अलीगढ़ में कारगर रहा टीका, संक्रमण नहीं, मरीज भी आसानी से ठीक Aligarh news

आंकड़ों पर गौर करें तो दूसरी लहर में करीब एक हजार मरीज संक्रमित हो चुके हैं,

कोरोना की दूसरी लहर भले ही तेजी से बढ़ रही हो मगर जिन लोगों ने टीके लगवा लिए हैं उनमें से कुछ को छोड़ दें तो सभी सुरक्षित है। जिले में 34 हजार से अधिक ने दोनों टीके व 1.44 लाख से अधिक ने पहला टीका लगवा लिया है।

Anil KushwahaWed, 21 Apr 2021 10:43 AM (IST)

अलीगढ़, जेएनएन ।  कोरोना की दूसरी लहर भले ही तेजी से बढ़ रही हो, मगर जिन लोगों ने टीके लगवा लिए हैं, उनमें से  कुछ को छोड़ दें तो सभी सुरक्षित है। जिले में 34 हजार से अधिक ने दोनों टीके व 1.44 लाख से अधिक ने पहला टीका लगवा लिया है। आंकड़ों पर गौर करें तो दूसरी लहर में करीब एक हजार मरीज संक्रमित हो चुके हैं, लेकिन इनमें से तीन-चार मरीज ही ऐसे पाए गए जो टीके लगवा चुके थे। राहत की बात ये भी है कि ऐसे मरीज भर्ती होने के बाद जल्दी ठीक हो गए। वायरस उनके श्वसन तंत्, फैंफड़ों व हृदय को नुकसान नहीं पहुंचा पाया। एसडीएम कोल रंजीत सिंह खुद ऐसे मरीजों में शामिल हैं, जो टीके लगवाने के बाद संक्रमित हुए और होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए। दीनदयाल अस्पताल की स्टाफ नर्स व हरदुआगंज सीएचसी का एलटी भी दोनों टीके लगने के बाद संक्रमित हुए। दोनों ही सामान्य उपचार से ठीक हो गए। 

टीकाकरण के बाद संक्रमण का खतरा नहीं  

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बीपीएस कल्याणी ने कहा कि दोबारा संक्रमित होने या फिर टीका लगने के बाद संक्रमण के मामले बहुत कम देखे जा रहे हैं। ज्यादातर ऐसे ही मरीज हैं, जो बार संक्रमित हुए। कुछ लोगों में टीके को लेकर अभी भी भ्रम है। टीका लगने से कोरोना वायरस मरता नहीं है और न संक्रमण से बचाता है। यह केवल संक्रमण से होने वाले नुकसान को रोकता है। अभी तक कोविड केयर सेंटरों में टीका लगने के बाद ऐसा कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ, जिसे आइसीयू में भर्ती करने की जरूरत पड़ी हो। आक्सीजन तक नहीं देनी पड़ी। इससे साफ है कि यह टीका कोरोना वायरस पर कारगर है। इसलिए अधिक से अधिक लोग टीकाकरण कराएं, ताकि इस वायरस को हराया जा सके। एक मई को 18 साल से अधिक को टीका लगना शुरू होगा। हालात ये हैं कि जिन्हें मौका मिल रहा है, वे सभी टीका लगवा लें।  

नहीं मिले मरीजों में लक्षण   

दीनदयाल अस्पताल स्थित कोविड केयर सेंटर के नोडल अधिकारी व पूर्व सीएमएस डा. बाल किशन ने बताया कि अब तक ऐसे तीन-चार मरीज ही यहां भर्ती हुए, जिन्हें दोनों टीके लगे थे। चिंता की बात ये है कि इनमें कोई लक्षण नहीं पाए गए और जल्दी ही ठीक हो गए। वैज्ञानिकों ने जितने भी खोज व अनुसंधान किए, वे जनता के हित में रहे। कोविड का टीका भी जनता के लिए हैं। यह कोरोना को लेकर भ्रम व भय निकालने का ब्रह्मास्त्र है। यह टीका बहुत जरूरी है। सभी लोगों को यह टीका लगवा लेना चाहिए। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.