उद्यमी सेना के हथियारों के कलपुर्जे करें तैयार: नेहरा

सोसायटी आफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआइडीएम) प्रबंध निदेशक व मुख्य सलाह कार ने किया संबोधित।

JagranPublish:Tue, 30 Nov 2021 11:31 PM (IST) Updated:Tue, 30 Nov 2021 11:31 PM (IST)
उद्यमी सेना के हथियारों के कलपुर्जे करें  तैयार: नेहरा
उद्यमी सेना के हथियारों के कलपुर्जे करें तैयार: नेहरा

जासं, अलीगढ़ :सोसायटी आफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआइडीएम) प्रबंध निदेशक व मुख्य सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल जयप्रकाश नेहरा ने उद्योग के क्षेत्र में महिलाओं को आगे लाने का आह्वान किया। साथ ही स्पष्ट किया है कि डिफेंस इंडस्ट्रियल कारिडोर के अलीगढ़ नोड की फैक्ट्रियों के साथ ही एमएसएमई (अति सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) को भी अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ के उद्यमी प्रोडक्ट की क्वालिटी पर और जोर दें। तभी रक्षा हथियार व सेना का अन्य साजो समान बनाने में छाएंगे। उद्यमी सेना के हथियारों के कलपुर्जे तैयार करें। इसमें डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) व रक्षामंत्रालय उनके साथ है।

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अलीगढ़ चैप्टर (आइआइए) की मंगलवार को तालानगरी स्थित प्रिसिशन ओवरसीज कंपनी में हुई बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल जयप्रकाश नेहरा ने उद्यमियों को प्रोत्साहित किया। कहा, सेना के छोटे -बड़े हथियार व आयुध सामग्री में प्रयोग किए जाने वाले अन्य उपकरणों में अभी भी जापान व जर्मनी आगे हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी के आत्म निर्भर भारत व मेक इन इंडिया विजन के तहत हमें काम करना होगा। पहले सेना के अफसर रक्षा हथियार, सेना के साजो सामान के लिए उद्यमियों से सीधे संपर्क नहीं करते थे। एसआइडीएम के गठन के बाद उद्यमी सीधे सेना के वाणिज्य विभाग के अफसरों से बातचीत कर सकते हैं।

मुख्यअतिथि एसआइडीएम के डायरेक्टर जनरल सुनील मिश्रा ने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे रक्षामंत्रालय के लिए काम करें। आधुनिक तकनीक हम देंगे। आइआइए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि देश के लिए हम कुछ कर सके, उसके लिए एकत्रित हुए हैं। एमएसएमई को हम बढ़ावा देना चाहते हैं। रक्षा क्षेत्र में प्रयोग किए जाने वाले उत्पाद के विजन को पूरा करना होगा। उसके लिए जरूरी नहीं कि डिफेंस इंडस्ट्रीज कारिडोर के अलीगढ़ नोड में ही इन्फ्रास्ट्रेक्चर हो, पूरे अलीगढ़ में किसी भी स्थान पर फैक्ट्री का निर्माण कर रक्षा हथियारों के पा‌र्ट्स व कलपुर्जे तैयार कर सकते हैं। सेना के लिए 25 हजार करोड़ डालर का बजट है, पहले यह आठ हजार करोड़ डालर था। रक्षामंत्रालय ने 209 पा‌र्ट्स के आयात पर रोक लगा दी है। अब यह देश में बनेंगे। अब तक अलीगढ़ ताला हार्डवेयर को 100 देशों में निर्यात करता है। हम चाहते हैं कि यह शहर अब 70 देशों में रक्षा हथियारों में प्रयोग किए जाने वाले पा‌र्ट्स व कलपुर्जे निर्यात करे।

आइआइए अलीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष शलभ मित्तल ने कहा कि अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में एसोसिएशन का गठन हुआ था। सबसे पहले जाब वर्क पोर्टल लांच किया। पिछले सप्ताह ताइवान के प्रतिनिधि मंडल के साथ तकनीक को लेकर करार की प्रक्रिया शुरू की है। अब रक्षामंत्रालय में एमएसएमई की हिस्सेदारी के लिए यह एतिहासिक मीटिग हुई है। इनसर्ट

आइआइए अलीगढ़ चैप्टर के सचिव मनीष बंसल ने कहा कि वे अलीगढ़ के एमएसएमई को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। युवा उद्यमियों को कुछ नया करने को मिले, इसके लिए डिफेंस इंडस्ट्रीज कारिडोर को लेकर हम संजीदा हुई। विभिन्न मंचों पर अलीगढ़ के उद्यमियों की हिस्सेदारी को लेकर अपना पक्ष रखा। एसआइडीएम के सहयोग से हम आगे बढ़ेंगे। इनसर्ट बनेगी टैस्टिग लैब

नेशनल एग्रीडिटेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड कैलीव्रेशन लेवोरेट्रीज (एनएबीएल) के अधिकारी दीपक शर्मा ने कहा कि रक्षा हथियारों के कलपुर्जे व उपकरणों में प्रयोग किए जाने वाले कच्चे माल व बने उत्पाद की टेस्टिग लैब अलीगढ़ में बनेगी। गुणवत्ता बेहद जरूरी है। इसके निर्माण के लिए सरकर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है।

ये रहे मौजूद

बैठक में मंडलायुक्त गौरव दयाल, उद्योगपति स्पप्निल जैन, फेसिलिटेशन काउंसिल के सदस्य मनोज कुमार अग्रवाल, आइआइए के कोषाध्यक्ष जितेंद्र गोयल, असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड उत्तर प्रदेश के सदस्य मुकेश कुमार जिदल, राजेश अग्रवाल, आलोक झा, आदित्य बजाज, बीडी गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल, तरुण सक्सेना, राहुल अग्रवाल, ललेश सक्सेना, मधुकेश जिदल, अपूर्व अग्रवाल, पारस अग्रवाल, अंबरीश गर्ग, संजय गोयल, सुनील पांडेय आदि मौजूद थे।