपटा लगे लेकिन है सच । इस बार किसी विशेष वर्ग के लिए 20 लोगों से भी कम की आबादी वाली तमाम ग्राम पंचायतें आरक्षित कर दी गई है। कुछ गांव तो ऐसे हैं जिनमें आरक्षित वर्ग के महज दो ही परिवार हैं।

Anil KushwahaThu, 04 Mar 2021 08:32 AM (IST)

सुरजीत पुंढीर, अलीगढ़ : यह सुनने में भले ही थोड़ा अटपटा लगे, लेकिन है सच । इस बार किसी विशेष वर्ग के लिए 20 लोगों से भी कम की आबादी वाली तमाम ग्राम पंचायतें आरक्षित कर दी गई है। कुछ गांव तो ऐसे हैं, जिनमें आरक्षित वर्ग के महज दो ही परिवार हैं। अब इन्हीं परिवारों में से एक का ग्राम प्रधान बनना तय है। हालांकि, इन पंचायतों में आपत्तियों की भरमार है, लेकिन सियासी जानकारों की मानें तो अब आरक्षण बदलना असंभव है। शासन से जारी के आदेश के मुताबिक ही इन्हें इस विशेष वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। 

इस तरह हुआ है आरक्षण 

शासन स्तर से सभी जिलों के लिए पिछले दिनों ही आरक्षण का शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसके अनुसार जिस ग्राम सभा में भले ही दो वोट एससी,एसटी, ओबीसी की हो उन ग्राम सभा, बीडीसी की सीट भी एससी, एसटी, ओबीसी के लिए आरक्षित कर दी गई हैं। साल 1995, 2000, 2005, 2010 और 2015 में जो ग्राम सभा अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व नहीं हुई है, उन्हें प्राथमिकता से अनुसूचित जाति के लिए आवंटित किया गया है। इसी तरह जो सीटें पांच चुनावों में कभी पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित नहीं हुई थीं, उन्हें इनमें भेजा गया है। सामान्य वर्ग के लिए चक्रानुक्रम का फार्मूला लगाया गया है। 

पहली बार मिला है मौका

 अब मंगलवार को पंचायती राज विभाग से आरक्षण जारी कर दिया गया। इसमें जिले की कुल 867 ग्राम पंचायतों में से 69 पद एससी महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं, 122 एससी के लिए रखे गए हैं। 84 पद पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए व 152 पद पिछड़ा वर्ग पुरुषों के लिए आरक्षित हुए हैं। इसके अलावा 141 सीटें महिलाओं के लिए छोड़ी गई हैं। 299 पद अनारक्षित किए गए हैं, लेकिन इस बार शासनादेष के चलते कई पंचायतों में कई संख्या वाले वर्ग की भी लाटरी लग गई है। महज दो-दो परिवार वाले गांव को भी आरक्षित कर दिया गया है। ऐसे में इन्हें भी मौका मिल रहा है। 

यह हैं कम पंचायत वाली प्रमुख पंचायतें 

खैर ब्लाक की बिलखौरा पंचायत की कुल आबादी 1635 है। इसमें 16 लोग अनुसूचित जाति के हैं। वहीं, 1031 लोग पिछड़ा वर्ग व 528 सामान्य वर्ग के हैं, लेकिन इस गांव में 16 लोगों की आबादी वाले एससी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया। इसी तरह जवां ब्लाक के परतापुर को भी एससी के लिए रखा गया है, लेकिन इस गांव में भी महज 20 लोग ही इस समाज से हैं। जबकि, 602 लोग पिछड़ा वर्ग व 422 सामान्य वर्ग से हैं। इसी ब्लाक के मुज्जफरा को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इसी गांव में इस वर्ग की संख्या महज 18 ही है। जबकि, पिछड़ा वर्ग के 1409 व सामान्य वर्ग के 35 मतदाता हैं। आलमपुर सुबकरा को भी इस बार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इसमें इस वर्ग की आबादी महज 18 ही है। जबकि, एससी के 688 व सामान्य वर्ग की आबादी 945 है। 

इनका कहना है

शासन के आदेश मुताबिक ही आरक्षण तय हुआ है। अगर इसको किसी पर आपत्ति है तो वह गुरुवार तक दर्ज करा सकता है। जिला व ब्लाक स्तर पर आपत्तियां दर्ज होंगी। 

पारुल सिसौदिया, डीपीआरओ

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