चार दिन से हो रही बारिश से फसलों को नुकसान, चिंता में डूबा किसान

पिछले कई दिन से रुक रुककर हो रही बारिश फसलों के लिए नुकसान पहुंचा रही है। इसमें सबसे अधिक नुकसान से सब्जियों की फसलों को हुआ है। कई जगह तो खेत में फसल अब भी पानी में डूबी हुई हैं। इस समस्या ने किसानों की चिताएं बढ़ा दी हैं।

Anil KushwahaSun, 19 Sep 2021 12:35 PM (IST)
पिछले कई दिन से रुक रुककर हो रही बारिश फसलों के लिए नुकसान पहुंचा रही है।

हाथरस, जागरण संवाददाता । पिछले कई दिन से रुक रुककर हो रही बारिश फसलों के लिए नुकसान पहुंचा रही है। इसमें सबसे अधिक नुकसान से सब्जियों की फसलों को हुआ है। कई जगह तो खेत में फसल अब भी पानी में डूबी हुई हैं। इस समस्या ने किसानों की चिताएं बढ़ा दी हैं।

विदाई की बेला में जमकर हो रही बारिश

बारिश ने इस बार सितंबर को भी खाली नहीं जाने दिया। पिछले कई दिनों से बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा है। सुबह से बादलों की आंख मिचौली चल रही थी। दोपहर में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। शाम को भी मौसम के मिजाज बदले हुए थे। इस बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। सहपऊ क्षेत्र के ग्राम खोंडा के खेतों में फसल जलमग्न हो गई हो गईं। जलभराव होने से धान, बाजरा व सब्जियों की फसलें नष्ट हो गईं। हालांकि रविवार को मौसम साफ दिख रखा था। आसमान पर छाए बादलों के बीच धूप व छांव आ जा रही थी।

हरी सब्जियों की फसलों को हैं नुकसान

बेमौसम की इस बारिश ने फसलों को भी नुकसान हो रहा है। फसलों में लोकी, करेला, तोरई, कद्दू, मिर्च, धनियां को नुकसान पहुंच रहा है। बारिश के नहीं थमने अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। केवीके के अध्यक्ष डा. रामपलट ने फसलों में भरे पानी को निकालने की सलाह किसानों को दी है। उन्होंने ने बताया कि विशेषज्ञ की राय पर रोगों से फसलों को बचाने के लिए किसान कीटनाशक का प्रयोग कर सकते हैं।

इनका कहना है

बेमौसम की बारिश से सबसे अधिक नुकसान सब्जी की फसलों को हुआ है। इससे फसलों कीट लगने से वह सड़ने लगी हैं।

- नीरज कुशवाह, किसान

सितंबर माह में फसलें पकने लगती हैं। उसमें पानी की अधिक जरूरत नहीं होती। खेतों में पानी भर जाने से फसलों को नुकसान पहुंचता है।

- मोनवीर सिंह, किसान

सैदरिया में रजबहा की पटरी कटने से जलमग्न हुई फसलें

सहपऊ। गांव के सैदरिया में शुक्रवार की रात रजबहा की पटरी कटने से कई बीघा फसल जलमग्न हो गई। शनिवार की सुबह इसकी जानकारी होने पर किसानों ने उसे रोकने का प्रयास करते हुए पानी को धाधऊ की ओर कर दिया। वहां के तीनों तालाब पानी से भर गए। वहां पहुंची सिंचाई विभाग की टीम ने कटी पटरी को ठीक कराया। केके गौतम, भूरी सिंह, राजवीर सिंह, नेमसिंह, महेंद्र, चंद्रपाल व अन्य ने अारोप सूचना मिलने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने नहर का पानी काफी देर बाद बंद कराया।

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