आठ माह बाद भी पुलिस नहीं भेद सकी साल्वर गैंग का नेटवर्क Aligarh News

लोधा क्षेत्र के आइटीएम कालेज में 22 मार्च को यूपीपीसीएल परीक्षा में पकड़े गए साल्वर गैंग के सदस्यों को दबोचने के आठ माह बाद भी पुलिस नेटवर्क को नहीं भेद सकी है। जांच में जुटी पुलिस टीम को कामयाबी नहीं मिली है।

Sandeep Kumar SaxenaSat, 16 Oct 2021 08:37 AM (IST)
साल्वर गैंग के सदस्यों को दबोचने के आठ माह बाद भी पुलिस नेटवर्क को नहीं भेद सकी है।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। लोधा क्षेत्र के आइटीएम कालेज में 22 मार्च को यूपीपीसीएल परीक्षा में पकड़े गए साल्वर गैंग के सदस्यों को दबोचने के आठ माह बाद भी पुलिस नेटवर्क को नहीं भेद सकी है। जांच में जुटी पुलिस टीम यह भी पता नहीं कर सकी है कि इस गैंग ने अब तक कितने अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल कराया और फिर उन्हें पास कराया है। लोधा पुलिस ने अलीगढ़ -पलवल रोड स्थित आइटीएम कालेज में चल रही यूपीपीसीएल की परीक्षा के दौरान साल्वर गैंग के 10 सदस्यों को दबोचा था। गैंग से जुड़े साल्वर दिल्ली पुलिस, नेवी, रेलवे, एनटीपीसी, वन विभाग, नलकूप आदि सरकारी विभागों में नौकरियों के लिए होने वाली परीक्षाओं में पेपर साल्व कराते थे। इन परीक्षाओं में असली की जगह नकली परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल कराकर उन्हें पास कराने के बदले मोटी रकम वसूलते थे। आरोपितों से भारी संख्या में परीक्षाओं से जुड़े नकली प्रवेश पत्र, दाे लग्जरी कार, 11 मोबाइल फोन, 50 हजार की नकदी आदि सामान बरामद हुआ है।

परीक्षा में शामिल हो रहे थे फर्जी छात्र

आइटीएम कालेज में टीसीएस संस्था की देखरेख में 15 मार्च से यूपीपीसीएल की परीक्षा चल रही थी। यहां नकली परीक्षार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी मिली थी। शक के आधार पर परीक्षा में इगलास के नगला सीतराम निवासी रविंद्र कुमार व हाथरस के थाना जंक्शन के रामपुर निवासी सुशील के स्थान पर पेपर साल्वर गैंग के सदस्य हाथरस के चंदपा क्षेत्र के महमूदपुर निवासी आस्कर भारद्वाज व फीरोजाबाद के थाना दक्षिण के नगला मोती निवासी राहुल कुमार को पकड़ा लिया गया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे साल्वर गैंग से जुड़े रघु उर्फ रघुवीर व सुंदर के साथ मिलकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों की जगह उनके पेपर साल्व कर उन्हें परीक्षा में पास कराते थे।

एक पेपर के बदले लेते थे डेढ़ लाख

पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकारा था कि परीक्षा में पास कराने के बदले साल्वर के नाम पर एक लाख से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की मोटी रकम लेते थे। जिसमें 50 प्रतिशत रकम को पेपर से पहले ही व शेष बची रकम को पेपर में अभ्यार्थी के पास होने पर लेते थे। उन्होंने बताया कि गैंग से जुड़े सदस्य गैंग लीडर रघुवीर व सुंदर से विभिन्न माध्यमों से अभ्यर्थियों से बात करते थे और उन्हें पास कराने के लिये उनकी जगह साल्वर भेजकर परीक्षा पास कराते थे। 19 मार्च को भी पकड़े गए राहुल कुमार ने इसी कालेज में यूपीसीसीएल की पहली पाली की परीक्षा में हाथरस के थाना जंक्शन क्षेत्र के रामपुर निवासी नरेंद्र के स्थान पर परीक्षा दी थी। आस्कर भारद्वाज व राहुल कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने गैंग लीडर रघु व सुुंदर के साथ ही हाथरस के लाडमऊ निवासी वीर सिंह, इगलास के नगला सीताराम निवासी रविंद्र कुमार, लोकेश कुमार, कैलाश कुमार, हाथरस के थाना जंक्शन के रामपुर निवासी सुशील, हाथरस के सहपऊ -लौधई के गिरीश कुमार, हाथरस जंक्शन के रजनीकांत, गाेंडा के श्यामगढ़ी के सुंदर सिंह, सासनी के तिलौठी निवासी राहुल पांडेय को गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे करते थे गड़बड़ी

साल्वरों का यह गैंग मोबाइल फोन के जरिये अभ्यर्थियों के संपर्क में अाकर उनके स्थान पर अपने गैंग के ही मिलती- जुलती शक्ल वाले व्यक्ति को पेपर साल्वर के रूप में बिठाकर पेपर दिलवाते थे। पेपर साल्वर को अभ्यर्थी की पुरानी फोटो आइडी, जिस पर फोटो धुंधला होता था के अलावा दो-तीन फोटो अलग से देते थे। ताकि साल्वर व अभ्यर्थी के फोटो की सही पहचान न हो सके। परीक्षा केंद्र पर एंट्री के समय प्रवेश पत्र देखकर चेकिंग स्टाफ के टोकने पर साल्वर यह बताता था कि मेरी आइडी पर फोटो साफ नहीं है। मेरे पास पुराना फोटो है और पुराने फोटो दिखाकर इसी आधार पर गैंग से जुड़े सदस्य साल्वर को परीक्षा केंद्र में प्रवेश कराते थे।

पुलिस साल्वर गैंग से जुड़े सदस्यों के पूरे नेटवर्क को भेदने में जुटी है। इसमें सर्विलांस व एसओजी टीम की भी मदद ली जा रही है। अभी तक सामने आया है कि गैंग से जुड़े सदस्य दिल्ली पुलिस की परीक्षा में 10-12 परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा देकर उन्हें परीक्षा में पास भी करा चुके हैं।

- कुलदीप सिंह गुनावत, एसपी सिटी

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