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DM Action Against Corruption:रिश्वत का वीडियो वायरल, तीन पर मुकदमा Hathras News

हाथरस[जेएनएन]: ठेकेदार से रिश्वत लेने के वीडियो के वायरल होने के बाद नगर पंचायत से लेकर कलेक्ट्रेट तक खलबली मची है। डीएम फौरन एक्शन में आ गए और उन्होंने ठेेकेदार समेत तीन कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दर्ज करा दिया है। डीएम ने कलक्ट्रेट के एलबीसी यानी स्थानीय निकाय लिपिक को उनके पद से हटा दिया है। इस पूरे मामले की जांच डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने सीडीओ आरबी भास्कर को सौंप दी है। प्रथम ²ष्टया वायरल हुए वीडियो के बारे में पता किया जा रहा है कि आखिर वह कब का है क्योंकि वीडियो में एक कर्मचारी हाफ स्वेटर पहने है। 

वीडियो ने खोली पोल

बता दें कि बीते शुकवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें दिखाया गया है कि नगर पंचायत पुरदिलनगर का एक कर्मचारी किसी व्यक्ति से रिश्वत ले रहा है। वीडियो में कलक्ट्रेट के एलबीसी यानी स्थानीय लिपिक सचिन उपाध्याय के नाम से रुपये लिए जा रहा हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया पर जारी हुआ तो खलबली मच गई। फौरन नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी रमा दुबे ने नगर पंचायत के कर्मचारी सुमन प्रकाश जैन और दूसरे कर्मचारी मंगेश कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

भ्रष्टाचार एक्ट में रिपोर्ट दर्ज

इस मामले में डीएम के निर्देश पर रिश्वत देने वाले ठेकेदार संजय चौधरी, नगर पंचायत के कर्मचारी सुमन प्रकाश जैन और दूसरे कर्मचारी मंगेश कुमार शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम एक्ट में कोतवाली सिकंदराराऊ में उप जिलाधिकारी विजय कुमार शर्मा ने मुकदमा दर्ज करा दिया है। इस मामले में डीएम ने वायरल में रकम के लेनदेन में कलक्ट्रेट के एलबीसी यानी स्थानीय लिपिक सचिन उपाध्याय के नाम पर चर्चा होने पर उनको पद से तत्काल हटा दिया है। 

सीडीओ करेंगे पूरे प्रकरण की जांच 

वीडियो वायरल में रिश्वत के मामले की जांच सीडीओ आरबी भॉस्कर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार को सौंप दी गई है। सीडीओ अब पूरे मामले के तथ्य जुटाने में लग गए हैं उनके साथ कुछ अफसरों की टीम भी शामिल है। 

दो बाबू व ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट

डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार का कहना है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरस हुआ था। प्रथम ²टया नगर पंचायत पुरदिलनगर के दो बाबू और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। दोनों बाबू निलंबित कराए हैं। आरोपों की आंच आने पर एलबीसी को हटाया गया है। जांच में दोषी मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्यवाही होगी। 

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