अलीगढ़ में सड़कें बन रही काल, यहां हर दिन जा रही किसी एक की जान Aligarh news

जिले में हाईवे व जीटी रोड समेत कई सड़कें काल बन रही हैं। रोजाना होेने वाले सड़क हादसों में किसी न किसी की जान चली जा रही है। इससे सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ने लगा है। एक सप्ताह में ही 16 से अधिक लोगों ने जान गवांई।

Anil KushwahaSat, 31 Jul 2021 09:21 AM (IST)
जिले में हाईवे व जीटी रोड समेत कई सड़कें काल बन रही हैं।

अलीगढ़, जेएनएन।  जिले में हाईवे व जीटी रोड समेत कई सड़कें काल बन रही हैं। रोजाना होेने वाले सड़क हादसों में किसी न किसी की जान चली जा रही है। इससे सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ने लगा है। पिछले एक सप्ताह में ही 16 से अधिक लोग इन हादसों में अपनी जान गवां चुके हैं। जबकि इस सप्ताह को सड़क सुरक्षा एवं जागरुकता सप्ताह के रूप में मनाया गया है। परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को विभिन्न माध्यमों के जरिए काफी जागरुक किया है। इसके बाद बढ़ते हादसे चिंता बढ़ा रहे हैं।

यातायात नियम तोड़ना सही नहीं

सड़क पर वाहन संचालन के दौरान यातायात नियमों को तोडऩा किसी भी तरह से सही नहीं है। नियमों को ताक पर रखकर अधिक रफ्तार में गाड़ी चलाना सबसे अधिक जानलेवा साबित हो रहा है। निर्धारित सीमा से अधिक रफ्तार से वाहन चलाने से ज्यादा हादसे होते हैं। तेज रफ्तार से चालक का वाहन से नियंत्रण खत्म हो जाता है। सड़के भले ही ऊबड़-खाबड़ हों और उनमें गड्ढे बने हों लेकिन यदि वाहन चालक का नियंत्रण है तो हादसे टल सकते हैं।

तेज रफ्तार पड़ रही जिंदगी पर भारी

वाहनों की बढ़ती रफ्तार जिंदगी पर खासी भारी पड़ रही है। इसमें ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग भी कुछ नहीं कर पा रही है। देश में होने वाले हादसों से चिंतित सरकार ने वाहन चालकों को जागरूक करने का अभियान छेड़ रखा है, इसके बाद भी वाहनों की रफ्तार से कोई समझौता न करना लगातार हादसों का कारण बन रहा है।

बढ़ रहा हादसों का ग्राफ

जिले में वर्ष 2019-20 में सड़क दुर्घटनाओं में 64 प्रतिशत मौतें अधिक रफ्तार से वाहन चलाने पर हुई हैं। यही हाल इस साल भी है। प्रदेश भर में होने वाले सड़क हादसों के मामले में लखनऊ पहले, आगरा छठवें व अलीगढ़ 11 वें स्थान पर है। इन हादसों में होने वाली मौत के मामले में कानपुर सिटी पहले, आगरा तीसरे व अलीगढ़ आठवें स्थान पर है। इस साल भी अब तक 352 हादसों में 223 लोग जान गवां चुके हैं और 563 लोग घायल होकर जीवन भर का दंश झेलने को मजबूर हैं। सबसे चिंताजनक बात है कि इनमें से ऐसे 169 दोपहिया सवार अकाल मौत के मुंह में समा गए जो बिना हेलमेट ही वाहन चला रहे थे।

पिछले पांच साल में हुए सड़क हादसे

वर्ष, हादसे, मृतक, घायल

2017, 810, 451, 702

2018, 839, 466, 817

2019, 929, 530, 928

2020, 472,314, 463

2021, 352,223, 563

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(नोट: सभी आंकड़े 30 जुलाई 2021 तक)

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इनका कहना है

वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए ट्रैफिक सप्ताह व ट्रैफिक माह का अभियान चलाया जाता है। फिर भी वाहन चालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ चालान, जुर्माना व सीज के साथ ही उनके डीएल को निरस्त तक करने की कार्रवाई की जा रही है।

- सतीश चंद्र, एसपी ट्रैफिक

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