किसानों को धान बेचने में दिक्कत है तो कंट्रोल रूम को बताएं

किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार कृत संकल्पित है। धान बेचने वाले किसानों को अगर किसी तरह से दिक्कत है तो वह फौरन हेल्पलाइन पर दिए नंबरों पर काल करके समस्या को बता सकते हैं ताकि उसका त्वरित समाधान हो सके।

Anil KushwahaWed, 08 Dec 2021 12:13 PM (IST)
हाथरस का धान क्रय केंद्र पर बैठे प्रभारी।

हाथरस, जागरण संवाददाता। किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार कृत संकल्पित है। धान बेचने वाले किसानों को अगर किसी तरह से दिक्कत है तो वह फौरन हेल्पलाइन पर दिए नंबरों पर काल करके समस्या को बता सकते हैं ताकि उसका त्वरित समाधान हो सके।

धान को प्राथमिकता से क्रय करना करना सुनिश्‍चित करें केंद्र प्रभारी

जिलाधिकारी रमेश रंजन के निर्देश पर जनपद में धान खरीद में प्रगति लाने के लिए जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार द्वारा क्रय संस्था खाद्य विभाग एवं भारतीय खाद्य निगम के तहत संचालित सरकारी धान क्रय केंद्र-नवीन मंडी स्थल, हाथरस मंडी का निरीक्षण किया गया। धान क्रय केंद्र प्रभारी क्रमशः राजीव कुमार वर्मा, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी मो-8630595582) तथा योगेश सैनी तकनीकी सहायक (मोन-9760779200) उपस्थित मिले। धान क्रय केंद्र नवीन मंडी स्थल, हाथरस मंडी (खाद्य विभाग) पर अब तक 16 किसानों से 1236.00 क्विंटल धान खरीद की गयी है। खरीेदे गये धान के सापेक्ष 1101.20 क्विंटल धान केंद्र से संबंद्ध मिल नारायण चिन्ता की गढ़ी, हाथरस को प्रेषित कर दिया गया है तथा 01 लाट सीएमआर उक्त संबंद्ध मिल से भारतीय खाद्य निगम डिपो हाथरस को प्रेषित हो चुकी है जिसके सापेक्ष केंद्र प्रभारी की लागिन आइडी से बिलिंग भी कर दी गयी है। केंद्र प्रभारी को निर्देशित किया गया कि अवशेष सीएमआर को समय प्रेषित करायें तथा केंद्र पर कृषक द्वारा विक्रय के लिए लाये गये धान को प्राथमिकता से क्रय करना सुनिश्चित करें।

हाथरस द्वारा अग्रिम लाट सीएमआर प्रेषित

धान क्रय केंद्र नवीन मंडी स्थल, हाथरस मंडी (भारतीय खाद्य निगम) पर अब तक 442.80 क्विंटल धान 09 कृषकों से की गयी है। किसानों से क्रय किया गया धान केन्द्र पर सुरक्षित भण्डारित है। भुगतान शत-प्रतिशत कराया जा चुका है। केन्द्र से संबंद्ध चावल मिल, नारायण ट्रेडर्स, चिन्ता की गढ़ी, हाथरस द्वारा एक अग्रिम लाट सीएमआर भी प्रेषित कर दिया गया है। धान क्रय केन्द्र प्रभारी को निर्देशित किया गया कि सम्बद्ध चावल मिल को एक अग्रिम लॉट सीएमआर के सापेक्ष धान प्रेषण करना सुनिश्चित करें जिससे केन्द्र पर भंडारण में असुविधा न हो। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने अवगत कराया कि खरीद नीति (यथा संशोधित) में कृषक पंजीकरण के लिए जनपद की उत्पादकता का 150 प्रतिशत तक बेची जाने वाली मात्रा को अनुमन्य किया गया है। पूर्व में यह सीमा 120 प्रतिशत थी। अतः उक्त के क्रम में किसान हित मे ऐसे समस्त किसान पंजीकरण, जिनसे अभी खरीद नहीं हुई है, को पुनः सत्यापन हेतु उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही कृषक का खाता पीएफएमएस पोर्टल पर लंबित अथवा अमान्य प्रदर्शित होने की दशा में कृषक को सम्बन्धित बैंक में जाकर अपना आधार नम्बर बैंक खाते से लिंक कराना होगा तथा यह सुनिश्चित करना पडेगा कि बैंक द्वारा उनके खाते को NPCI mapper से अद्यतन कर दिया गया है।

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