Ignored : एएमयू पर निगम का 13 करोड़ बकाया, नोटिस Aligarh News

लोकेश शर्मा, अलीगढ़ : कंगाली के दौर से गुजर रहे नगर निगम को सरकारी विभाग भी झटका दे रहे हैं। वित्तीय वर्ष खत्म होने में मात्र चार माह बचे हैं और करीब 53 करोड़ का बकाया है, जिसे निगम वसूल नहीं पा रहा। इसमें 13 करोड़ से अधिक केवल एएमयू पर ही हैं। संबंधित विभागीय अधिकारियों को डिमांड नोटिस भेजे जा चुके हैं। नियमानुसार कार्रवाई हुई तो खाता सीज भी किया जा सकता है।

डिमांड नोटिस भी भेजे

नगर निगम की आमदनी का मुख्य जरिया टैक्स है, जो संपत्ति कर (गृहकर, जलकर, डे्रनेज कर) के रूप में वसूला जाता है। केंद्रीय सरकार के अधीन विभागों से सर्विस टैक्स लिया जाता है, लेकिन नियमित रूप से टैक्स की वसूली नहीं होने से निगम की आर्थिक स्थिति लडख़ड़ा गई है। शहर में सरकारी विभागों पर करीब 25 करोड़ रुपये बकाया है। सर्वाधिक 13.77 करोड़ एएमयू व 5.54 करोड़ रुपये औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी पर बकाया है। रेलवे ने 3.18 करोड़ का सर्विस टैक्स नहीं चुकाया है। इन सभी विभागों के अधिकारियों को डिमांड बिल के बाद डिमांड नोटिस भी भेजे जा चुके हैं, लेकिन बकाया भुगतान नहीं हुआ। निगम अधिकारियों का कहना है कि सारा बकाया मिल जाए तो शहर में जो विकास कार्य अधूरे रह गए हैं, वह पूरे हो जाएंगे।

निजी भवनों पर भी बकाया

सरकारी विभागों के अलावा निजी भवनों पर भी लाखों का बकाया है। निगम ने बड़े बकायेदारों को टॉपटेन लिस्ट में डाला है। इनमें सोढीज कांप्लेक्स पर 6,80,523, रिलायंस इंडिया लिमिटेड पर 5,41,991, मानव, विकास व विशाल महाजन पर 6,80,125, विपिन बिहारी पर 4,91,716, एसएमएस नकवी पर 5,62,406 रुपये बकाया है। 

बड़े बकायेदार

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, 13,77,47,611

औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी, 5,54,14,771

मधुपुरा रेलवे स्टेशन, 3,18,15,615

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, 19,44,943

मध्य गंगा कैनाल, 17,70,861

पीडब्ल्यूडी, 6,72,136

मुख्य चिकित्सा अधिकारी, 1,81,565

देवत्रय होम्योपैथिक धर्मार्थ चिकित्सालय, 42,12,844

मकानों का होगा सत्यापन

आलीशान मकानों को छोटे व जर्जर बताकर गृहकर में कटौती कराने का खेल अब नहीं चलेगा। सेटेलाइट के जरिये मकानों का सत्यापन कराकर गृहकर निर्धारित किया जाएगा। निगम सीमा में शामिल नए क्षेत्रों में मकानों का सत्यापन कराया जा रहा है।

सूची चस्पा होगी

सहायक नगर आयुक्त राजबहादुर सिंह का कहना है कि निजी भवनों के अलावा सरकारी विभागों पर भी बकाया है। सभी को डिमांड नोटिस भेजे जा रहे हैं। बकायेदारों की सूची वार्डवार चस्पा कराई जाएंगी।

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