अलीगढ़ में बिगड़ रही संक्रमित मरीजों की तबीयत, शुरू होगी वर्चुअल ओपीडी

हालात ये हैं कि सप्ताहभर से अनेक मरीजों की मृत्यु हो चुकी है।

जिले में कोरोना संक्रमण जितनी तेजी से बढ़ा है उतनी ही तेजी से गंभीर मरीज भी सामने आए हैं। कोविड केयर सेंटरों में भर्ती मरीजों की तबीयत अचानक बिगड़ जाती है। हालात ये हैं कि सप्ताहभर से अनेक मरीजों की मृत्यु हो चुकी है।

Sandeep Kumar SaxenaFri, 16 Apr 2021 07:16 AM (IST)

अलीगढ़, जेएनएन। जिले में कोरोना संक्रमण जितनी तेजी से बढ़ा है, उतनी ही तेजी से गंभीर मरीज भी सामने आए हैं। कोविड केयर सेंटरों में भर्ती मरीजों की तबीयत अचानक बिगड़ जाती है। हालात ये हैं कि सप्ताहभर से अनेक मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। जिनका कारण विभाग ने संक्रमण की बजाय दूसरी बीमारियों को माना है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर उपचार के लिए वर्चुअल ओपीडी शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसमें विशेषज्ञ कंट्रोल रूम में बैठकर कोविड वार्ड में भर्ती मरीज व डाक्टर से बात कर इलाज में मदद करेंगे।
विशेषज्ञों की कमी, मरीजों की परेशानी
इस समय दीनदयाल कोविड केयर सेंटर में सर्वाधिक मरीज भर्ती हैं। कोविड वार्डों में आयुष चिकित्सक से लेकर एमबीबीएस चिकित्सक तक की नियुक्ति रहती हैं। हालांकि, कोरोना का कोई तय इलाज तो नहीं है, केवल उभरे लक्षणों के आधार पर मरीज को दवा दी जाती है। कई बार ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की समझ में नहीं आता कि मरीज को क्या दवा दें और क्या न दें? ऐसे में मरीज की तबीयत बिगड़ती जाती है। विभाग में विशेषज्ञों का अभाव होने से सभी का उचित इलाज संभव नहीं होता। मरीजों की तबीयत बिगड़ने का एक कारण ये भी होता है। क्योंकि, अब मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है तो संसाधन बढ़ाने की जरूरत है।
ये होगी व्यवस्था, विशेषज्ञ सुझाएंगे इलाज
पिछले साल कोरोना संक्रमण फैलने पर दीनदयाल में आइएमए के सहयोग से वर्चुअल ओपीडी चलाई गई, जिसकी सराहना स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। अब फिर से वर्चुअल ओपीडी शुरू करने की तैयारी हो गई है। इसमें कोविड वार्ड से बाहर बनाए गए कंट्रोल रूम में नियमित रूप से विशेषज्ञ आते हैं। कंट्रोल रूम में कैमरा व माइक लगा होता है। सभी मरीजों की फाइलें विशेषज्ञ के पास होती हैं। वे बारी-बारी से अंदर मौजूद डाक्टर व मरीज से बातचीत कर स्वास्थ्य की जानकारी लेते हैं। परेशानी के बारे में पूछते हैं। इसके बाद मरीज व डाक्टर को सलाह दी जाती है। विशेषज्ञ फाइल पर उपयोगी दवा लिख देते हैं, जो बाद में मरीज तक पहुंचा दी जाती हैं। इससे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।
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जल्द ही वर्चुअल अोपीडी की शुरुआत होगी। हमारे पास पहले ही इसके लिए सिस्टम मौजूद है। जरूरत हुई तो आइएमए से सहयोग लेकर वर्चुअल ओपीडी संचालित की जाएगी। पूर्व में आइएमए ने इस आपदा से निबटने में बेहतर सहयोग किया है।
- डा. बीपीएस कल्याणी, सीएमओ।
 
हमनें स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के साथ बैठक में आश्वस्त किया है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हर परिस्थिति में उनके साथ है। जहां भी जरूरत होगी, मदद जरूर की जाएगी।
- डा. भरत वार्ष्णेय, सचिव-आइएमए

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