खानपान मे आए बदलाव के चलते अब गांव वाले भी शुगर व हाई ब्लड प्रेशर के रोगी Aligarh news

अलीगढ़ जागरण संवाददाता। शुगर और हाई ब्लड प्रेशर शहर और शहरियों की बीमारी मानी जाती है। इसका कारण शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी प्रदूषण खानपान की बदलती आदतें और दैनिक जीवन में बढ़ते तनाव को माना जाता है।

Anil KushwahaTue, 26 Oct 2021 05:36 AM (IST)
जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  शुगर और हाई ब्लड प्रेशर, शहर और शहरियों की बीमारी मानी जाती है। इसका कारण शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण, खानपान की बदलती आदतें और दैनिक जीवन में बढ़ते तनाव को माना जाता है। एक समय था जब डाक्टर ऐसे मरीजों को गांवों के लोगों की दिनचर्या व खानपान से सीख लेने के लिए प्रेरित करते थे। लेकिन, अब शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, लिवर संबंधी बीमारियां अब गांवों में पहुंच बना रही हैं। रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्यों मेलों में ऐसे आंकड़े सामने आए, जो विशेषज्ञों की चिंता को बढ़ा रहे हैं।

1880 मरीजों का स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण किया गया

जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों की छुपी हुई बीमारियों के बारे में पता करे उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इन मेलों में 1880 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 52 केंद्रों पर 807 पुरुष, 793 महिलाएं और 280 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इनमें बुखार के 171, आंखों के 49, त्वचा रोग के 421, एनीमिया के 34, लीवर के 10, सांस के 182, संभावित टीबी के चार, प्रसव पूर्व जांच के 105 तथा अन्य रोगों के 695 रोगी पाए गए हैं। हैरानी तब हुई डायबिटीज के 70 व हाई ब्लड प्रेशर के 38 मरीज पाए गए। सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी में ऐसे मरीज लगातार सामने आ रहे हैं।

इनका कहना है

बढ़ते शहरीकरण व मशीनीकरण ने गांव के जीवन को काफी प्रभावित किया है। युवाअों का रूझान खेतीबाड़ी से हटा है, जिसकी वजह जोत छोटी होना भी है। हर किसी के समक्ष रोजी-रोटी का संकट है। काफी संख्या ग्रामीण शहर में नौकरी-मजदूरी कर रहे हैं। इससे गांव का खानपान व रहन-सहन तेजी से बदल रहा है। जीवन में तनाव भी बढ़ा है। ऐसे तमाम कारण है, जिनसे शहरियों को होने वाली तमाम बीमारियों अब ग्रामीणों में दिखाई देने लगी है। गांव में शुगर व हाई ब्लड प्रेशर के मरीज मिलते थे, लेकिन इतने नहीं।

- डा. आनंद उपाध्याय, सीएमओ

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.