Hello Doctor : बच्चों को सर्दी से बचाएं, खुद न बनें उनके डाक्टर

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. आलोक कुलश्रेष्ठ नेसर्दी से बचाव के टिप्स भी लोगों को बताएं।

आनंद हास्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. आलोक कुलश्रेष्ठ ने दी है। वह बुधवार को दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘हेलो डाक्टर’ में पाठकों के सवालों का जवाब देने के लिए आमंत्रित किए गए थे। उन्होंने सर्दी से बचाव के टिप्स भी लोगों को बताएं।

Publish Date:Thu, 14 Jan 2021 10:49 AM (IST) Author: Sandeep kumar Saxena

अलीगढ़, जेएनएन। कोहरा-पाला और शीतलहर से बच्चों के लिए बेहद नुकसानदायक है। बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए माता-पिता भी पूरी कोशिश कर रहे हैं, फिर भी वे सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, निमोनिया आदि की चपेट में आ ही जाते हैं। ऐसे में छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखककर उन्हें सेहतमंद रख सकते हैं। हां, बीमार होने पर विशेषज्ञ के पास जरूर जाएं। यह सलाह रामघाट रोड, किशनपुर स्थित आनंद हास्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. आलोक कुलश्रेष्ठ ने दी है। वह बुधवार को दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘हेलो डाक्टर’ में पाठकों के सवालों का जवाब देने के लिए आमंत्रित किए गए थे। उन्होंने सर्दी से बचाव के टिप्स भी लोगों को बताएं। 

 

मेरे सात साल के बेटे को चार-पांच दिनों से खांसी है। बहुत परेशान है। - देवेंद्र सिंह, हंसगढ़ी।

- चिंता मत करिए। बच्चे को सर्दी से बचाएं। उसे दिन में दो बार भपारा दें। दवा लेते रहें। यदि खांसी बढ़े, सांस फूले व बुखार आए तो बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। 

मेरे 10 साल के बेटे को सात-आठ माह से धसका रहने की शिकायत है। दवा से कोई फायदा नहीं हो रहा। टीबी की रिपोर्ट भी नार्मल है। - राघव शर्मा, खिरनी गेट।

- आपका बेटा एलर्जी से पीड़ित लग रहा है। विशेषज्ञ से मिलें। सीबीसी, स्नोफिल, एईसी व एलर्जी के अन्य टेस्ट कराने होंगे। इससे धसका रहने का पता चल जाएगा। इसके बाद इलाज से बच्चे की बीमारी खत्म हो जाएगी।

सर्दी के दिनों में बच्चे को जुकाम रहता है। गर्मी में कोई परेशान नहीं होती। - संजय सक्सेना, जयगंज।

बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इस समय काफी ठंड है। उसे ठंड से बचाएं, स्वच्छता का ध्यान रखें। भपारा देते रहें। 

मेरे पांच साल के बेटे की आए दिन पसली चलती है। कोई क्रोनिक बीमारी भी नहीं। - अब्दुल कय्यूम, अतरौली।  

- उसे दिल या सांस की बीमारी भी हो सकती है। फैंफड़े में भी संक्रमण हो सकता है। फिलहाल, सर्दी से बचाते हुए छाती की सेंकाई करें। विशेषज्ञ से संपर्क कर जांच कराएं। खुद बच्चों के डाक्टर बनकर इलाज न करें। 

मेरे बेटे को जल्दी ही सर्दी व खांसी हो जाती है। उपचार बताएं। - शक्ति तोमर, वैष्णोधाम कालोनी एटा चुंगी।

- उसे निमोनिया हो सकता है। डाक्टर से संपर्क करें। उसे एंटी बायोटिक का कोर्स कराना होगा। भाप दिलाएं। लाभ मिलेगा। 

इन्होंने लिया परामर्श 

जलाली से महावीर सिंह, बढ़ौली अतरौली से प्रेमपाल, टप्पल से शिवम, प्रतिभा कालोनी से मालती, ज्ञान सरोवर से राजकुमारी, सारसौल से अनीता भारद्वाज, नौरंगाबाद से विशेष शर्मा आदि। 

बच्चों को सर्दी-बीमारी से बचाव के उपाय

- बच्चों को अच्छी क्वालिटी के गरम कपड़े पहनाएं। 

- सिर, हाथ व पैर खुले न छोड़ें। 

- उन्हें ठंडे पानी में न खेलने दें। 

- ठंड में खेलने के लिए बाहर न जानें दें।  

- घर में कोई बीमार है तो उसके संपर्क में न आएं। 

- गरम पानी से नहलाएं, स्वच्छता भी जरूरी है। 

- तला-भुना या चिकनाईदार भोजन न दें। 

- बच्चों की तेल से मालिश भी लाभकारी। 

- शीतलहर से बचाते हुए धूप भी दिखाएं। 

- नवजात शिशु को छूने से पहले हाथ स्वच्छ होने चाहिएं। 

- टीकाकरण समय से कराते रहें। 

- बच्चों को संतुलित आहार दें। 

- बच्चों के खिलौनों को भी साफ करते रहें। 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.