Effect of Corona Curfew in Aligarh: पान मसाला व तंबाकू की हो रही है काला बाजारी

कोरोना संकट को लेकर मारा-मारी है। कुछ शातिरों ने इस आपदा को अवसर में बदल डाला है।

कोरोना संकट को लेकर मारा-मारी है। कुछ शातिरों ने इस आपदा को अवसर में बदल डाला है। मुनाफा खोरी व काला बाजारी के चलते खाद्यान वस्तुओं के दाम आसमां पर हैं। फुटकर बाजार में सरसों का तेल 170 रुपया प्रतिलीटर हो गया है।

Sandeep Kumar SaxenaFri, 23 Apr 2021 10:11 AM (IST)

अलीगढ़, जेएनएन। कोरोना संकट को लेकर मारा-मारी है। कुछ शातिरों ने इस आपदा को अवसर में बदल डाला है। मुनाफा खोरी व काला बाजारी के चलते खाद्यान वस्तुओं के दाम आसमां पर हैं। फुटकर बाजार में सरसों का तेल 170 रुपया प्रतिलीटर हो गया है। होली पर इसके भाव 150 रुपया प्रतिलीटर थे। इस खेल में कुछ ब्रांडेड कंपनियां भी शामिल हैं। गुटखा यानी पान मसाला व तंबाकू का पाउच पांच की जगह आठ रुपये का बिक रहा है।

हवा में उड़ रही मुनाफाखोरी रोकने का दावा

प्रशासन के मुनाफा खोरी रोकने के दावा को शातिर हवा में उड़ा रहे हैं। बांट-माप विभाग ने छिपैटी कन्फैक्शनरी सहित अन्य बाजारों में रेट लिस्ट चस्पा करने के निर्देश कारोबारियों को दिये थे। अलीगढ़ कन्फैक्शनरी एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर कुमार कुरकुरे ने इसकी पहल भी की थी। दुकानदारों से कोरोना संकट की इस घड़ी में मुनाफा खोरी व कालाबाजारी करने वालों का किसी भी स्तर पर साथ न देने का एलान भी किया था। मगर छिपैटी से लेकिर महावीरगंज दाल मंडी व घी मंडी में हर रोज खाद्य वस्तुओं पर दाम बढ़ रहे हैं। कारोबार से जुड़े सूत्र का कहना है कि रिफांइड व सरसों के तेल की ब्रांडेड कंपनियां एमआरपी बढ़ाकर उत्पादन के पैक पर देती है। इसका ही लाभ कुछ शातिर किस्म के दुकानदार लेते हैं। इनमें थोक कारोबारी और भी ज्यादा हवा देते हैं।

 ब्रांडेड कंपनी का रिफाइंड महंगा

होली पर ब्रांडेड कंपनी का रिफाइंड थोक रेट में 143 रुपया प्रति लीटर था। इसी तरह एक लीटर वाले 16 पैकेट की पेटी थोक बाजार में होली पर 1440 रुपये की थी, बुधवार को यही पेटी 1720 की बेची गई है। इसी तरह सरसों का तेल व वनस्पति घी पर भी रेट बढ़े हैं। अरहर की दाल पर तेजी भी इस हफ्ते तेजी आई है। यह होली पर थोक बाजार में 102 थी, यह अब 112 रुपया प्रतिकिलो फुटकर कारोबारी को मिल रही है। बाजार में ग्राहक को 120 से 130 रुपया प्रतिकिलो मिली हैं। चीनी 38रुपया प्रतिकिलो थी अब 36 रुपया प्रतिकिलो बिक रही है।

पान मसाला  पांच गुना महंगा

क्षेत्रीय कंपनियों का पान मसाला पांच रुपया वाला पान मसाला तंबाकू आठ रुपया का बाजार में बिक रहा है। हो गया है। 130 रुपये का 30 पाउच का पैकेट बाजार में बिकता था। फुटकर दुकानदार को यह 150 रुपये में बिकता था। अब यह सैल होती थी। पांच रुपया की एमआरपी है। बाजार में यह अब 190 से 200 रुपया प्रति पैकेट बिक रहा है।

ओवर रेटिंग रोकने के लिए टीम भ्रमण पर है। पिछले दिनों कन्फैक्सनरी बाजार छिपैटी में टीम ने भ्रमण भी किया था। साथ ही दुकानदारों से खाद्यान वस्तुओं की रेट सूची लगाने के निर्देश भी दिए थे। अब टीम बाजार में ग्राहक बनकर जाएगी। खासतौर से पान मसाला की बिक्री पर नजर रखी जाएगी।

- मनोज कुमार, वरिष्ठ निरीक्षक, बांट-माप विज्ञान विभाग

हम व्यापारियों को पहले ही आगाह कर चुके हैं, कि देश व प्रदेश घनघौर संकट में है। कोरोना की दूसरी जबर्दस्त लहर चल रही है। वे आपदा को शातिर तरीका से अवसर में न बदलें। मुनाफा खाेरों के साथ कभी व्यापार मंडल नहीं रहा है।

- विशाल भगत, महामंत्री, महावीरगंज खाद्यान व्यापार मंडल

मैं बाजार में राशन लेने गई थी। सरसों के तेल से लेकर दालों तक के भाव में 20 से 25 फीसद तक बढ़ोत्तरी देखने को मिली। होली पर सरसों का तेल 155 रुपया प्रतिलीटर था। आज 170 रुपया प्रतिलीटर मिला है। प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। लोग पहले से ही आर्थिक बदहाली से जूझ रहे हैं।

- अनीता सिंह, ग्राहक

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.