अलीगढ़ में नौ माह में 90 मीटर नाला न बना सका निगम, ये है वजह

अलीगढ़ जागरण संवाददाता। गंदगी जलभराव शहर की नियति नहीं अनियोजित विकास का नतीजा है। विकास कार्यों की योजनाएं बनाकर इन्हें जमीन पर उतारने का ढिंढोरा पीटने वाले अफसर अधूरे निर्माण कार्य भी पूरे नहीं करा पा रहे इसका खामियाजा शहरी भुगत रहे हैं।

Anil KushwahaMon, 29 Nov 2021 08:11 AM (IST)
गंदगी, जलभराव शहर की नियति नहीं, अनियोजित विकास का नतीजा है।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। गंदगी, जलभराव शहर की नियति नहीं, अनियोजित विकास का नतीजा है। विकास कार्यों की योजनाएं बनाकर इन्हें जमीन पर उतारने का ढिंढोरा पीटने वाले अफसर अधूरे निर्माण कार्य भी पूरे नहीं करा पा रहे। शाहजमाल इलाके में जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए जिस नाले की नींव तीन साल पहले रखी गई थी, वो अब तक पूरा नहीं हो सका। जंगलगढ़ी में 90 मीटर हिस्सा शेष है, जिसे बनाने का भरोसा नौ माह से दिया जा रहा है। फरवरी में निर्माण कार्य बंद हुआ तो फिर शुरू न हो सका। इसके चलते क्षेत्र में बिन बारिश जलभराव के हालात बन जाते हैं। गंदगी-दुर्गंध से लोगों का बुरा हाल है। जागरण आपके द्वार कार्यक्रम के तहत रविवार को जागरण टीम ने यहां हालात का जायजा लिया।

मानसून में हालात बद से बदतर होते हैं

देहलीगेट क्षेत्र के शाहजमाल, एडीए कालोनी, खैर रोड, गौंडा रोड इलाके में जलभराव की समस्या बनी रहती है। कोई नाला चोक हो जाए तो सड़कों पर पानी भरने लगता है। मानसून में तो हालात और बुरे हो जाते हैं। इस समस्या को लेकर कई बार विरोध-प्रदर्शन हुए। नगर निगम की बोर्ड बैठकों में मुद्दा उठाया गया। तब क्षेत्र में नाला बनाने पर सहमति बनी। 2018 में सराय मियां, जंगलगढ़ी से होकर नाला निर्माण कार्य शुरू हुआ था। कैलाश गली की पुलिया से सराय काबा की पुलिया तक करीब 90 मीटर नाला बनना शेष रह गया। फरवरी में निर्माण विभाग ने काम बंद कर दिया। मानसून में हालात और बिगड़ गए। पहले नालियों के जरिए थोड़ा बहुत पानी निकल जाता था। नाला निर्माण के चलते नालियां बंद हो गईं। इससे पानी घरों के आगे भरने लगा। नाले का जो हिस्सा बन चुका था, वह कचरे से अटा पड़ा है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि कई बार नगर निगम अफसरों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। नाले में गंदगी जमा होने से बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। नाले का जो हिस्सा शेष है, वहां बाउंड्री भी नहीं कराई गई। इसमें जानवर गिर जाते हैं।

इनका कहना है

नाला न बनने से काफी समस्या हो रही है। जल निकासी नहीं हो रही। गंदा पानी सड़कों पर भरा रहता है। गंदगी-दुर्गंध से बुरा हाल है।

अकील कुरैशी, जंगलगढ़ी

आठ-नौ महीने हो गए, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो रहा। कई दफा शिकायत कर चुके हैं। मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।

अनस, जंगलगढ़ी

नगर निगम अफसरों को जनता की समस्याएं देखनी चाहिए। बारिश के दिनों में काफी परेशानी होती है। नालियां भी चोक पड़ी हुई हैं।

सलीम, सराय मियां

अब तक तो नाला पूरा बन जाना चाहिए था। कुछ हिस्सा ही रह गया है, इसे बनाने में न जाने नगर निगम को क्या तकलीफ हो रही है।

मोइनुद्दीन, शाहजमाल

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इनका कहना है

कोरोना के चलते कुछ प्रोजेक्ट अधूरे रह गए थे, जिन्हें पूरा कराया जा रहा है। नाले का जो हिस्सा शेष रह गया है, उसे जल्द ही बना दिया जाएगा।

अशोक भाटी अधिशासी अभियंता, निर्माण विभाग नगर निगम

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