जब कोरोना खेल रहा तो बच्चे कैसे खेलें, शासन ने मांगी जारी राशि की रिपोर्ट Aligarh News

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते विद्यालय नहीं खोले जा सके।

सरकारी स्कूलों में अप्रैल से नया सत्र शुरू होता है। इस बार भी नया सत्र एक अप्रैल से ही शुरू होना था लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते विद्यालय नहीं खोले जा सके। नए सत्र में बच्चों के लिए खेलकूद प्रतियोगिताएं कराने को बजट जारी किया गया।

Anil KushwahaSat, 17 Apr 2021 09:45 AM (IST)

अलीगढ़, जेएनएन । सरकारी स्कूलों में अप्रैल से नया सत्र शुरू होता है। इस बार भी नया सत्र एक अप्रैल से ही शुरू होना था लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते विद्यालय नहीं खोले जा सके। नए सत्र में बच्चों के लिए खेलकूद प्रतियोगिताएं कराने को बजट जारी किया गया। अब शासन ने इस मद में खर्च की गई राशि का उपभोग प्रमाणपत्र मांगा है। ऐसे में जब प्रतियोगिताएं हुई ही नहीं तो खर्च का ब्योरा कहां से दिया जाएगा?

हर तरफ कोरोना का तांडव

जिले में सरकारी स्कूलों व उनके मैदानों पर इस समय केवल कोरोना संक्रमण का तांडव चल रहा है। स्कूल में पढ़ाई व खेलकूद से बच्चे दूर हो गए हैं। जिला पीटीआइ सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि पूर्व में खेलकूद प्रतियोगिता के लिए राशि आई थी उसमें से बची राशि को स्पोट्स कांप्लेक्स में लगाने के आदेश जारी किए गए थे। जिले में बने स्पोट्स कांप्लेक्स में उपकरण खरीद या निर्माण आदि में बची हुई राशि को उपयोग करना था। उसके बाद तो स्कूलों में कोई खेल प्रतियोगिता कराई ही नहीं जा सकी है। इसका लेखा-जोखा शासन को भेजा जा चुका था। अब नए सत्र में मिलने वाले बजट के उपभोग का स्टीमेट स्कूल खुलने व प्रतियोगिताएं होने पर बनाया जाएगा।

बोर्ड परीक्षार्थियों को आनलाइन कराई जाएगी तैयारी

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित होने के बाद विद्यार्थियों को फिलहाल कुछ समय तैयारी के लिए और मिल गया है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को आनलाइन माध्यम से माडल पेपर देकर तैयारी कराने की योजना बनाई गई है। 15 मई तक एक से 12वीं तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित होने के बाद अफसरों ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि जो बोर्ड परीक्षार्थी पिछले कोरोना काल में आनलाइन माध्यम से पढ़ाई में जुड़े थे उनकी सूची तैयार कर उनको माडल पेपर भेजे जाएं। आनलाइन माध्यम से उनको बेहतर तैयारी कराई जाए। जो आनलाइन नहीं जुड़ सकते उनके लिए भी तैयारी कराने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। एक महीने के समय में जितनी बेहतर तैयारी हो सके वो विद्यार्थियों को कराई जाए, यही उद्देश्य है।

कम संख्‍या में उठ रहीं कापियां

 उत्तरपुस्तिकाओं के वितरण का काम चल रहा था। जिसको अब बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते रोकना पड़ा है। 12 व 13 अप्रैल को कापी वितरण की प्रक्रिया की गई थी। मगर अब इसको अगले आदेशों तक रोक दिया गया है।उत्तरपुस्तिका वितरण प्रभारी व एडीआइओएस डा. दीप्ति वाष्र्णेय ने बताया कि शुरुआती दो दिनों में इगलास तहसील की कापियां केंद्र व्यवस्थापकों को दी गई थीं। नौरंगीलाल राजकीय इंटर कालेज से कापियों के वितरण का काम किया जा रहा है। जब बोर्ड परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित करने के आदेश आए तो सुरक्षा की ²ष्टि से कापियों के वितरण को भी रोक दिया गया है। इस संबंध में जब बोर्ड व उ'चाधिकारियों से निर्देश प्राप्त होंगे तो फिर से कापियों का वितरण कराया जाएगा। कापियों को परीक्षा केंद्रों में बने स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जा रहा है। मगर समय बढऩे के चलते केंद्रों के बजाय जिला मुख्यालय पर ही कापियों को रखने का विचार किया गया है।

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